न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

डिग्री की चिंता न करें, टैलेंट होना चाहिए, अंतरराष्ट्रीय कंपनियां देगी नौकरी

नौकरी के लिए डिग्री की बाध्यता अंतरराष्ट्रीय कंपनियां जल्द ही खत्म करने जा रही है. प्रतिभाशाली लोगों को अब डिग्री की चिंता नहीं करनी होगी.

400

Washington : नौकरी के लिए डिग्री की बाध्यता अंतरराष्ट्रीय कंपनियां जल्द ही खत्म करने जा रही है. प्रतिभाशाली लोगों को अब डिग्री की चिंता नहीं करनी होगी. खबरों के अनुसार गूगल समेत 15 कंपनियों ने कहा है कि जल्द ही उनके संस़्थानों में प्रोफेशनल्स को बिना कॉलेज की डिग्री के नौकरी पर रखा जा सकता है. बता दें कि जॉब की जानकारी देने वाली साइट ग्लासडोर के एक ब्लॉग पोस्ट के अनुसार कई टैलेंटेड उम्मीदवार खुद सीखते हैं. इसके लिए वे परंपरागत रूप से किसी अकादमिक संस्था से शिक्षा नहीं लेते.

mi banner add

ग्लासडोर का मानना है कि कंपनियों की जिम्मेदारी बनती है कि ऐसे लोगों को भी नौकरी दे. जिन 15 कंपनियों ने बिना डिग्री देखे नौकरी पर रखने की बात कही है, उनमें गूगल, अर्न्स्ट एंड यंग, पेंग्विन रेंडम हाउस, कॉस्टको होलसेल, होल फूड्स, हिल्टन, पब्लिक्स, एपल, स्टारबक्स, नॉर्डस्ट्रॉम, होम डिपो, आईबीएम, बैंक ऑफ अमेरिका, चिपोटल और लोव्ज शामिल हैं.

इसे भी पढ़ें : क्या घट रही है मोदी की लोकप्रियता ! अगर अभी चुनाव हुए तो BJP को हो सकता है 70 सीटों का नुकसान

कॉलेज नहीं, नॉलेज जरूरी

Related Posts

मुकेश अंबानी का वेतन लगातार 11वें साल 15 करोड़ रुपये बरकरार, रिश्तेदार निखिल की सैलरी  20.57 करोड़ पहुंची

भारत के सबसे अमीर उद्यमी और रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक मुकेश अंबानी का वार्षिक वेतन पैकेज लगातार 11वें साल 15 करोड़ रुपये के स्तर पर बना रहा.

गूगल जैसी कई कंपनियां मानती हैं कि उम्मीदवार के पास किताबी ज्ञान होना जरूरी नहीं. ये कंपिनयां अकादमिक शिक्षा को ज्यादा तरजीह नहीं देतीं. बस उम्मीदवार को क्रिएटिव होना चाहिए. 2014 में गूगल के पूर्व सीनियर वाइस प्रेसिडेंट लेस्लो बॉक ने न्यूयॉर्क टाइम्स को दिये गये एक इंटरव्यू में कहा था, अगर आप स्कूल नहीं गये बच्चों और उनके कामों को देखें तो आपको पता चलेगा कि वे कुछ अलग तरह के होते हैं. इस तरह के बच्चों को खोजने के लिए हमें पूरी कोशिश करना चाहिए.

कई कॉलेज वे सारी चीजें अपने स्टूडेंट्स को नहीं देते, जिनका वे दावा करते हैं. इससे कई खूबियां उभरकर सामने नहीं आ पातीं. 2015 में अर्नस्ट एंड यंग की अधिकारी मैगी स्टिलवेल ने हफिंगटन पोस्ट के आर्टिकल में लिखा था, अकादमिक योग्यता के मायने हैं, लेकिन उससे ज़्यादा उम्मीदवार  को टैलेंट होना चाहिए. आर्टिकल के अनुसार नौकरी के लिए डिग्री की बाध्यता जल्द ही खत्म की जायेगी.

हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता...

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

You might also like
%d bloggers like this: