DhanbadEducation & CareerJharkhand

BIT-SINDRI के पूर्व निदेशक डॉ जनार्दन झा नहीं रहे, 91 वर्ष की उम्र में हुआ निधन

Dhanbad: BIT सिंदरी के पूर्व निदेशक 91 वर्षीय डाक्टर जनार्दन झा का शुक्रवार की देर रात भागलपुर में निधन हो गया. वे 1985 से 1987 तक BIT सिंदरी के निदेशक थे. डा. जनार्दन ने बीसीइ पटना से सिविल इंजीनियरिग ब्रांच से स्नातक किया था. वे 30 वर्षों से भी ज्यादा समय तक BIT सिंदरी से जुड़े रहे.

बीआइटी सिंदरी से सेवानिवृत्त होने के बाद उन्होंने सोवियत संघ के मास्को स्थित भारतीय दूतावास में टेक्निकल अटैची के रुप में 1989-91 तक कार्य किया. भारतीय दूतावास से सेवानिवृत्त होने के बाद बिहार सरकार में निदेशक डीएसटी के रूप में सितंबर 1992 तक काम किया.

advt

इसे भी पढ़ें:BIG NEWS : बिहार हो जाएगा मालामाल, जानें किस जिले में मिला देश का सबसे बड़ा GOLD भंडार

इसके बाद उन्होंने बीआइटी मेसरा में वाइस चांसलर के रूप में योगदान दिया. 1994 में वाइस प्रेसिडेंट के रूप में बिरला टेक्निकल सर्विसेज कोलकाता में योगदान दिया.

1995 में डा. जनार्दन इग्नू के प्रो वाइस चांसलर बनाए गए. यहां 1998 तक अपनी सेवा दी. इसके बाद वे मणिपाल यूनिवर्सिटी में प्रो वाइस चांसलर के रूप में अपनी सेवा दी और 70 वर्ष की आयु तक वे इस पद पर बने रहे.

इसे भी पढ़ें:घर के बाहर आरएफआईडी लगाने को कोई मांगे पैसे तो करें कंप्लेन

वर्ष 2000 में मणिपाल यूनिवर्सिटी के वाइस प्रेसिडेंट बने. मणिपाल फाउंडेशन में चार से पांच वर्षों तक काम किया. 75 वर्ष की आयु में वे मणिपाल से वापस आकर दयासागर ग्रुप आफ इंस्टीट्यूशन बेंगलुरु में योगदान दिया.

इसके बाद अमेठी व नोएडा में योगदान दिया. जीवन के अंतिम पड़ाव में पर पैतृक स्थान भागलपुर में स्थायी रूप से रहने लगे. डाक्टर जनार्दन के एक पुत्र व दो पुत्री हैं. पुत्र संजय झा बीआइटी मेसरा से सिविल अभियंत्रण ब्रांच में इंजीनियरिग कर अभी वे सीएमपीडीआइएल में कार्यरत हैं.

इसे भी पढ़ें:एनटीपीसी ने जेबीवीएनएल को बिजली काटने का दिया नोटिस, गहरा सकता है बिजली संकट

मिथिला समाज ने निधन पर जताया गहरा शोक

डाक्टर जनार्दन झा के निधन पर सिंदरी के मिथिला समाज के लोगों ने गहरा दुख व्यक्त किया है. विद्यापति परिषद सिंदरी के पूर्व महासचिव जीवकांत मिश्रा ने बताया कि डॉ झा समाजिक कार्यों में काफी दिलचस्पी लेते थे.

सिंदरी विद्यापति परिषद के अध्यक्ष रहे और उनके कार्यकाल में संस्था को कई उपलब्धियों से नवाजा. संस्था में स्थिति मिथिला भवन, विद्यापति मंच उनकी देन है. मिथिला समाज सदैव ऋणी रहेगा.

जीवकांत मिश्रा ने ने एक वाकया जिक्र करते हुए बताया कि डॉ झा ऐसे शख्सियत थे कि एकबार उनके बीआइटी सिंदरी स्थिति आवास में चोरी हो गई. उन्होंने, चोरी की रिपोर्ट फोन से तत्कालीन सिंदरी थाना प्रभारी को दी और फटकार लगाई. फिर क्या था 24 घंटे के भीतर चोरी का सभी सामग्री चोर उनके घर पहुंचा गया.

इसे भी पढ़ें:चलती ट्रेन में सवार होने के चक्कर में महिला गिरी, सुरक्षाकर्मियों ने बचाई जान, देखें VIDEO

विद्यापति परिषद के पूर्व अध्यक्ष शीतल मिश्रा, विशिष्ट सदस्य शंकर कुमार झा, सत्यनारायण झा, मनोज मिश्रा, बीके मिश्रा, राजीव मिश्रा, निर्वतमान महासचिव विनोद झा आदि ने.डॉ जनार्दन झा के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है.

इधर, बीआइटी सिंदरी के वर्तमान निदेशक डा. डीके सिंह ने डाक्टर जनार्दन झा के निधन को व्यक्तिगत क्षति बताया. कहा कि वे डाक्टर जनार्दन के लगातार संपर्क में रहते थे. संस्थान के विकास के लिए सदैव उनका मार्गदर्शन मिलता रहता था. कहा कि 19 नवंबर को डाक्टर जनार्दन ने उन्हें शुभकामना संदेश दिया था.

यह उनका अंतिम संदेश था. इसके बाद शनिवार को सूचना मिली कि वे नहीं रहे. उनके निधन से बीआइटी परिवार शोकाकुल है.

इसे भी पढ़ें:कांची नदी पर धंसे पुल के कारणों की जांच रिपोर्ट अब तक नहीं सौंपी गयी सरकार को

advt

Related Articles

Back to top button
%d bloggers like this: