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सिर्फ सरकारी नौकरी के भरोसे नहीं बैठें, अपना व्यापार शुरू करना बेहतर : डॉ विवेक बिंद्रा

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Ranchi : मोटिवेशनल स्पीकर डॉ विवेक बिंद्रा रविवार को रांची में थे. उन्होंने लगभग 1000 से अधिक कारोबारियों, ऑर्गनाइजेशन लीडर व विद्यार्थियों को अपनी स्पीच से मोटिवेट किया. हाई पावर मोटिवेशनल सेमिनार बाउंस बैक कार्यक्रम के अपनी तीन घंटे की स्पीच में डॉ बिंद्रा ने कई पहलुओं को छुआ. उन्होंने विशेषकर सरकारी नौकरी के भरोसे नहीं बैठकर अपना व्यापार शुरू करने पर विशेष जोर दिया. उन्होंने उपस्थित लोगों को सीमित समय में अधिकतम व्यावसायिक अंतर्दृष्टि से बेहतर कारोबार करने के गुर बताये. डॉ बिंद्रा ने कहा कि झारखंड में मिनरल की खदानें हैं, लेकिन बाहर से व्यापारी आकर व्यापार करते हैं, पैसा कमाकर चले जाते हैं, तो क्यों न यहां के लोकल व्यापारी को खड़ा किया जाये.

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सिर्फ सरकारी नौकरी ही एक उपाय नहीं है

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डॉ बिंद्रा ने अपनी स्पीच में कहा कि सिर्फ सरकारी नौकरी ही एक उपाय नहीं है ग्रोथ का. सिर्फ सरकारी दामाद बनना ही सफलता नहीं रह गया है. आज जो आप करना चाहें, उसमें करियर बिल्ट कर सकते हैं. डॉ बिंद्रा ने शॉर्ट टर्म और लॉन्ग टर्म गोल पाने के लिए योजना व स्ट्रेटजी बनाने के तरीके, जिम्मेदारी के साथ बढ़ते स्वामित्व से अधिक प्रोडक्टिव वर्क प्लेस बनाने की बात कही. उन्होंने किसी भी व्यापार के फेल होने की वजह के साथ-साथ एडॉप्शन कर्व, मार्केट इवैल्यूएशन स्ट्रेटजी, कंज्यूमर नीड्स को पहचानने, मोनोपॉली आदि के विषय में विस्तृत जानकारी दी.

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किसानों को मुआवजा देने से फायदा नहीं होगा, उन्हें शिक्षा चाहिए

डॉ बिंद्र ने कहा कि किसानों को फ्री में मुआवजा देकर कोई फादया नहीं होगा. इससे उन्हें पावरफुल नहीं बनाया जा सकता. उन्हें भी शिक्षा चाहिए. बाबा साहेब अंबेडकर कहते थे कि सबसे निचले पायदान के लोगों को पावरफुल बना दो, देश बदल जायेगा. मुआवजा और फ्री में सबकुछ उपलब्ध कराकर टोटल सिस्टम कोलैप्स करने की तैयारी चल रही है. किसनों का ध्यान अब उत्पादन में नहीं, उनका ध्यान सिर्फ मुआवजे पर अटका है. यह सब वोट की राजनीति है, कोई जड़ मजबूत करने पर ध्यान नहीं दे रहा.

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