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रिनपास में दवा की कमी, मरीज बाहर से खरीद रहे हैं दवा

छह माह पहले ही खत्म हो गया फंड

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Ranchi : रिनपास में दवा के लिए निर्धारित फंड की राशि छह माह पहले ही खत्म हो गयी. दवा उपलब्ध कराने वाले सप्लायर को भी उसका भुगतान नहीं मिल पा रहा है. दवा का स्टॉक मात्र दो से तीन माह का ही उपलब्ध है. ऐसे में दवा की कमी कब हो जायेगी यह कहा नहीं जा सकता. ऐसा ही हाल बीते वित्तीय वर्ष में भी देखा चुका है. ऐसी स्थिति इस वर्ष भी उत्पन्न हो चुकी है. दवाओं की कमी का खामियाजा मरीजों को भुगतना पड़ सकता है. रिनपास के लेखा पदाधिकारी ने बताया कि दवा, सुरक्षाकर्मी एवं सेनिटेशन के लिए पुन: बजट तैयार किया जा रहा है. लगभग तीन करोड़ रुपए फंड की मांग की जायेगी.

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वेतन मद में 14 करोड़ 19 लाख की राशि

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वित्तीय वर्ष 2018-19 के लिए रिनपास में 14 करोड़ 19 लाख 65 हजार रुपए का बजट तैयार किया गया था. जबकि हॉस्पिटल मेंटेंनस के लिए 10 करोड रुपए का प्रावधान अलग से है. इसके बाद भी रिनपास दवाओं की कमी से जूझ रहा है. यहां आने वाले मरीजों को दवाईयां उपलब्ध नहीं हो पा रही है. मरीज बाहर से दवा खरीदने के लिए मजबूर है. अपने बेटी का इलाज कराने आई मीना देवी ने बताया कि उनकी बेटी के लिए हर महीने 1500 रुपए का दवा बाहर से लेना पड़ता है. कुछ दवाईयां अस्पताल से मिल जाता हैं लेकिन बाहर से भी दवा खरीदना पड़ता है. बाहर से दवा खरीदना काफी मंहगा पड़ता है.

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प्रतिदिन 300 से 400 मरीज आते हैं इलाज कराने

रिनपास में प्रतिदिन लगभग 300 से 400 मरीज अपना इलाज कराने प्रतिदिन आते हैं. हॉस्पिटल में रजिस्ट्रेशन शुल्क के रूप में मात्र 20 रुपए लगता है. बाकी अन्य सभी मेडिकल सुविधा मरीज को नि:शुल्क मिलता है. दवा, जांच, एक्स-रे सभी नि:शुल्क ही मिलता है. लेकिन दवा का फंड नहीं रहने से मरीजों को नि:शुल्क दवा उपलब्ध नहीं हो पा रहा है. कई ऐसी महत्वपूर्ण दवाईयां हैं जिसे मरीज के परिजनों  बाहर से खरीद रहे हैं. बाहर से आने वाले गरीब परिवार के लिए यह अलग परेशानी का सबब बन रहा है.

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