Education & CareerLead News

डिवाइन मर्सी स्कूल नामकुम की मनमानी, दोगुना फीस देने के लिए कर रहा बाध्य

Ranchi : कोरोना काल में निजी स्कूलों कि मनमानी जारी है. स्कूलों की मनमानी का ताज़ा उदाहरण डिवाइन मर्सी स्कूल नामकुम का आया है. स्कूल प्रबंधन की ओर से अभिभावकों पर दोगुना फीस जमा करने का दबाव बनाया जा रहा है. आलम यह है कि जो अभिभावक अपने बच्चों की फीस जमा नहीं कर रहे हैं उन्हें ऑनलाइन क्लास के ग्रुप से निकाल भी दिया जा रहा है. स्थिति यह है कि स्कूल प्रबंधन के इस रवैये से 30 से स्टूडेंट्स के भविष्य पर संकट के बादल छाये हुए हैं.

Sanjeevani

क्या है मामला

MDLM

दरअसल डिवाइन मर्सी स्कूल नामकुम क्लास वन से आठवीं तक के बच्चों को आइसीएसई बोर्ड के सिलेबस से पढ़ाई कराता है. आठवीं में लगभग 37 बच्चे हैं, जिनकी बोर्ड परीक्षा सीबीएसई से कराने की बात स्कूल प्रबंधन अभिभावकों से कर रहा है. एक अभिभावक ने बताया कि स्कूल को आइसीएसई बोर्ड की मान्यता नहीं मिली.

जिसके बाद स्कूल ने चुटिया स्थित एलए गार्डन स्कूल से आगे की पढ़ाई कराने की बात कही है. जबकि यह स्कूल सीबीएसई बोर्ड और पैटर्न को लागू करता है. ऐसे में स्टूडेंट्स को पढ़ाई में परेशानी होगी. पूरे साल की पढ़ाई आइसीएसई बोर्ड से करायी गयी और अब सीबीएसई से आगे पढ़ाई कराने के लिए स्कूल प्रबंधन अभिभावकों पर दबाव बना रहा है.

बच्चों का भविष्य देखते हुए अभिभावक इसके लिए राजी भी हैं लेकिन स्कूल प्रबंधन का कहना है कि हमारे स्कूल की फीस तो अभिभावक जमा करें ही इसके साथ चुटिया स्थित एलए गार्डन स्कूल की भी एक साल की फीस जमा करें.

अभिभावकों को बरगला रहा स्कूल प्रबंधन

जानकारी के अनुसार अभिभावकों ने स्कूल प्रबंधन को आवेदन दे कर फीस में रियायत देने का अनुरोध किया. इसके बाद भी आवेदन पर कोई विचार नहीं किया गया. स्कूल की प्राचार्य अभिभावकों से मिलती भी नहीं हैं. अभिभावकों ने बताया कि चुटिया स्थित एलए गार्डन स्कूल में क्लास 9 के लिए एक साल की फीस 8500 रुपये देने को कहा जा रहा है.

अभिभावकों का कहना है कि स्कूल प्रबंधन एक साल की फीस के अतिरिक्त कोई और फीस न ले. अभिभावकों ने शिकायत की है कि स्कूल प्रबंधन ने फीस जमा नहीं करनेवाले अभिभावकों के बच्चों को ऑनलाइन क्लास ग्रुप से हटा दिया है. ऐसे बच्चों की संख्या 15 से अधिक है.

Related Articles

Back to top button