न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

क्या आपको भी है मेंटल हेल्थ केयर की जरूरत, जाने क्यों!

योग मन और शरीर दोनों के लिए लाभदायक है.

16

NW Desk : वर्तमान में मानसिक बीमारियों से हर तीसरा आदमी ग्रसित है. भारत में अनुमान है कि 15 करोड़ लोगों को मानसिक स्वास्थ्य देखभाल (mental healthcare) की जरूरत है. इस बात का खुलासा राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य सर्वेक्षण 2015-16 (National Mental Health Survey) में किया गया है. मानसिक स्वास्थ्य के लक्षणों और मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं की जागरूकता महत्वपुर्ण है. जागरुकता की कमी के कारण देश में उपचार के बीच अंतर पैदा हुआ है.

इसे भी पढ़ें : CBI विवादः IRCTC घोटाले में निदेशक वर्मा ने लालू प्रसाद के खिलाफ जांच करने से किया था मना- अस्थाना

मानसिक स्वास्थ्य विकार के लक्षण

हार्ट केयर फाउंडेशन (एचसीएफआई) के अध्यक्ष डॉ. के. के. अग्रवाल ने बताया कि किसी भी मानसिक स्वास्थ्य विकार के लक्षण का पता लगाना आसान नहीं है. लेकिन कई बार वे अन्य स्थितियों की नकल लगते हैं. अधिकांश लोगों को केवल बस देखभाल की आवश्यकता होती है. कुछ लोगों को तनाव, थकान और शरीर में दर्द भी होता है. किसी से बात करने या बस साथ बैठने का दिल करता है. यह तब होता है जब ये लक्षण विकसित होने लगते हैं और चीजें खराब होती जाती हैं. कुछ समय बाद स्थिति भयावह होती जाती है.

इसे भी पढ़ें : मी टू अभियान : फिल्मकार कबीर खान ने कहा कानाफूसी को अब नजरअंदाज नहीं करेंगे

योग मन और शरीर दोनों के लिए लाभदायक 

डॉ. अग्रवाल ने मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के कई सुझाव भी दिए. उन्होने कहा कि साबुत अनाजों से तैयार आहार का उपभोग करना शुरु करें. इसमें हरी पत्तेदार सब्जियां, गुणवत्ता वाला प्रोटीन, स्वस्थ वसा और जटिल काबोर्हाइड्रेट को भी शामिल करें. हाइड्रेटेड भी जरुरी है क्योंकि यह लिम्फैटिक सिस्टम से विषाक्त पदार्थों को दूर करने में मदद करता है. शरीर से मैटाबोलिज्म कचरे को भी हटा देता है. यह ऊतकों को डिटॉक्सीफाई और फिर से बनाने के लिए जरुरी है.

इसे भी पढ़ें : धोनी का टी-20 करियर खत्म ? वेस्टइंडीज और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ नहीं खेलेंगे टी-20 मैच

उन्होंने कहा कि योग मन और शरीर दोनों को लाभ पहुंचाने के लिए जाना जाता है. आदतों, विचारों और व्यवहारों के संयोजन साथ माइंडफुलनैस का भी अभ्यास करना चाहिए. ताकि आप अपने दैनिक जीवन को अच्छे से जी सकें.

हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता...

Comments are closed.

%d bloggers like this: