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स्टेन स्वामी की गिरफ्तारी के विरोध में आये डॉ अजय, रिहाई की मांग की

Ranchi:  फादर स्टेन स्वामी की गिरफ्तारी का विरोध जताने वालों में अब पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डॉ अजय कुमार भी शामिल हो गये है. उन्होंने कहा है कि 83 वर्षीय फादर स्टेन स्वामी को भीमा-कोरेगांव मामले में गिरफ्तार करना निंदनीय है. उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की है कि उन्हें तुरंत रिहा कर वापस रांची भेजा जाये.

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आदिवासी, दलित व वंचितों के अधिकारों के लिए संगठित करने वालों को दबाना चाहती है मोदी सरकार

डॉ अजय ने कहा है कि स्टेन स्वामी दशकों से झारखंड के आदिवासियों के हक़ में आवाज उठाते आये हैं. जल, जंगल, ज़मीन पर आदिवासियों के अधिकार के लिए वे संघर्षत रहे हैं. साथ ही, मानवाधिकारों के उल्लंघन के विरुद्ध एक प्रखर आवाज़ रहे हैं. पिछली रघुवर दास सरकार के विभिन्न जन विरोधी नीतियों पर उन्होंने लगातार सवाल किया था.

उन्होने कहा कि जिस प्रकार स्टेन स्वामी की गिरफ्तारी की गयी, इससे ऐसा लगता है कि मोदी सरकार उसकी जन विरोधी नीतियों पर सवाल करने वाले और आदिवासी, दलित व वंचितों को उनके अधिकारों के लिए संगठित करने वालों को दबाना चाहती है. यह लोकतंत्र पर उनके लगातार हमले का एक हिस्सा है. और इस हमले के लिए भाजपा शासित केंद्र सरकार UAPA कानून को एक राजनैतिक हथियार की तरह इस्तेमाल कर रही है.

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जब स्टेन स्वामी पूछताछ में पूर्ण सहयोग कर रहे थे, उन्हें रात में गिरफ्तार क्यों किया

कांग्रेस नेता ने कहा कि 83-वर्षीय स्टेन स्वामी कई रोगों से ग्रसित हैं. उन्होंने NIA द्वारा उनके साथ 15 घंटों तक की गयी पूछताछ में पूर्ण सहयोग किया. वे और भी पूछताछ के लिए तैयार थे. तो फिर उन्हें रात के अंधेरे में गिरफ्तार करने की क्या ज़रूरत थी. इस साफ पता चलता है कि मोदी सरकार डरी हुई है.

उन्होने कहा कि स्टेन स्वामी ने NIA द्वारा लगाये गये सभी आरोपों और उनके विरुद्ध प्रस्तुत दस्तावेज़ का स्पष्ट खंडन किया है. ऐसे में उनकी मांग है कि केंद्र सरकार तुरंत स्टेन स्वामी को रिहा करे. भीमा-कोरेगांव मामले को तुरंत बंद करे और इस मामले में गिरफ्तार किये गये सभी सामाजिक कार्यकर्ताओं, वकीलों और बुद्धिजीवियों को भी तुरंत रिहा करें. साथ ही, लोकतंत्र की गरिमा का सम्मान करे और जन अधिकारों के आवाज़ को दबाने की कोशिश न करे.

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