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डीजेएन नन बैंकिंग: 18 करोड़ ठगी मामले की सीबीआइ ने शुरू की जांच

निवेशकों के दावा से संबंधित कागजात ले रही जमा

Palamu: डीजेएन नन बैंकिंग ठगी मामले में जांच के लिए सीबीआइ की टीम पलामू पहुंची है. 2 सदस्यीय टीम आगामी 5 फरवरी तक जिला मुख्यालय मेदिनीनगर में रहेगी और पूरे मामले की जांच करेगी.

इस दौरान ठगी के शिकार हुए लोगों से मिलेगी और उनसे सभी प्रकार के डिटेल लेगी. टाउन थाना के टीओपी-1 के कार्यालय में निवेशकों के बयान को कलमबद्ध किया जा रहा है. टीओपी वन को फिलहाल सीबीआई ने अपना कैंप कार्यालय बनाया है.

विदित हो कि डीजेएन नन बैंकिंग ठगी मामले में मेदिनीनगर में दूसरी एफआईआर दर्ज की गई थी, जिसके बाद जांच के लिए सीबीआई की टीम पलामू पहुंची है. पहला मामला रांची के लालपुर थाने में दर्ज किया गया था. इस मामले में कंपनी के मालिक चार्जशीटेड हैं.

पलामू में दर्जनों लोग इस कंपनी से ठगी के शिकार हुए थे. सीबीआई के अनुसार कंपनी ने 18 करोड़ रुपए का गबन किया था.
मामले में जांच और पीड़ितों के डाक्यूमेंट लेने के लिए सीबीआई की टीम ने शहर थाना परिसर स्थित टीओपी-1 कार्यालय को अपना कैंप बनाया है. इसमें निवेशकों से उनके हर एक डिटेल्स लिए जा रहे हैं. दावा से संबंधित ओरिजनल पेपर लाभुकों से मांगे जा रहे हैं.

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सीबीआई के अधिकारियों ने बताया कि ठगी के शिकार हुए लोगों को अपने साथ ओरिजिनल डॉक्यूमेंट प्रूफ लाने होंगे, जैसे पैसे ट्रांसफर करने की रसीद, चेक का फोटो कॉपी, पासबुक आदि. आधार और पैन कार्ड को भी लाना अनिवार्य है. सभी का डॉक्यूमेंटेशन करने के बाद सीबीआई टीम द्वारा रिसीविंग भी दिया जा रहा है. इसी आधार पर सभी लोगों का डाटा तैयार किया जाएगा.

सीबीआई अधिकारियों ने बताया कि तैयार डाटा के अनुसार निवेशकों को कोर्ट से रिकवरी करायी जाएगी और जिनका डाटा तैयार रहेगा, केवल उन्हीं को रिकवरी की रकम दी जाएगी. इसलिए टीम लोगों से आग्रह करती है कि इसे जरूरी समझे और 5 फरवरी तक उनके पास आकर सभी डॉक्यूमेंट जमा कर दें.

राजहरा निवासी राम प्रवेश सिंह ने बताया कि उन्होंने गत 2015 में दो लाख रुपए डीजेएन कंपनी में जमा कराए थे. कंपनी ने उनसे वादा की थी कि उसके बदले अच्छा मुनाफा देगी. पर कुछ दिनों बाद उन्हें यह पता चला कि कंपनी उनके पैसे लेकर भाग गई.

उसके बाद उन्होंने शहर थाना में लिखित आवेदन भी दिया. बहुत परेशान भी रहे. आज जाकर सीबीआई की टीम शहर थाना पहुंची है. इसके लिए वे सारा ओरिजिनल डाक्यूमेंट्स लेकर के आए हैं, ताकि वह सीबीआई को जमा कर सकें.

साथ ही लोगों से भी आग्रह किया कि जो भी ठगी के शिकार हुए हैं, जल्द से जल्द शहर थाना के टीओपी 1 कार्यालय में कागजात जमा करा दें.

रजहरा के ही निवासी जय प्रकाश पांडे ने बताया कि वह एक बेरोजगार व्यक्ति हैं. उन्होंने जैसे-तैसे रुपये बचाकर डीजेएन कंपनी में 400000 लगाएं, लेकिन मुनाफा तो दूर कंपनी सारे पैसे लेकर भाग गयी.

पर आज तक उम्मीद और आस लगाए बैठे हैं कि पैसे कब मिलेंगे. उन्हें समझ नहीं आ रहा है कि प्रशासन उनकी मदद क्यों नहीं कर रही है, प्रशासन की निष्क्रियता के कारण ही आज सीबीआई की टीम को यहां जांच के लिए पहुंचना पड़ा. उन्होंने अपने कागजात जमा करा दिए हैं.

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18 करोड़ की हुई है ठगी

सीबीआई अधिकारी ने बताया कि पलामू जिले में दर्जनों लोगों से 18 करोड की ठगी हुई है. उन्होंने कहा कि डीजेएन कंपनी मेदिनीनगर में शहर थाना के सामने 2014-15 में संचालित थी.

दुकानदारों सहित अन्य लोगों को तीन-चार प्रतिशत ब्याज का लालच देकर उनकी गाढ़ी कमायी जमा करायी थी और फिर मौका मिलते ही मेदिनीनगर से फरार हो गयी.

सीबीआई अधिकारी ने कहा कि रांची के बाद मेदिनीनगर में दूसरी एफआईआर कंपनी के ऊपर दर्ज की गयी थी. इसके बाद मामले में जांच का जिम्मा मिलने पर उनकी टीम मेदिनीनगर पहुंची है.

उन्होंने कहा कि ठंड का मौसम है, लेकिन लोग अपने घरों से बाहर निकले और टीम को जरूरी कागजात जमा करायें. उन्होंने कहा कि ठंड के कारण लोगों का घरों से निकलना मुश्किल है, लेकिन अगर वे घर से नहीं निकलेंगे तो उन्हें न्याय नहीं मिल पायेगा.

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