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छात्रवृत्ति रोक आदिवासी छात्रों के बेहतर भविष्य से खिलवाड़ न करे सरकार : विधायक सीमा देवी

छात्रवृत्ति रोके जाने पर विधायक ने लिखा मुख्यमंत्री को पत्र

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Ranchi: दूसरे राज्यों में तकनीकि शिक्षा ग्रहण कर रहे आदिवासी छात्रों की छात्रवृत्ति रोके जाने पर विधायक सीमा देवी ने नाराजगी जतायी है. इस संदर्भ में उन्होंने मुख्यमंत्री रघुवर दास को एक पत्र भी लिखा है. पत्र के माध्यम से उन्होंने कहा कि पढ़ाई पूरी कर चुके कई छात्रों द्वारा फीस जमा नहीं कर पाने से संबंधित संस्थान उन्हें उनके शैक्षणिक प्रमाण पत्र से वंचित कर रहे हैं. इसका कारण छात्रों को प्रदत्त छात्रवृत्ति पर कल्याण विभाग द्वारा रोक लगाना है. अगर यही स्थिति बनी रही तो अपने बेहतर शिक्षा के लिए आदिवासी छात्र राज्य से बाहर नहीं जा पायेंगे.

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विधायक ने पत्र में मामले की दी जानकारी

सिल्ली विधायक सीमा देवी ने मुख्यमंत्री को पत्र लिख कर कहा है कि सिल्ली विधानसभा क्षेत्र के बहुत से आदिवासी छात्र तमिलनाडु के कृष्णागिरी स्थित संत जोसेफ पॉलिटेक्निक कॉलेज में शिक्षारत हैं. ऐसे छात्र राज्य सरकार से प्राप्त छात्रवृत्ति द्वारा उस संस्थान में फीस का भुगतान कर रहे हैं. अब जबकि सभी छात्रों ने अपनी पढ़ाई पूरी कर ली है, तो उनमें से कई छात्रों के शैक्षणिक प्रमाण-पत्र भी उन्हें अभी तक नहीं दिये गये हैं. इसका कारण फीसकी राशि का जमा नहीं होना है. कल्याण विभाग ने ऐसे छात्रों की छात्रवृत्ति बंद कर दी है. इस कारण ऐसे छात्रों का भविष्य अधर में लटक गया है.

सीएम को लिखी गई सीमा महतो की चिट्ठी

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छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ करना छोड़े सरकार

इस मामले में न्यूज विंग संवाददाता से बातचीत के क्रम में सिल्ली विधायक ने बताया कि राज्य से बाहर टेक्निकल शिक्षा ग्रहण करने वाले कई छात्रों की छात्रवृत्ति पर सरकार ने वज्र गिराना शुरू कर दिया है. कहा कि डिग्री, डिप्लोमा, टेक्निकल, नर्सिंग आदि कोर्स करने पर राज्य सरकार इन छात्रों को छात्रवृत्ति देती थी. पहले इन राशि को आधा किया गया, फिर वर्ष 2017 से इस राशि को खत्म ही कर दिया गया. ऐसे में राज्य के बाहर पढ़ने वाले कई छात्रों के समक्ष विकट समस्या उत्पन्न हो गयी है. उनका भविष्य अंधकारमय हो गया है. उन्होंने संत जोसेफ पॉलिटेक्निक कॉलेज में पढ़ रहे कई छात्रों की स्थिति पर बात करते हुए कहा कि फीस की राशि जमा नहीं कर पाने से संस्थान छात्रों को उनके शैक्षणिक प्रमाण पत्र नहीं दे रहे हैं. अगर ऐसा ही रहा तो बेहतर शिक्षा के लिए ये आदिवासी छात्र बाहर नहीं जा पायेंगे. सरकार को सख्त लहजे में विधायक ने कहा कि सरकार ऐसे गरीब आदिवासी छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ न करे.

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कल्याण मंत्री ने कहा, मामले को समझ देंगे प्रतिक्रिया

मंत्री लुईस मरांडी

इस मामले पर न्यूज विंग से बातचीत में कल्याण मंत्री लुइस मरांडी ने कहा कि मामला उनके संझान में अभी ही आया है. कभी-कभी लोग बिना जाने ही यह आरोप लगाते हैं कि कल्याण विभाग ने छात्रों की छात्रवृत्ति रोक लगा दी है. जबकि ऐसा कुछ नहीं है. चूंकि यह एक टेक्निकल विषय का मामला है. पत्र देखने से पहले वह कोई भी प्रतिक्रिया देने में सक्षम नहीं है. मामले को समझने के बाद जो सही होगा, विभाग वही कार्रवाई करेगा.

इन छात्रों की रोकी गयी है छात्रवृत्ति

रमेश चंद्र लोहरा, ग्राम – सोसो, बकाया राशि 80,000 रुपये
अंकित उरांव, ग्राम – गुडिडीह, बकाया राशि 80,000 रुपये
अरुण कुमार बेदिया, ग्राम – मानसेबड़ा, बकाया राशि 80,000 रुपये
रामकिष्टो बेदिया, ग्राम – मानसेबड़ा, बकाया राशि 80,000 रुपये
शम्भु मुंडा, ग्राम – मुसंगू, बकाया राशि 80,000 रुपये
गुरुचरण बेदिया, ग्राम – सीताडीह, बकाया राशि 80,000 रुपये
परमेश्वर मुंडा, ग्राम – गलऊ, बकाया राशि 80,000 रुपये
राजकुमार मुंडा, ग्राम – मुरूतडीह, बकाया राशि 80,000 रुपये
पंचानन सिंह मुंडा, ग्राम – सोसो, बकाया राशि 80,000 रुपये
लखीचरण बेदिया, ग्राम – अरवाबेडा, बकाया राशि 1.20 लाख रुपये

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