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उत्तर प्रदेश के छोटे कस्बे महोबा से निकल कर डीके तिवारी ने मुख्य सचिव तक का तय किया सफर

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  • किंग्स जॉर्ज मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस और झारखंड के छोटानागपुर लॉ कॉलेज से हासिल की एलएलबी की डिग्री
  • यूनिवर्सिटी ऑफ मैनचेस्टर से डेवलपमेंट इकोनॉमिक्स में ली मास्टर की डिग्री, 1986 में बिहार से हुई करियर की शुरुआत

Ravi Aditya

Ranchi: डीके तिवारी झारखंड की ब्यूरोक्रेशी में ऐसा नाम है, जिन्होंने उत्तर प्रदेश के एक छोटे कस्बे महोबा से निकल कर मुख्य सचिव तक का सफर तय किया है. अब वे झारखंड के मुख्य सचिव की भूमिका में नजर आयेंगे. न्यूज विंग से बात करते हुये दो टूक कहा समय कम हैं और चुनौतियां काफी हैं, लोकसभा चुनाव के बाद विधानसभा चुनाव भी होना है. फिर योजनाओं को सही समय पर धरातल पर उतारने की कोशिश होगी. प्रदेश की जनता को सभी योजनाओं का लाभ दिलाने के साथ उन्हें सु्विधाएं दिलाने मेरा एकमात्र मकसद है. 1986 बैच आइएएस अफसर ने अपने करियर में कई महत्वपूर्ण पदों पर योगदान दिया. एक-एक पायदान चढ़ने के बाद मुख्य सचिव के पद तक पहुंचे. 1960 में जन्मे तिवारी की स्कूली शिक्षा यूपी के महोबा और ललितपुर में हुई.

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शैक्षणिक योग्यता में कोई सानी नहीं

राज्य के नये मुख्य सचिव की शैक्षणिक योग्यता का कोई सानी नहीं है. उन्होंने सबसे पहले किंग्स जॉर्ज मेडिकल कॉलेज लखनऊ से एमबीबीएस की डिग्री हासिल की. किंग्स जॉर्ज मेडिकल कॉलेज में वे 1977-82 तक पढ़ाई की. इसके बाद झारखंड के छोटानागपुर लॉ कॉलेज से एलएलबी की डिग्री हासिल की. पढ़ाई का सफर यहां तक रुका नहीं. इसके बाद डीके तिवारी ने यूनिवर्सिटी ऑफ मैनचेस्टर से डेवलपमेंट इकोनॉमिक्स में मास्टर की डिग्री हासिल की. इसके बाद 1986 में यूपीएससी क्वालिफाई किया.

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बिहार से हुई करियर की शुरुआत

डीके तिवारी 1986 बैच के आइएएस अफसर हैं. करियर की शुरुआत मसौढ़ी(बिहार) के सब डिविजनल मजिस्ट्रेट के रूप में की. वे इस पद पर 1988-90 तक रहे. इसके बाद रांची में 1990-92 तक एडिशनल डिस्ट्रिक मजिस्ट्रेट रहे. फिर बिहार के किशनगंज के डीएम के पद पर योगदान दिया. इस पद पर 1992-94 तक रहे. बीपीडीए के प्रोजेक्ट डायरेक्टर के पद पर 1994-99 तक रहे. फिर वे झारखंड में एक्साइज कमिश्नर व आइजी रजिस्ट्रेशन बने. इस पद पर 2001-03 तक रहे. प्रधान सचिव के रूप में मानव संसाधन विभाग झारखंड में योगदान दिया. इस पद पर 2013-14 तक रहे. प्रधान स्थानिक आयुक्त नई दिल्ली के पद पर 2014-17 तक रहे.

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अपर मुख्य सचिव से मुख्य सचिव तक का सफर

2017 में डीके तिवारी को सीएस रैंक में प्रोन्नति मिली. इसके बाद उन्हें अपर मुख्य सचिव श्रम और जलसंसाधन बनाया गया. सात जून 2018 को उन्हें राज्य का विकास आयुक्त बनाया गया. इसके बाद अब उन्हें झारखंड के मुख्य सचिव की जिम्मेवारी सौंपी गई है.

पत्नी अलका तिवारी भी हैं सीएस रैंक की अफसर

डीके तिवारी की पत्नी अलका तिवारी भी मुख्य सचिव रैंक की अफसर हैं. 1988 बैच की आइएएस अफसर अलका तिवारी वर्तमान में केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर हैं. वे केंद्रीय रसायन एवं उर्वरक विभाग में एडिशनल सेक्रेट्री के पद पर हैं. डीके तिवारी की बेटी ख्याति प्राप्त वकील है और बेटा बोस्टन(अमेरिका) में मल्टीनेशनल कंपनी में कार्यरत है. डीके तिवारी के दो भाई यूपी और पंजाब कैडर में वरीय आइएएस अफसर हैं.

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