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मुकेश अंबानी की RIL में हिस्सेदारी खरीदने वाली सऊदी अरब की कंपनी  #ARAMCO के दो सेंटरों पर ड्रोन हमला

सऊदी अरब के गृह मंत्री ने कहा कि अरामको के फैसिलिटी सेंटर्स पर हुए ड्रोन हमलों के कारण आग लगी थी.

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Riyadh : दुनिया की सबसे अमीर तेल कंपनियों में शुमार की जाने वाली कंपनी सऊदी अरब ARAMCO के दो फैसिलिटी सेंटरों में शनिवार सुबह आग लग गयी. सऊदी अरब के गृह मंत्री ने कहा कि अरामको के फैसिलिटी सेंटर्स पर हुए ड्रोन हमलों के कारण आग लगी थी. मंत्रालय की ओर से जारी बयान में कहा गया कि तड़के चार बजे औद्योगिक सुरक्षा बलों ने फायरिंग का जवाब दिया. खबरो के अनुसार अबकैक और खुराइस स्थित फैसिलिटी सेंटर्स पर ड्रोन हमला किया गया है.

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अरामको को आतंकवादी निशाना बनाते रहे हैं

सऊदी अरामको सऊदी अरब की राष्ट्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस कंपनी है. यह राजस्व के मामले में दुनिया की कच्चे तेल की सबसे बड़ी कंपनी है. हाल ही में भारतीय अरबपति मुकेश अंबानी की रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड ने अरामको को अपने पेट्रोकेमिकल बिजनेस की 20 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचने का फैसला किया है.

जान लें कि अरामको को आतंकवादी निशाना बनाते रहे हैं. अल-कायदा के आत्मघाती विस्फोटकों ने फरवरी 2006 में इस तेल कंपनी पर हमला करने की कोशिश की थी लेकिन वे नाकाम रहे थे.

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आग पर काबू पा लिया गया है

जानकारी दी गयी कि दोनों जगहों पर लगी आग पर काबू पा लिया गया है, मंत्रालय ने कहा कि फिलहाल देश के पूर्वी हिस्से में हुए ड्रोन अटैक को लेकर जांच की जा रही है . यह पता लगाने की कोशिश हो रही है कि आखिर इन हमलों के पीछे कौन था. जान लें कि पिछले माह भी अरामको के नैचरल गैस के फैसिलिटी सेंटर पर अटैक हुआ था. हालांकि इसमें किसी भी तरह का जान-माल का नुकसान नहीं हुआ था. इस हमले की जिम्मेदारी यमन के हथियारबंद हूथी विद्रोही संगठन ने ली थी.

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हूथी लड़ाकों ने क्रॉस-बॉर्डर मिसाइलों से सऊदी अरब के एयर बेस पर हमले किये हैं

खबरों के अनुसार पिछले कुछ महीनों में हूथी लड़ाकों ने क्रॉस-बॉर्डर मिसाइलों के जरिए सऊदी अरब के एयर बेस पर हमले किये हैं. जान लें कि इस साल मई महीने से ही खाड़ी क्षेत्र में तनाव की स्थिति बरकरार है. यहां तक कि जून में अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने ईरान पर हवाई हमले तक का ऐलान कर दिया था, लेकिन अंत में अपने फैसले से पीछे हट गये

इस हमले से विश्व शक्ति के साथ परमाणु समझौते को लेकर अमेरिका और ईरान के आमने-सामने होने के बीच तनाव बढ़ने की संभावना है. अब्कैक में फिल्मायी ऑनलाइन वीडियो में पीछे से गोलियां चलने की आवाज सुनाई दे रही हैं और संयंत्र से उठ रही लपटें दिखाई दे रही हैं.

हूती ग्रुप के एक प्रवक्ता ने कहा, हमले के लिए 10 ड्रोन भेजे गये थे

यमन में ईरान से जुड़े हूती ग्रुप के एक प्रवक्ता ने कहा है कि हमले के लिए 10 ड्रोन भेजे गये थे. सैन्य प्रवक्ता याह्या सारए ने अल-मसिरह टीवी से कहा कि सऊदी पर भविष्य में ऐसे हमले और हो सकते हैं. याह्या ने कहा, यह हमला बड़े हमलों में से एक है जिसे हूती बलों ने सऊदी के भीतर अंजाम दिया. इस हमले में सऊदी शासन के भीतर के प्रतिष्ठित लोगों की मदद मिली है. हालांकि सऊदी के अधिकारियों ने हूती के दावे पर कोई टिप्पणी नहीं की है.

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