न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

डॉ अजय कांग्रेस के आयातित नेता, झारखंडी भावना की समझ नहीं: आजसू

38

Ranchi: कांग्रेस अध्यक्ष डॉ अजय कुमार की राजनीतिक पृष्ठभुमि कुछ नहीं है. उन्हें न तो राजनीतिक और न ही सामाजिक रुप से कोई समझ है. वह मुख्य रुप से ब्यूरोक्रेट्स रहे हैं. ये बातें आजसू के मुख्य केंद्रीय प्रवक्ता देवशरण भगत ने कहा. उन्होंने कहा कि ऐसे ही आयातित नेताओं के कारण ही झारखंड की दुर्गति हो रही है. जो न तो झारखंड को जानते है और न ही झारखंड के मूल विषयों को समझते हैं. डॉ अजय का न तो कोई नीति है और न ही कोई सिद्धांत, वह बस किसी तरह राजनीतिक रोटी सेंकते रहे हैं. देवशरण भगत डॉ अजय द्वारा दिये गये बयान का जवाब दे रहे थे.

डॉ अजय ने रविवार को गिरीडीह में कहा था कि आजसू की विचारधारा के हम सब खिलाफ हैं. महागठबंधन का जो प्रारुप तैयार किया गया है उसमे आजसू कहीं नहीं है. डॉ अजय के इन्हीं बयान का जबाव देते हुए देवशरण भगत ने कहा कि अजय का राजनीतिक पदार्पण बाबूलाल की पार्टी से हुआ था. लेकिन, जिस थाली में खाना खाया उसी में छेद करने का काम किया था. इसी कारण बाबूलाल ने उन्हें लात मार दी. इनसे ऐसी कोई उम्मीद नहीं करते है कि वे पार्टी के संदर्भ में कोई मशवरा दें.

हमारी विचारधारा में झारखंड की संस्कृति है

डॉ देवशरण भगत ने कहा कि आजसू पार्टी का जन्म ही संघर्ष से हुआ है. हमारी विचारधारा मूलत: झारखंड की संस्कृति, यहां की पहचान, यहां मुल्यों के साथ रहा है. अजय कर्नाटक से हैं और हम झारखंड की माटी से, दोनों स्थानों की माटी में फर्क है. वर्तमान सरकार के साथ गठबंधन के विषय पर डॉ देवशरण भगत ने कहा कि इतिहास बहुत कुछ सिखाता है और हमने बहुत कुछ सीखा भी है. हमने 2014 में एक स्थिर सरकार देने की कोशिश की थी. ताकि, राज्य का विकास हो सके. लेकिन कई ऐसे मुद्दे जैसे स्थानीयता, सीएनटी-एसपीटी एक्ट, शराब बिक्री, बडी संख्या में विस्थापन को लेकर लगातार विरोध करते रहे है. मंडल डैम योजना पर आजसू प्रवक्ता ने कहा कि यह 1972 में ही यह योजना शुरु हुई थी, लेकिन इतने दिनों क्यों रुका रहा? इसका मुल्यांकन सर्वप्रथम होना चाहिए.

81 सीटों पर अकेले चुनाव लड़ेगी आजसू

डॉ भगत ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि आजसू के केंद्रीय समिति में यह निर्णय लिया गया है, कि आगामी 2019 का विधानसभा चुनाव आजसू अकेले लडेगी. सभी सीटों पर पार्टी अपना उम्मीदवार उतारेगी. इसके अलावा लोकसभा चुनाव के विषय पर पार्लियामेंट्री बोर्ड में निर्णय लिया जायेगा. डॉ भगत ने कहा कि आजसू के केंद्रीय अध्यक्ष सुदेश महतो स्वराज स्वाभिमान यात्रा के माध्यम से लगातार सभी गांवों में जाकर वहां के लोगों से मिल रहे हैं.  अबतक 32000 गांव में से 5000 गांव में संवाद स्थापित कर चुके हैं. फरवरी के अंतिम सप्ताह में 5000 गांव के लोगों के साथ स्वराज स्वाभिमान सभा का आयोजन किया जायेगा. जिसमें अगली रणनीती की घोषणा की जायेगी.

स्वर्णों को 10 प्रतिशत पर कहा-गरीबों के साथ न्याय हो

मोदी कैबिनेट द्वारा स्वर्णों को 10 प्रतिशत आरक्षण दिये जाने के सवाल का आजसू पार्टी ने खुल कर समर्थन नहीं किया है. हालांकि उन्होने इतना अवश्य कहा कि सभी गरीबों के साथ न्याय होना चाहिए. आजसू भी शुरु से ही 73 प्रतिशत आरक्षण देने की मांग करती रही है. जिसमें अनुसूचित जनजाति के लिए 32 अनुसूचित जाति को 14 और पिछड़े जाति को 27 प्रतिशत आरक्षण देने का समर्थन करते रहे हैं.

हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता...

%d bloggers like this: