न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

रिम्स में नहीं रुक रही है खून की दलाली, ब्लड बैंक के पास रहता है दलालों का जमावड़ा

141

Ranchi: राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स) हमेशा किसी ने किसी वजह से सुर्खियों में रहता है. कभी डॉक्टर और मरीज के बीच मारपीट, कभी हड़ताल तो कभी मरीजों को घटियां खाना देने, कभी खून की दलाली की खबरें आये दिन छपती रहती हैं. लेकिन रिम्स प्रबंघन सुधरने को तैयार नहीं. ऐसा ही एक मामला एक बार फिर दुहराया गया. मजबूर पिता जब अपनी बच्ची का इलाज कराने राज्य के सबसे बडे अस्पताल में पहुंचा तो उस पर भी दलालों ने गिद्ध की तरह झपट्टा मारा. दरअसल तमाड़ के गुरुडीह क्षेत्र के रहनेवाले राजेंद्र अपनी ढाई वर्षीय बच्ची कृष्णा कुमारी को बेहतर ईलाज के लिए रिम्स लेकर आये थे.

इसे भी पढ़ें :नावा पावर का 200 ट्रक कोयला बनारस भेज रही थी प्रणव नमन कंपनी, यूपी में पकड़े गये ट्रक

दलालों ने आसानी से ब्लड उपलब्ध कराने की बात कह कर फंसाया

कृष्णा कुमारी का ईलाज एमआर अखौरी की यूनिट में चल रहा था, जहां नर्सों ने कृष्णा के पिता को जल्द से जल्द खून का इंतजाम करने को कहा. इसके बाद राजेंद्र अपनी बेटी के लिए खून के बंदोबस्त में लग गये. वह रिम्स के ब्लड बैंक के पास खड़े थे, इसी दरमियान कुछ दलालों ने आसानी से खून उपलब्ध कराने की बात कहते हुए राजेंद्र को अपने जाल में फंसा लिया. इसके एवज में दलालों ने राजेंद्र से एक हजार रुपए की मांग की. अपनी बच्ची के लिए राजेंद्र पैसे देने के लिए तैयार हो गये.

इसे भी पढ़ें :बिरसा मुंडा सेंट्रल जेल में उम्रकैद की सजा काट रहे 38 कैदियों को गांधी जयंती पर किया गया रिहा

palamu_12

सेवा सदन चलने को कहा

अपनी बच्ची के प्रेम और जल्द इलाज की सोच के साथ राजेंद्र ने दलाल को 1000 दे दिए. जिसके बाद उस दलाल ने राजेंद्र को सेवा सदन चलने के लिए कहा. दलाल की बातों में आकर कृष्णा के पिता सेवा सदन चले गए. यहां उन्हें बैठने के लिए कह कर दलाल कहीं चला गया. कृष्णा के पिता काफी देर तक बैठे रहे लेकिन वह दलाल फिर नहीं आया. इंतजार करते-करते जब उन्होंने पता करना चाहा तो उस दलाल का कोई पता नहीं चला. इसके बाद राजेंद्र वापस रिम्स के ब्लड बैंक पहुंचे और अपनी पीड़ा बताने लगे. राजेंद्र की तरह और भी कई ऐसे पीड़ित हैं जो दलालों के चंगुल में फंस जाते हैं और ब्लड की आस में मोटी रकम दलालों को दे बैठते है. जिसके बाद न तो ब्लड मिलता है और न ही वह दलाल.

न्यूज विंग एंड्रॉएड ऐप डाउनलोड करने के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पेज लाइक कर फॉलो भी कर सकते हैं.

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

%d bloggers like this: