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इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी से इस साल भी हजारीबाग, पलामू और दुमका मेडिकल कॉलेजों में नहीं हो पाएगा नामांकन

रिम्स, एमजीएम और पीएमसीएच में ही हो पायेगा एडमिशन

Ranchi : राज्य के छह मेडिकल कॉलेजों में से इस साल भी तीन ही मेडिकल कॉलेजों में एडमिशन होगा. ऐसा इसलिए होगा क्योंकि पलामू, हजारीबाग और दुमका मेडिकल कॉलेजों में फैकल्टी, इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी दूसरे साल भी है. यह दूसरा साल है जब राज्य के स्टूडेंट्स को नये मेडिकल कॉलेज में पढाई करने से वंचित होना पड़ेगा. राज्य सरकार और विभागीय उदासीनता की वजह से ऐसा हो रहा है.

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पहले साल से ही है कॉलेजों में कमी

हजारीबाग, पलामू और दुमका में मेडिकल कॉलेज का शुभारंभ 17 फरवरी 2019 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया था. इन मेडिकल कॉलेजों में एडमिशन के पहले साल से ही कमी रही है. साल 2019 के पहले बैच में एडमिशन की अनुमति तो नेशनल मेडिकल कमीशन ने दे दी पर साल 2020 में व्यवस्था ठीक नहीं होने का हवाला देकर नेशनल मेडिकल कमीशन ने एडमिशन पर रोक लगा दी. इसके बाद सीएम हेमंत सोरेन ने नामांकन की अनुमति के लिए पत्र लिखा पर नेशनल मेडिकल कमीशन की ओर से एप्रूवल नहीं मिल सकी. इस वजह से साल 2020 में एडमिशन नहीं हो सका. साल 2021 में भी कमियों को दूर नहीं किया गया. ऐसे में इस साल भी एडमिशन नहीं हो पायेगा.

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12 सितंबर को होगा नीट

मेडिकल कॉलेजों में एडमिशन के लिए नीट 12 सितंबर को लिया जायेगा. इसके लिए एप्लीकेशन शुरू हो चुका है. लेकिन कमियों को कब तक दूर कर लिया जायेगा इसे लेकर कुछ भी स्पष्ट नहीं है. बताते चलें कि नीट स्कोर के आधार पर झारखंड में एडमिशन की बात करें तो यहां सात मेडिकल कॉलेज हैं. जिसमें से छह कॉलेज झारखंड सरकार चलाती है. वहीं एक प्राइवेट कॉलेज है.

राज्य सरकार की ओर से जो कॉलेज चलाये जाते हैं वे एमजीएम जमशेदपुर, पीएमसीएच धनबाद, रिम्स रांची, दुमका मेडिकल कॉलेज दुमका, पलामू मेडिकल कॉलेज पलामू और हजारीबाग मेडिकल कॉलेज हजारीबाग हैं. जो प्राइवेट कॉलेज है वो मणिपाल टाटा मेडिकल कॉलेज बारीडीह जमशेदपुर है. इन सात मेडिकल कॉलेज में 780 सीट है. बीते साल नये मेडिकल कॉलेजों में एडमिशन के लिए परमिशन नहीं मिल पाने कि वजह से 330 सीट में ही एडमिशन हुआ.

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ऐसी है सीटों की संख्या

एमजीएम जमशेदपुर : 100
पीएमसीएच धनबाद : 50
रिम्स रांची : 180
मणिपाल टाटा मेडिकल कॉलेज बारीडीह जमशेदपुर : 150
दुमका मेडिकल कॉलेज दुमका : 100
पलामू मेडिकल कॉलेज पलामू : 100
हजारीबाग मेडिकल कॉलेज हजारीबाग : 100

क्या कहते हैं विभागीय सचिव

स्वास्थ्य एवं मेडिकल एजुकेशन विभाग के सचिव अरुण कुमार सिंह ने कहा कि नये मेडिकल कॉलेजों में फैकल्टी की कमी है. वहीं इंफ्रास्ट्रक्चर भी कम है. कॉलेजों को फैकल्टी इसके लिए नियुक्ति नियमावली में बदलाव किया जा रहा है. नयी नियमावली आते ही बहाली होगी. रही बात इंफ्रास्ट्रक्चर की तो इसके लिए भी प्रयास किये जा रहे हैं.

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