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डीटीओ कार्यालय से समय पर न तो ड्राइविंग लाइसेंस मिलता है न रिन्यूवल कार्ड

ऑनलाइन प्रक्रिया की जटिलता में उलझ रहे हैं लोग

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Ranchi: झारखंड सरकार ने वाहनों के रजिस्ट्रेशन, ड्राइविंग लाइसेंस और इनकी भुगतान प्रक्रिया को ऑनलाइन कर दिया है. लेकिन इनके ऑनलाइन हो जाने से लोगों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं. लोग ऑनलाइन आवेदन करने और फिर संबंधित कागजात को डीटीओ (जिला परिवहन कार्यालय कार्यालय) पहुंचाने की प्रक्रिया में उलझ रहे हैं. डीटीओ से न तो समय पर रजिस्ट्रेशन नंबर और न ही ड्राइविंग लाइसेंस (लर्निंग और बाद में नया) मिल पा रहा है. ड्राइविंग लाइसेंस के रिन्यूवल में भी काफी समय लग रहा है. नये वाहनों का रजिस्ट्रेशन नंबर मिलने में एक सप्ताह और ड्राइविंग लाइसेंस निर्गत होने में दो-दो माह तक लग रहे हैं. यदि इनका फोलो-अप नहीं किया गया, तो और भी समय लग सकता है. कहने के लिए सभी जिलों में डीटीओ की पदस्थापना की गयी है.  लेकिन काम की रफ्तार उतनी ही धीमी है. डीटीओ के हस्ताक्षर से ही वाहनों का नंबर और ड्राइविंग लाइसेंस मिलता है,  क्योंकि स्मार्ट कार्ड में इनका सिग्नेचर जरूरी होता है.

इतना सब करने के बाद मिलता है ड्राइविंग लाइसेंस

आवेदक को ड्राइविंग लाइसेंस लेने के लिए पहले प्रज्ञा केंद्र में ऑनलाइन आवेदन करना होता है. सभी जरूरी चीजें अपलोड करने के बाद उसका प्रिंट लेना पड़ता है. इसमें आवेदन फार्म के साथ, मेडिकल सर्टिफिकेट भी रहता है. इस सर्टिफिकेट पर डॉक्टर का हस्ताक्षर जरूरी होता है, क्योंकि इसी जांच रिपोर्ट से ड्राइविंग लाइसेंस निर्गत होता है. इस सर्टिफिकेट को डीटीओ कार्यालय में जमा करने के बाद 400 रुपये बतौर चार्ज जमा करना होता है. यह राशि क्रेडिट कार्ड अथवा डेबिट कार्ड से पॉश मशीन के जरिये जमा होती है. फिर, पॉश मशीन से जारी रसीद को काउंटर में आवेदन फार्म के साथ देना पड़ता है. यहां भी आवेदक को 42 रुपये जमा करना होता है. काउंटर में आवेदन फार्म की जांच दो कर्मी करते हैं. इसके बाद इस पर डीटीओ का हस्ताक्षर होता है. इस पूरी प्रक्रिया में कम से कम 15 से 20 दिन लग जाते हैं. ये भी बता दें कि पहले किसी बिचौलिये के जरिये लाइसेंस 300 रुपये में बन जाता था. अब बिचौलिये भी 1500 रुपये लेते हैं.

वाहनों के नंबर मिलने में भी देरी

नये वाहनों का नंबर (दोपहिया अथवा कार, जीप व अन्य) दो दिनों में नहीं मिल पाता है. इधर, परिवहन विभाग का दावा है कि नये वाहनों का रजिस्ट्रेशन नंबर दो दिनों में मिल जायेगा. अमूमन, रांची के सभी वाहन डीलर खुद कस्टमर से रजिस्ट्रेशन के पैसे और हैंडलिंग चार्ज लेते हैं. वाहन कंपनियों के डीलर ही खुद फार्म भर कर डीटीओ ऑफिस तक पहुंचाते हैं. फार्म की जांच करने के बाद डीटीओ नये वाहन का रजिस्ट्रेशन नंबर जारी करते हैं. इसकी सूचना एसएमएस से कस्टमर को मिल जाती है.

एक नवंबर से पांच साल का बीमा जरूरी

सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के बाद एक नवंबर से वाहनों का पांच साल का बीमा जरूरी कर दिया गया है. दोपहिया वाहनों के लिए अब पांच साल के बीमा के लिए ग्राहकों को सात हजार रुपये से अधिक का पेमेंट करना होगा. इसके अलावा रजिस्ट्रेशन के लिए 2400 रुपये और हैंडलिंग चार्ज के रूप में डीलरों की ओर से 1800 से रुपये लिये जा रहे हैं. ये सभी खर्च वाहनों की कीमत के अलावा होते हैं.

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