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रिम्स में नहीं रुक रही है खून की दलाली, ब्लड बैंक के पास रहता है दलालों का जमावड़ा

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Ranchi: राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स) हमेशा किसी ने किसी वजह से सुर्खियों में रहता है. कभी डॉक्टर और मरीज के बीच मारपीट, कभी हड़ताल तो कभी मरीजों को घटियां खाना देने, कभी खून की दलाली की खबरें आये दिन छपती रहती हैं. लेकिन रिम्स प्रबंघन सुधरने को तैयार नहीं. ऐसा ही एक मामला एक बार फिर दुहराया गया. मजबूर पिता जब अपनी बच्ची का इलाज कराने राज्य के सबसे बडे अस्पताल में पहुंचा तो उस पर भी दलालों ने गिद्ध की तरह झपट्टा मारा. दरअसल तमाड़ के गुरुडीह क्षेत्र के रहनेवाले राजेंद्र अपनी ढाई वर्षीय बच्ची कृष्णा कुमारी को बेहतर ईलाज के लिए रिम्स लेकर आये थे.

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दलालों ने आसानी से ब्लड उपलब्ध कराने की बात कह कर फंसाया

कृष्णा कुमारी का ईलाज एमआर अखौरी की यूनिट में चल रहा था, जहां नर्सों ने कृष्णा के पिता को जल्द से जल्द खून का इंतजाम करने को कहा. इसके बाद राजेंद्र अपनी बेटी के लिए खून के बंदोबस्त में लग गये. वह रिम्स के ब्लड बैंक के पास खड़े थे, इसी दरमियान कुछ दलालों ने आसानी से खून उपलब्ध कराने की बात कहते हुए राजेंद्र को अपने जाल में फंसा लिया. इसके एवज में दलालों ने राजेंद्र से एक हजार रुपए की मांग की. अपनी बच्ची के लिए राजेंद्र पैसे देने के लिए तैयार हो गये.

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सेवा सदन चलने को कहा

अपनी बच्ची के प्रेम और जल्द इलाज की सोच के साथ राजेंद्र ने दलाल को 1000 दे दिए. जिसके बाद उस दलाल ने राजेंद्र को सेवा सदन चलने के लिए कहा. दलाल की बातों में आकर कृष्णा के पिता सेवा सदन चले गए. यहां उन्हें बैठने के लिए कह कर दलाल कहीं चला गया. कृष्णा के पिता काफी देर तक बैठे रहे लेकिन वह दलाल फिर नहीं आया. इंतजार करते-करते जब उन्होंने पता करना चाहा तो उस दलाल का कोई पता नहीं चला. इसके बाद राजेंद्र वापस रिम्स के ब्लड बैंक पहुंचे और अपनी पीड़ा बताने लगे. राजेंद्र की तरह और भी कई ऐसे पीड़ित हैं जो दलालों के चंगुल में फंस जाते हैं और ब्लड की आस में मोटी रकम दलालों को दे बैठते है. जिसके बाद न तो ब्लड मिलता है और न ही वह दलाल.

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