Jamshedpur

कोरोना के चलते नहीं लगा दोमुहानी का टुसू मेला, फिर भी उम्मीद में परिवार के साथ पहुंचे लोग

Jamshedpur : झारखंड में बढ़ते कोरोना संक्रमण के मामले देखते हुए राज्य सरकार की ओर से बड़े आयोजन और मेलों पर लगायी गयी रोक के कारण जमशेदपुर के दोमुहानी में होनेवाले टुसू मेला नहीं हुआ. इससे लोग निराश हैं. हर साल सोनारी में खरकई और स्वर्णरेखा नदी के संगम दोमुहानी पर विशाल टुसू मेला लगता था. इसमें लाखों लोग जुटते थे. इसमें बच्चे, बूढ़े और जवान, ग्रामीण और शहरी सभी तरह के लोगों का जमशेदपुर के आसपास के ग्रामीण इलाकों से आने वाली झांकियों को देखने तथा मेला घूमने के लिए जुटान होता था. तरह-तरह के झूले, चाट और खाने-पीने के स्टॉल व ठेले, खिलौने, हस्तशिल्प की वस्तुएं और तोते तथा अन्य छोटे पशु-पक्षियों की बिक्री इस मेला का मुख्य आकर्षण होती थी. इसके अलावा मुर्गा लड़ाई देखने भी काफी संख्या में लोग इस मेले में आते थे.

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मेले की उम्मीद में आये थे कई परिवार

इस बार दोमुहानी में मेला नहीं लगा है, फिर भी काफी संख्या में लोग इस उम्मीद से दोमुहानी पहुंचे थे कि शायद वहां मेला लगा हो. हालांकि मकर संक्रांति होने के कारण दान लेनेवाल नदी की तरफ जानेवाले रास्ते में कतार लगाकर बैठे थे. बड़ी संख्या में लोगों ने नदी तट पर जाकर फोटोग्राफी की. इसके अलावा वहां ऊंट पर सैर करानेवाले लोग भी थे. कई लोग, खासतौर पर बच्चे ऊंट की सवारी का लुत्फ लेते दिखाई दिये. दोमुहानी संगम पर पहुंची एक महिला दीपा मुखी ने बताया कि वे कोरोना काल से पहले हर साल टुसू मनाने परिवार के साथ दोमुहानी आया करती थीं. इस बार मेला नहीं लगने के कारण और छुट्टी का दिन होने के चलते वह अपने पति के साथ यहां आयी हैं. वहीं पर एक अन्य वयक्ति नरेश कुमार ने बताया कि स्कूल बंद रहने से पिछले 2 साल से बच्चे घरों में बंद हैं. इस वजह से वे बच्चों को लेकर यहां घूमने आये हैं. बच्चों को टुसू का महत्व भी बताना जरूरी है. उन्होंने कहा कि अब हम लोगों को कोरोना संक्रमण के साथ जीना सीख लेना चाहिए.

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