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जमशेदपुरः एक साल में सिवरेज-ड्रेनेज योजना का ड्राइंग नहीं हुआ एप्रूव

आदित्यपुर में बनना है सिवरेज-ड्रेनेज योजना, मुंबई की शापूरजी पालोनजी को 23 नवंबर 2017 में मिला है काम

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Jamshedpur: राज्य की औद्योगिक नगरी जमशेदपुर के आदित्यपुर अधिसूचित क्षेत्र समिति में प्रस्तावित सिवरेज-ड्रेनेज परियोजना का काम अधर में लटक गया है. योजना की ड्राइंग-डिजाइन ही नगर विकास विभाग का तकनीकी विंग अब तक एप्रूव नहीं कर पाया है. 23 नवंबर 2017 को मुंबई की कंपनी शापुरजी पालोनजी को सिवरेज ड्रेनेज का काम दिया गया था. इसे 29 मई 2020 तक पूरा किया जाना है. योजना की ड्राइंग और डिजाइन स्वीकृत नहीं होने से संवेदक कंपनी को कई तरह की परेशानियां हो रही हैं.

वहीं योजना के लिए टीसीई को कंसल्टेंट बनाया गया है, जिसे भी सरकार की तरफ से किसी तरह का भुगतान नहीं किया गया है. इसको लेकर अलग विवाद हो गया है. आदित्यपुर शहरी क्षेत्र में सिवरेज कार्य को लेकर कई जगहों पर गड्ढे खोद दिये गये हैं. इसके लिए सड़क के री-स्टोरेशन (पुर्ननिर्माण) में भी दिक्कतें हो रही हैं. नगर विकास सचिव बार-बार सड़कों में खोदे गये गड्ढे को भरने का निर्देश दे रहे हैं.

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चार ट्रीटमेंट प्लांट के लिए नहीं मिल रही भूमि

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योजना के तहत चार जगहों पर सिवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) बनाया जाना है. ट्रीटमेंट प्लांट के स्थल पर 200-200 मीटर की एप्रोच सड़क भी बननी है. इसके लिए जमीन ही नहीं मिल रही है. योजना के एसटीपी-2 के लिए भी संवेदक कंपनी को जमीन नहीं दिलायी गयी है. जिस जगह पर एसटीपी-3 बनना है, उसको लेकर झारखंड हाईकोर्ट में याचिका दायर की गयी है, जिस पर स्थगन आदेश जारी कर दिया गया है. वहीं एसटीपी-4 के लिए भी रास्ते की जमीन एक परेशानी बनी हुई है.

सरकार ने अब तक नहीं दिया अपना अंशदान

झारखंड सरकार की तरफ से अमृत स्कीम के तहत आदित्यपुर सिवरेज योजना ली गयी थी. योजना में केंद्र से 70 फीसदी और 30 फीसदी का खर्च राज्य सरकार को वहन करना था. अब तक यह राशि सरकार की ओर से नहीं दी गयी है. राज्य स्तरीय नोडल पदाधिकारी भी सरकार के अंशदान को लेकर अब तक कुछ नहीं कर पाये हैं.

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