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जनता को बेवकूफ मत बनाइए डीसी साहब, मेकॉन ने आपको सात पत्र लिखकर कहा – करा लें पहाड़ी मंदिर की मरम्मती

Ranchi: रांची डीसी राय महिमापत रे पूरी लाव-लश्कर के साथ बुधवार को पहाड़ी मंदिर पहुंचे. उनके पीछे रांची की तमाम मीडिया थी. उन्होंने वहां की हालत देख कर मौजूद अधिकारियों को डांट लगायी. पहाड़ी मंदिर पर चल रहे मरम्मती के काम को जल्दी करने को कहा. पहाड़ पर विश्व के सबसे ऊंचे फ्लैग को लगाने में पीएमसी (प्रोजेक्ट मैनेजमेंट कंसल्टेंसी) का काम करने वाले मेकन से कंसल्टेंसी फीस वापस लेने और रिकवरी केस दर्ज करने की बात कही. गुरुवार को यह बात अखबारों में प्रमुखता से छपी. लगा सच में मेकन ने बड़ा अपराध किया है और डीसी साहेब उसके अफसरों को सजा जरुर देंगे.

ऐसा लगता है कि डीसी साहेब सरकार और रांची के लोगों को बेवकूफ बनाने पर तुले हुए हैं. क्योंकि न्यूज विंग की पड़ताल में जो बातें सामने आयी हैं, उससे पहाड़ी मंदिर को लेकर रांची डीसी की गंभीरता ही सवालों के घेरे में आ गया है. मेकन ने डीसी को सात बार पत्र लिखकर कहा है कि मॉनसून से पहले पहाड़ी मंदिर की मरम्मती करा लें. लेकिन डीसी, जो पहाड़ी मंदिर समिति के अध्यक्ष भी हैं, उन्होंने इसे गंभीरता से नहीं लिया. वह तो अब भी प्रशासन सिर्फ इसलिए अपनी सक्रियता दिखा रही है कि सावन आ गया है. सावन में पहाड़ी मंदिर पर भारी भीड़ जुटती है. ऐसे में अगर कुछ हो गया, तो लेने के देने पड़ जायेंगे. अगर सावन नहीं आया होता, तो डीसी और जिला प्रशासन की नींद अब भी नहीं खुलती. ऐसे में सवाल यह उठ रहा है कि गड़बड़ियों के लिए मेकन पर क्यों आग-बबूला हो रहे हैं. पूरा काम तो प्रशासन और पहाड़ी मंदिर समिति की देख-रेख में हुआ था. आम लोग तो इस काम को वाहवाही लूटने के लिए किये गये एक सबसे खराब काम के रुप में ही देखते हैं.

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जनता को बेवकूफ मत बनाइए डीसी साहब, मेकन ने आपको सात पत्र लिखकर कहा - करा लें पहाड़ी मंदिर की मरम्मती

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मेकन ने डीसी-एसडीएम को लिखी सात बार चिट्ठी

पहाड़ी मंदिर में चल रहे मरम्मती के काम को लेकर मेकन प्रोग्राम मैनेजमेंट कंसल्टेंसी (पीएमसी) का काम कर रहा है. विश्व के सबसे ऊंचे फ्लैग पोल लगाने के वक्त भी मेकन ही पीएमसी का काम कर रहा था. डीसी राय महिमापत रे ने कंपनी से कंसल्टेंसी की फीस वापस लेने की बात मीडिया के सामने कही भी थी. लेकिन मेकन के सिविल डिपार्टमेंट के अधिकारियों का कहना है कि मरम्मती के काम को लेकर मंदिर विकास समिति और जिला प्रशासन गंभीर नहीं है. मेकन ने एक-के-बाद-एक सात चिट्ठी डीसी और एसडीएम को लिखी है. चिट्ठी में सिविल विभाग मेकन की तरफ से लिखा गया है कि मॉनसून से पहले मरम्मती के काम को खत्म कर लिया जाए, नहीं तो पहाड़ी मंदिर को नुकसान पहुंच सकता है. मॉनसून आते ही पहाड़ी मंदिर जहां-तहां से धंस रहा है. अगर मेकन की चिट्ठी को जिला प्रशासन गंभीरता से लेता. काम करने वाली कंस्ट्रक्शन कंपनी उर्मिला पर दवाब बनाया जाता तो आज पहाड़ी मंदिर की जो हालत है, वो नहीं रहती.

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श्रावणी मेला से पहले खुली है नींद

श्रावणी मेला से तीन दिन पहले डीसी राय महिमापत रे को पहाड़ी मंदिर की याद आयी. वो भी तब जब मीडिया में रोजाना पहाड़ी को लेकर बातें छपने लगीं. हर साल सावन में मंदिर में भक्तों का तांता लगता है. ऐसे में यह समझ से परे है कि रांची प्रशासन ने मरम्मती के काम को लेकर पहले से गंभीरता क्यों नहीं दिखाया. शुक्रवार को मुख्यमंत्री रघुवर दास भी पहाड़ी मंदिर का जायजा लेने के लिए पहाड़ी मंदिर जा रहे हैं. देखना दिलचस्प होगा कि सीएम पहाड़ी मंदिर की इस दुर्दशा के लिए किसे फटकार लगाते हैं और किसे जिम्मेवार मानते हैं.

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बहरहाल, बुधवार को डीसी ने पहाड़ी मंदिर की मरम्मती का काम कर रहे उर्मिला कंस्ट्रक्शन के प्रतिनिधियों को फटाफट काम खत्म करने को कहा. यह सच है कि पहाड़ी मंदिर की हालत ठीक नहीं है. इसकी एक मात्र वजह है, वाहवाही के लिए विश्व का सबसे ऊंचा झंडा लगाने के लिए वहां एक भारी-भरकम फ्लैग पोल लगाना. दूसरी एक और वजह है, पहाड़ी मंदिर के परिसर में चल रहे मरम्मती का काम पूरा ना हो पाना. सच तो यह है कि जिस रफ्तार से रांची प्रशासन और पहाड़ी मंदिर विकास समिति के अध्यक्ष जिले के डीसी को काम करना चाहिए वो नहीं हो रहा है.

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