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डोरंडा फर्जी शराबकांड: चार महीने बाद भी हटिया डीएसपी पर नहीं हुई कार्रवाई

मामले में तीन थानेदार हो चुके हैं लाइन हाज़िर

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Ranchi: डोरंडा के फर्जी शराबकांड को लेकर हटिया डीएसपी विनोद रवानी पर अबतक किसी तरह की कोई कार्रवाई नहीं हुई है. ज्ञात हो कि 31 अगस्त 2018 को हुए फर्जी शराब कांड में दो निर्दोष युवक मालवीय और नंदकिशोर को जेल भेजने के मामले में तीन थाना प्रभारी जिसमें धुर्वा, डोरंडा और तुपुदाना के प्रभारी शामिल थे उन्हें तुरंत लाइन हाजिर कर दिया गया था. लेकिन हटिया डीएसपी पर कोई कार्रवाई नहीं की गई है.

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क्या था मामला

पीड़ित युवकों के परिजनों के अनुसार, हटिया डीएसपी विनोद रवानी के नेतृत्व में शराब तस्करी की झूठी कहानी रचकर दो युवकों को चोरी की गाड़ियों में शराब के साथ रंगेहाथ गिरफ्तारी दिखायी गई. और उन्‍हें 31 अगस्त को जेल भेज दिया गया था. इसमें हटिया डीएसपी विनोद रवानी ने अधिकारियों को सूचना दी थी कि एक सफारी (जेएच-05एच-1441) और एक मारूति कार (जेएच-11ए-4495) से दो शराब तस्कर पकड़े गए हैं.

दावा किया गया कि धुर्वा स्थित शालीमार मार्केट से बिहार के लिए चली गाड़ियां जब्त की गई हैं. इसके विपरीत दोनों गाड़ियां डोरंडा के पत्थल रोड के बगल में एक घर के सामने से उठाई गई थी. पुलिस इसे क्रेन से उठवाकर चुपचाप ले गई थी.

बिना बैट्री वाली कार को दिखाया चलती कार

पुलिस ने अपनी रिपोर्ट में बिना बैट्री वाली कार को चलती कार दिखाया गया. यह पूरा माजरा मोहल्ले में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गया था. वाहन के मालिकों के मुताबिक, दोनों गाड़ियां घर के बाहर लंबे समय से मरम्मत के लिए खड़ी थी. सफारी में बैटरी भी नहीं थी, फिर भी उसे चलती कार बताया गया. जिसमें शराब लादकर भेजने की कहानी रची गई थी. इस पूरी कहानी को सच बनाकर एक प्रेस वार्ता भी की गई थी. इसमें तत्कालीन सिटी एसपी अमन कुमार मोहरा बनाया गया था. जबकि उन्हें उनकी जालसाजी की जानकारी तक नहीं थी.

एसएसपी ने तीन थानेदार को किया था लाइन हाजिर

दोनों निर्दोष युवकों को जेल भेजने की साजिश रचने के आरोप में रांची एसएसपी अनीश गुप्ता ने कार्रवाई करते हुए धुर्वा थानेदार तालकेश्वर राम, तुपुदाना थानेदार प्रकाश कुमार और डोरंडा थानेदार आबिद खान को लाइन हाजिर कर दिया था. एसएसपी ने इस पूरे मामले की जांच तत्कालीन सिटी एसपी अमन कुमार को दी थी. सदर डीएसपी दीपक कुमार पांडेय को केस का आईओ बनाया था. लेकिन मुख्य साजिशकर्ता होने के बाबजूद भी हटिया डीएसपी विनोद रवानी पर कोई कार्रवाई नहीं हुई.

25 दिनों बाद रिहा हुए थे दोनों युवक

हटिया डीएसपी विनोद रवानी की साजिश के शिकार दो युवकों मालवीय व नंदकिशोर को 25 दिनों बाद 26 सितंबर को कोर्ट से बेल मिली थी. निर्दोष होने के बाबजूद भी दोनों युवकों को 25 दिन तक जेल में रहना पड़ा था.

जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे होगी कार्रवाई- डीआईजी

फर्जी शराब कांड के मामले में हटिया डीएसपी विनोद रवानी पर कार्रवाई की बात पर डीआईजी एवी होमकर ने कहा कि सिटी एसपी को जांच का जिम्मा दिया गया है. उनके द्वारा ही इस मामले का अनुसंधान भी किया जा रहा है. उन्होंने जो रिपोर्ट दी उसके आधार पर तत्काल जिन अधिकारियों की गलती पायी गयी थी, उनके ऊपर कार्रवाई की गई है. और डीएसपी से स्पष्टीकरण मांगा गया है. डीएसपी के द्वारा जो स्पष्टीकरण दिया गया उसपर आगे की जांच सिटी एसपी कर रहे हैं. डीआईजी ने कहा कि जैसे ही पूरे मामले में क्लियर रिपोर्ट आएगी उसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी.

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