JharkhandLead NewsRanchi

गणतन्त्र दिवस पर बोले DJP नक्सलियों को जड़ से उखाड़ फेंकने का है लक्ष्य

Ranchi : पुलिस मुख्यालय में डीजीपी नीरज कुमार सिन्हा ने बुधवार को तिरंगा झंडा फहराया और सभी को 73 वें गणतंत्र दिवस की बधाई व शुभकामनाएं दी. डीजीपी नीरज सिन्हा ने राज्य के लोगों को शुभकामना देते हुए वीर शहीदों के बलिदान को याद किया. मौके पर राज्य के सभी वरीय पुलिस अधिकारी मौजूद थे.

मुख्यालय में डीजीपी के अलावा अन्य पुलिस अधिकारियों ने राज्य के उन वीर शहीदों के बलिदान को याद किया, जिनकी वजह से सभी देशवासी आज चैन की सांस ले रहे हैं. मौके पर डीजीपी ने कहा झारखंड पुलिस आम लोगों की सुरक्षा व राज्य के विकास में अपना पूर्ण सहयोग के लिए कटिबद्ध है. राज्य में असामाजिक तत्वों द्वारा एक अच्छे माहौल और परिवेश को बिगाड़ कर सामाजिक अशांति का माहौल बनाने का प्रयास किया जाता रहा है, परंतु ऐसे समय में हमारा नैतिक कर्तव्य है कि राज्य में शांति व्यवस्था स्थापित करने के लिए हम सदैव सजग रहे.

पुलिसकर्मियों का योगदान सराहनीय

उन्होंने कहा कि 2020 से ही पूरा विश्व कोविड-19 की वैश्विक महामारी से जूझ रहा है. राज्य में इस वैश्विक महामारी से स्वयं को सुरक्षित रखते हुए आम जनता को काफी हद तक सुरक्षित रखने में पुलिसकर्मियों का योगदान सराहनीय है. राज्य में हमारी प्राथमिकता अपराधियों के विरुद्ध निरंतर कार्रवाई से अपराधिक गतिविधियों पर अंकुश लगाना ही नहीं बल्कि नक्सली गतिविधियों को जड़ से उखाड़ फेंकने का लक्ष्य है.

कई दुर्दात नक्सली हुए गिरफ्तार

डीजीपी ने कहा कि विगत कुछ दिनों में नक्सली संगठनों द्वारा अपनी पहचान बनाए रखने का प्रयास किया गया. परंतु पुलिस की सक्रियता से वे कामयाब नहीं हो सके.  नक्सलियों के विरुद्ध झारखंड पुलिस ने लगातार सफलताएं प्राप्त की है कई दुर्दांत नक्सली ना सिर्फ गिरफ्तार किए गए हैं बल्कि विभिन्न पुलिस मुठभेड़ों में नक्सली मारे गए हैं.

ये नक्सली हुए हैं गिरफ्तार

झारखंड गठन से अब तक 9631 नक्सलियों को गिरफ्तार किया गया जिसमें पोलित ब्यूरो सदस्य-3, सेंट्रल कमेटी सदस्य-3, सैक सदस्य-27, रीजनल कमिटी सदस्य-11, जोनल कमांडर-90, सब जोनल कमांडर-263 एवं एरिया कमांडर 420 की गिरफ्तारी की गई है.

931 नक्सली मारे गए

इसके अलावा झारखंड गठन से अब तक पुलिस हथियार-524, रेगुलर हथियार-693 सहित कुल देशी हथियार-4342, कारतूस-187917, आईईडी-7212, एवं डेटोनेटर 164143 बरामद किए गए. वही 1020.73 लाख रुपये की लेवी राशि बरामद की गई. आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति के तहत 229 नक्सलियों में समर्पण किया. पुलिस मुठभेड़ एवं ग्रामीण के द्वारा 931 नक्सली मारे गए.

साइबर अपराधियों के प्रति किया जा रहा है लोगों को जागरुक

राज्य के सभी साइबर अपराधिक गतिविधियों से ग्रसित क्षेत्रों में जोरदार तरीके से कार्रवाई की जा रही है. इन कार्रवाईयों के अतिरिक्त झारखंड पुलिस साइबर सुरक्षा नामक चैनल चलाकर लोगों को जागरूक किया जा रहा है. 41 विभिन्न वीडियो के माध्यम से लोगों को साइबर ठगी से बचाव की जानकारी दी जा रही है.

वही झारखंड पुलिस को अत्याधुनिक बनाने के क्रम में राज्य के 529 थानों को क्राईम एंड क्रिमिनल ट्रैकिंग नेटवर्क सिस्टम (सीसीटीएनएस) से जोड़ा गया है. थाने में होने वाले एफआईआर की सीसीटीएनएस सॉफ्टवेयर के द्वारा ऑनलाइन प्रविष्टियां की जा रही है. ऑनलाइन एफआईआरके तहत अब तक कुल 70280 मामलों में 61770 मामले का निष्पादन किया जा चुका है. 8510 मामले लंबित हैं एवं 2465 मामले में प्राथमिकी दर्ज की गई है. आम नागरिकों से सीधे संवाद के लिए झारखंड पुलिस ने अपना ट्विटर भी प्रारंभ किया है.

डायल 112 से 24 घंटे आपात मदद

झारखंड पुलिस स्टेट इमरजेंसी रिस्पांस सिस्टम के अंतर्गत यूनिफाइड डायल 112 बनाया गया है. पूरे राज्य में कोई भी घटना एवं दुर्घटना होने पर एक 112 नंबर डायल कर 24 घंटे आपातकालीन सेवा की व्यवस्था है. इसके अंतर्गत पुलिस, अग्निशमन व एंबुलेस की मदद ली जा सकती है. वही अवैध मानव व्यापार की रोकथाम के लिए पूर्व में 8 जिलों में एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट थाने कार्यरत थे. वर्तमान में राज्य की सभी 24 जिलों में एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग थाने का सृजन किया गया है.

इसे भी पढ़ें :सम्मेद शिखर मधुबन और वैज्ञानिक जेसी बोस के कारण गिरिडीह की पहचान विश्व स्तर पर : कृषि मंत्री

Advt

Related Articles

Back to top button