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11 महीने में भी योग्य कर्मियों का नाम फाइनल नहीं कर पा रहा पेयजल विभाग, धीमी पड़ रही JJM और SBM प्रोग्राम की रफ्तार

Ranchi/Ramgarh : जल जीवन मिशन (JJM) और स्वच्छ भारत मिशन (SBM) प्रोग्राम को गति देने को योग्य कर्मियों की तलाश में पेयजल विभाग के पसीने छूट रहे हैं. रामगढ़ जिले में इसे लेकर पिछले 11 माह से कवायद जारी है. जिला समन्वयक (District SLWM Coordinator, MIS Coordinator, IEC Coordinator, District SBM-Cum SLWM Coordinator) के पदों पर नियुक्ति का आलम ऐसा है कि तीन-तीन बार मेरिट लिस्ट जारी किए जाने के बावजूद जिला जल एवं स्वच्छता समिति, रामगढ़ के हाथ खाली हैं. जनवरी, 2022 में जारी किये गये विज्ञापन के आधार पर समन्वयकों की बहाली का मसला अब तक अटका ही पड़ा है. हालांकि इसके अलावे प्रखंड एवं एकाउंटेंट पदों पर नियुक्ति प्रक्रिया ज्यों की त्यों पड़ी हुई है. सिमडेगा, खूंटी जैसे जिलों में समन्वयकों सहित दूसरे पदों के लिये जारी विज्ञापनों के आधार पर महीनेभर में नियुक्ति प्रक्रिया पूरी कर ली गयी. पर रामगढ़ में मेरिट लिस्ट फाइनल हो जाने के बावजूद नियुक्ति प्रक्रिया अधर में है. इससे JJM और SBM प्रोग्राम की रफ्तार पर असर पड़ रहा है. दबी जुबान में सेलेक्टेड कैंडिडिट भी अपने कैरियर को लेकर चिंतित हैं.

यह रही अब तक प्रक्रिया

रामगढ़ जिला जल एवं स्वच्छता समिति प्रकल्प (रामगढ़ जिला प्रशासन और पेयजल विभाग) की ओर से 21 जनवरी को केंद्र संपोषित स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) एवं जल जीवन मिशन के लिए योजना के कार्यान्वयन हेतु जिला स्तर पर सृजित पदों के विरूद्ध आवेदन आमंत्रित किया गया था. संविदा पर इनकी नियुक्ति होनी है. समन्वयकों के लिए 8 फरवरी 2022 तक आवेदन मंगाये गये. प्रारंभिक मेधा सूची का प्रकाशन 15 फरवरी को किये जाने की सूचना दी गयी. इस सूची पर 22 फरवरी तक आपत्ति मंगायी गयी. 26 फरवरी को लिखित परीक्षा के बाद 4 अप्रैल को इंटरव्यू लिये जाने की सूचना थी. इसके बाद पहला मेरिट लिस्ट 22 फरवरी को निकाला गया. दूसरा मेरिट लिस्ट  20 जुलाई को निकाला गया. 11 जुलाई को अकाउंटेंट पद का विज्ञपान निकाला गया. इसके बाद ब्लॉक वाश कॉर्डिनेटर का विज्ञापन 8 जुलाई को जारी हुआ. 15 सिंतबर को एकाउंटेंट एवं ब्लॉक वाश कॉर्डिनेटर की मेधा सूची जारी की गयी. जिला समन्वयकों की तीसरी बार मेधा सूची 15 सितंबर को जारी की गई. 28 व 30 सितंबर को जिला समन्वयकों की परीक्षा के साथ साथ साक्षात्कार लिया गया. 3 सितंबर को केवल एक पद के लिए रिजल्ट जारी किया गया जो विवाद की भेंट चढ़ गया है. समन्वयकों के बाकी 2 पदों का रिजल्ट अभी भी प्रकाशित नहीं किया गया है जबकि सारी प्रक्रिया एक साथ की गयी है. प्रखंड एवं अकाउंटेंट पद पर नियुक्ति प्रक्रिया अब भी ज्यों की त्यों पड़ी है.

राजेश सिंह पर विवाद

राजेश सिंह के बारे में कहा जा रहा है कि उसके पिछले खराब रिकॉर्ड के बावजूद District SLWM Coordinator के लिए जारी मेरिट लिस्ट में टॉप स्थान दिया गया है. निर्धारित आयु सीमा के विवाद के अलावे कहा जा रहा है कि उसके पास कंप्यूटर की जानकारी में कोई काबिलियत ही नहीं है. पूर्व में चतरा जिले में सेवा देने वाले इस अभ्यर्थी को वहीं के डीसी ने 21 अप्रैल 2022 को कार्यों में लापरवाही बरते जाने और दूसरी शिकायतों के आधार पर टर्मिनेट किये जाने का लेटर जारी किया था. उनके ऐसे महत्वपूर्ण आदेश को भी रामगढ़ जिला प्रशासन के स्तर से नजरअंदाज कर दिया गया है. कहीं भी वर्तमान में कार्यरत नहीं होने के बावजूद उसे मेरिट लिस्ट तैयार करते समय 10 अंक अतिरिक्त रूप से दिए गये हैं.

राजेश के रिजल्ट के अलावे बाकी समन्वयकों के मामले में मामला अधर में ही है. SBM सह SLWM समन्वयक के पद पर नियुक्ति हेतु संशोधित मेधा सूची जारी की गयी. इसमें कुल 11 कैंडिडेट को शॉर्टलिस्टेड किया गया है. इनमें इसमें टॉप तीन में गौरांग चंद्र बेरा, राजेश कुमार सिंह और नीरज प्रियदर्शी को रखा गया है. MIS Coordinator के पद पर नियुक्ति के लिए संशोधित मेरिट लिस्ट तैयार है. 10 सितंबर को चयन समिति ने 36 नामों पर विचार करने के बाद इसमें से 21 को ही योग्य पाया. बाकी 15 को अयोग्य माना गया. डॉ विपुल सुमन, अवधेश कुमार सिंह और गौरांग चंद्र बेरा को इसमें टॉप तीन पर रखा है. इसके अलावे समिति ने IEC Coordinator के पद के लिए कुल 38 कैंडिडेट्स में से 23 को योग्य माना. इसमें डॉ विपुल सुमन, अश्वनी पांडेय के अलावे अवधेश कुमार सिंह को टॉप 3 में जगह मिली है. अब अगली प्रक्रिया (इंटरव्यू) के बाद अलग अलग पदों के लिए एक-एक कैंडिडेट का नाम तय किया जाना बाकी है.

क्या कहती है समिति

चयन समिति में सदस्य के तौर पर शामिल जिला समाज कल्याण पदाधिकारी के मुताबिक वे समिति में थे, इंटरव्यू हुआ पर उसके बाद क्या हुआ, उन्हें नहीं पता. पेयजल विभाग ही इस मामले में कुछ बता सकता है. रामगढ़ कॉलेज की ओऱ से समिति में प्रतिनिधित्व करने वाले एसोसिएट प्रोफेसर सुनील अग्रवाल के मुताबिक पेयजल विभाग के आग्रह पर वे बैठक में गये थे. सीएम के रामगढ़ आने के प्रोग्राम से कुछ 1-2 दिन पूर्व उन्हें मेरिट लिस्ट पर साइन करने को कहा गया. एक किसी कैंडिडेट का चयन कॉर्डिनेटर का फाइनली होने की सूचना मिली पर बाकी कॉर्डिनेटरों के मामले में क्या हुआ, उन्हें जानकारी नहीं. पेयजल विभाग के एग्जीक्यूटिव इंजीनियर राजेश रंजन को इस मामले पर पक्ष लेने को न्यूज विंग की ओर से मंगलवार को और पूर्व में भी (15 नवंबर) फोन किया गया था, पर उन्होंने रिस्पॉन्स नहीं दिया.

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