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क्या आप बातें भूलने लगे हैं, कहीं आपको अल्जाइमर तो नहीं ! जानें इस बीमारी के लक्षण तथा बचाव के उपाय

घर के आसपास की गलियों, रास्तों को भूलने लगते हैं. उनके व्यवहार में भी बहुत तेजी से बदलाव आने लगता है.

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NW Desk : जब कोई इंसान बातों को भूलने लगे, अपनों को भी पहचान न पाए तब आप समक्ष जाएं की सामने वाला अल्जाइमर नामक बीमारी से ग्रसित है. जब इंसान बार-बार भूलने लगे तब डॉ को दिखाना चाहिए. बालाजी एक्शन मेडिकल इंस्टीट्यूट के सीनियर कंसलटेंट न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. राजुल अग्रवाल द्वारा अल्जाइमर रोग के प्रारंभिक लक्षणों के बारे में जानकारी दी गई.

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डॉ ने कहा कि इस बीमारी से ग्रसित व्यक्ति को हर दिन के कामकाज में भी परेशानी होने लगती है. किसी काम में ध्यान लगाने में दिक्कत होने लगती है. कोई फैसला लेने की क्षमता खत्म होने लगती है, कोई भी चीज इधर उधर रखकर भूलने लगते हैं. शब्द भी भूल जाते हैं, जिससे सामान्य बातचीत में भी रुकावट आने लगती है. घर के आसपास की गलियों, रास्तों को भूलने लगते हैं. उनके व्यवहार में भी बहुत तेजी से बदलाव आने लगता है.

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इसे बीमारी के होते हैं तीन चरण

पी.एस.आर.आई हॉस्पिटल के न्यूरोसाइंसेज विभाग के चेयरमैन डॉ. शमशेर द्विवेदी ने बताया है कि अल्जाइमर रोग के भी तीन चरण होते हैं. पहले चरण में रोगी अपने दोस्तों और अन्य व्यक्तियों को पहचान तो लेता है, लेकिन उसे हर बार यह एहसास होता है कि वह कुछ चीजें भूल रहा है. दूसरे चरण में उसकी स्मृति के विलोप की प्रक्रिया के साथ-साथ अन्य लक्षण धीरे-धीरे उभरने लगते हैं. तीसरे एंव अंतिम चरण में व्यक्ति अपनी गतिविधियों को नियंत्रण करने की क्षमता खो ही देता है. अपने दर्द के बारे में भी नहीं किसी के नहीं बता पाता. अंतिम चरण सबसे कष्टदायी होता है.

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नियमित व्यायाम ही है समाधान

अल्जाइमर से बचने के तरीकों के बारे में धर्मशिला नारायणा सुपरस्पेशलिटी हॉस्पिटल में न्यूरो-सर्जरी विभाग के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. आशीष कुमार श्रीवास्तव का कहना है कि सामान्यत: यह वृद्धावस्था में होने वाला रोग है लेकिन खान-पान, जीवनशैली में बदलाव के कारण यह समस्या युवाओं में भी प्रकट होने लगी है. इससे बचने के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श करें. डॉ का कहना है कि इस रोग की जानकारी में ही इसका बचाव है. नियमित व्यायाम करें, जरुर पौष्टिक भोजन करें. पीड़ित को अवसाद यानी डिप्रेशन से बचाएं रखें तथा अकेला न छोड़ें. यदि रोगी को रक्तचाप समस्या, मधुमेह, हृदय रोग भी है तो उसे समुचित चिकित्सा नियंत्रण में रखें. पीड़ित को तंबाकू, मद्यपान इत्यादि से दूर करें.

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