JamtaraJharkhand

कोरोना के कारण जिले में नहीं लगा रोजगार मेला, जिला नियोजन कार्यालय में 11 हजार 488 बेरोजगार हैं निबंधित

Anwar Hussain

कोरोना काल में लाखों युवा बेरोजगार हुए. इसकी भरपाई सरकार नहीं कर पायी. ऊपर से प्रति वर्ष लगने वाला रोजगार मेला भी प्रभावित हुआ. इस वर्ष नवंबर का महीना आ गया. लेकिन अभी तक एक भी रोजगार मेला का आयोजन नहीं किया गया. बता दें कि साल में तीन बार रोजगार मेला का आयोजन जिला प्रशासन की ओर से किया जाता था.

देश की नामी गिरामी कंपनियां आती थीं. जिसमें सैकड़ों बेरोजगार युवाओं को रोजगार मिलता था. ऐसे में कोरोना काल में जिले के हजारों युवा बेरोजगार हुए. ऊपर से जिला प्रशासन का भी रोजगार मेला नहीं लगा.

Chanakya IAS
SIP abacus
Catalyst IAS

बता दें कि जामताड़ा साइबर ठगी के नाम से भी चर्चे में रहा है. बेरोजगार युवकों को रोजगार नहीं मिलने से न चाहकर भी इस ओर भी खिंचाव हो जाता है. जिले में कोई उद्योग या कल कारखाने नहीं हैं. इसलिए भी बेरोजगारों का साइबर क्राइम की और खिंचाव हो जाता है.

The Royal’s
MDLM
Sanjeevani

इसे भी पढ़ेंः ‘आदिवासी लोककथाएं न सौ फीसदी सच हैं न एकदम से झूठ’

जिला नियोजन कार्यालय में 11 हजार 488 बेरोजगारों का है निबंधन

जिला में बेरोजगार युवाओं की बात करें तो स्किल्ड व अनस्किल्ड मजदूरों की संख्या 50 हजार के आसपास है. देश की विभिन्न कंपनियों में काम करनेवाले स्किल्ड व अनस्किल्ड मजदूर घर लौट गए हैं. कुछ कंपनियों ने दोबारा काम शुरू किया है. इससे कुछ मजदूर काम पर लौट गए हैं. वहीं शिक्षित बेरोजगार युवाओं की बात करें तो जिले में 11 हजार 488 निबंधित बेरोजगार हैं. लेकिन कोई वेकेंसी नहीं है.

इसके अलावे उच्च शिक्षित बेरोजगार युवाओं का जिला नियोजन कार्यालय में निबंधन नहीं किया जाता है. उन्हें दुमका नियोजन प्रमंडल कार्यालय में ट्रांसफर कर दिया जाता है. इस प्रकार मास्टर डिग्री व टेक्निकल शिक्षित बेरोजगार यानी बीटेक, एमटेक को दुमका प्रमंडल नियोजन कार्यालय भेज दिया जाता है. कार्यालय के अनुसार इस वर्ष उच्च शिक्षित लगभग 400 बेरोजगारों को दुमका ट्रांसफर किया गया है.

इसे भी पढ़ेंः छात्रों को नहीं मिला सितंबर तक का चावल और पैसा

 

जिला नियोजन कार्यालय में योग्यतानुसार निबंधित बेरोजगारों की संख्या इस प्रकार से है:

मैट्रिक 6475
नॉन मैट्रिक 304
बीए 2515
बीएससी 650
बीकॉम 412
डिप्लोमा 186
कंप्यूटर 238
आईटीआई 708

क्या कहते हैं अधिकारी

 

जिला नियोजन पदाधिकारी प्रीती कुमारी ने कहा कि कोरोना को लेकर इस वर्ष रोजगार मेला नहीं लगा है. इस बार कोई लक्ष्य भी नहीं मिला है. जामताड़ा छोटा निबंधन कार्यालय है. इसलिए उच्च योग्यता वालों को दुमका रेफर कर दिया जाता है.

इसे भी पढे़ंः ‘यह मेरा अंतिम चुनाव है’- नीतीश कुमार का बड़ा दांव या पराजय के एहसास की अभिव्यक्ति?

Related Articles

Back to top button