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नशा या रोमांच, इंजीनियरिंग के छात्र भी दिनदहाड़े कर रहे हैं छिनतई

पुलिस की भी सोचने पर मजबूर, आखिर अपराध का रास्ता पकड़ने के पीछे अच्छे घर-परिवार के युवकों की क्या है मजबूरी

Raj kishore

कल तक क्रिमिनल बैकग्राउंड वाले, आदतन अपराधी किस्म के लोग ही अपराध करते थे लेकिन आज के हमारे इस तथाकथित सभ्य समाज में पढ़े-लिखे लोग और संभ्रांत घरों के बच्चे भी अपराध में संलग्न हैं. ऐसा नहीं है कि अशिक्षा, अज्ञानता, गरीबी या मजबूरी के चलते आज हमारे समाज में अपराध बढ़ रहा हो. आज केवल एडवेन्चर या नशे की लत भी हमारे छोटे-छोटे बच्चों को अपराध की दुनिया में खींच रही है.

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Jamshedpur :  अब इसे शौक कहें या रोमांच, क्योंकि इंजीनियरिंग की पढ़ाई करनेवाले और अच्छे-संपन्न घर के किसी लड़के की यह मजबूरी तो हो नहीं सकती कि वह राह चलती महिलाओं और युवतियों से छिनतई की घटना को अंजाम दे, लेकिन शहर में ऐसे भी मामले सामने आने लगे हैं. इससे पुलिस भी सोचने पर मजबूर हो गई है कि आखिर इस तरह के युवक छिनतई जैसी घटनाओं को क्यों अंजाम दे रहे हैं? हम बात कर रहे हैं शुक्रवार और गुरुवार को दिनदहाड़े लगातार हुई छिनतई की दो घटनाओं की. इसमें पुलिस के हत्थे चढ़े दोनों युवक पढ़ने-लिखनेवाले और अच्छे घर परिवार से हैं. मामले में गिरफ्तार न्यू बाराद्वारी का निरंजन दुवान उड़ीसा में इंजीनियरिंग की पढ़ाई करता है, जबकि उसका सहयोगी न्यू बाराद्वारी का ही रहनेवाला राजकमल गोराई भी पढ़ने-लिखनेवाला युवक होने के साथ शहर के एक जाने-माने डॉक्टर का नजदीकी रिश्तेदार है. इससे पुलिस भी सोचने पर मजबूर हो गई है कि आखिर किस मजबूरी में ऐसे युवक छिनतई जैसी घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं. नतीजा यही सामने आ रहा है कि इस तरह की घटनाओं को अंजाम देना इन युवकों की शौक या रोमांच ही है. हालांकि आगे मामले की जांच की जा रही है.

रेकी कर महिलाओं और युवतियों को बनाते थे निशाना

पुलिस की जांच में यह बात सामने आई है कि दोनों युवक रेकी कर महिलाओं और युवतियों को निशाना बनाते थे. उनकी सोच थी कि महिलाएं या युवतियां घटना के दौरान तत्काल रिएक्ट नहीं कर पायेगी. वे उन्हें अपना सॉफ्ट टारगेट समझ उनके पीछे लग जाते थे, फिर सुनसान जगह देख कर छिनतई कर बाइक से तेजी से फरार हो जाते थे. शुक्रवार को सर्किट हाउस गोलचक्कर के पास जिस श्वेता कुमारी से दोनों ने छिनतई की घटना को अंजाम दिया, उसका पीछा दोनों युवक सोनारी साईं मंदिर के पास से ही कर रहे थे. कुछ इसी तरह साकची जेल रोड स्थित आबकारी विभाग कार्यालय के समक्ष रिक्शा के साथ पिता के साथ जा रही लड़की से भी दोनों ने पर्स की छिनतई की थी. हालांकि पुलिस की तत्परता से दोनों घटनाओं का एक के बाद एक जल्द खुलासा हो गया. इससे लोगों में बने भय का माहौल भी कम हुआ है.

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बंगाल-उड़ीसा जाकर मोबाइल बेचने  की फिराक में थे

पुलिस जांच में यह भी बात सामने आई है कि दोनों युवकों ने घटना के बाद छीनी गई मोबाइल को स्विच ऑफ कर दिया था. वे कुछ दिनों बाद पश्चिम बंगाल या उड़ीसा जाकर मोबाइल बेचने के फिराक में थे. जबकि,  लूट के पैसे से युवक मजा करना चाहते थे. हालांकि पुलिस की त्वरित कार्रवाई ने दोनों के मंसूबे पर पानी फेर दिया. छिनतई की घटना को अंजाम देनेवालों की गिरफ्तारी के साथ पुलिस ने छीना गया सामान भी बरामद कर लिया है.

आपराधिक रिकॉर्ड की हो रही है जांच

फिलहाल तो पुलिस की जांच में यही बात सामने आई है कि पकड़े गए दोनों युवकों का शहर में पूर्व में कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है. हालांकि शहर से सटे सरायकेला-खरसावां जिले के आदित्यपुर और गम्हरिया पुलिस से भी जमशेदपुर पुलिस ने यह जानने के लिए संपर्क साधा है कि कहीं पकड़े गए युवक निरंजन और राजकमल का वहां कोई ऑपराधिक रिकॉर्ड दर्ज तो नहीं है. वहीं, इनके गिरोह में अन्य सदस्य तो शामिल नहीं है? पुलिस इसकी भी जांच कर रही है.

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