Ranchi

तीन महीने में #CCL अधिग्रहित भूमि के बदले रैयतों को मिले नौकरी और मुआवजा: गोपाल सिंह

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  • जेएमएम महासचिव फागू बेसरा ने जनजाति आयोग के समक्ष रखा विस्थापितों का मुद्दा
  • सीसीएल की कई परियोजना के लिए अधिग्रहित हुई जमीन के लिए विस्थापितों को नहीं मिला नौकरी और मुआवजा

Ranchi: सेंट्रल कोलफील्डस लिमिटेड (सीसीएल) के विस्थापितों के मुआवजा, नौकरी सहित अन्य लाभों को लेकर दिल्ली स्थित राष्ट्रीय जनजाति आयोग कार्यालय में एक बैठक हुई. बैठक आयोग के नंदकुमार साय के अध्यक्षता में हुई.

बैठक में जेएमएम महासचिव सह विस्थापित मोर्चा के अध्यक्ष फागु बेसरा भी उपस्थित थे. बैठक में फागू बेसरा ने विस्थापितों का मुद्दा उठाया. कहा कि सीसीएल के भुरकुंडा, पुंडी, कुजू, गिद्दी, बिरसा, तापिन, परेज, करमा, तोपा सहित रजरप्पा जैसी परियोजना में आदिवासियों की जमीन अधिग्रहित हुई थी.

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सरकारी आश्वासन के बाद भी उन्हें आज तक मुआवजा नहीं मिला है. इस पर सीसीएल के सीएमडी गोपाल सिंह ने आश्वासन दिया कि अगले तीन महीने में सत्यापित रैयती मान्यता प्राप्त गैरमजरूआ बन्दोबस्त एवं रैयती भूमि की नौकरी और मुआवजा दिया जायेगा. वहीं भुरकुण्डा परियोजना के ग्राम देवरिया एवं दुंदवा के 810 एकड़ रैयती भूमि के संबंध में भी ठोस निर्णय लिया गया. बैठक में आयोग की सदस्य माया चिन्तामन, निदेशक ललीत लट्टा, सीसीएल के सीएमडी गोपाल सिंह, महाप्रबंधक (कार्मिक) उमेश सिंह आदि शामिल थे.

विस्थापितों को मुआवजा नहीं मिलने का उठा मुद्दा

जेएमएम नेता बेसरा ने आयोग को बताया कि भुरकुंडा परियोजना के लिए कुल 2228 एकड़ भूमि अधिग्रहित हुई थी. इसमें कुल 810 एकड़ भूमि रैयती थी, लेकिन विस्थापितों को इसका मुआवजा नहीं मिला है.

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जमीन कंपनी ने जमीन का करीब 400 एकड़ उपयोग भी किया है. इसी तरह हेसागढ़ा परियोजना में 34 एकड़, पुंडी परियोजना के मांडू ग्राम टोला महुआटाड़ में 114 एकड़ रैयती भूमि अधिग्रहित की गयी थी, लेकिन अभी तक इसका मुआवजा भी नहीं मिला है.

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भूमि अधिग्रहण एवं पुनर्वास कानून के तहत विस्थापितों को मिले लाभ

बैठक में इस बात पर भी चर्चा हुई कि कोल इंडिया के विस्थापन एवं पुनर्वास अधिनियम 2013 के अनुपालन और भूमि के सत्यापन में अधिकारियों का सहयोग नहीं मिलता है.

विस्थापितों की समस्या को सुनने के बाद आयोग के अध्यक्ष नन्द कुमार साय ने कहा कि केंद्र की नयी भूमि अधिग्रहण एवं पुनर्वास कानून में विस्थापितों को मुआवजा, नौकरी पुनर्वास जैसे लाभों को देने का प्रावधान है.

संबंधित अधिकारी इस दिशा में त्वरित गति से काम करें. विस्थापितों के मुद्दों पर ठोस कदम उठाने के लिए पुनः एक उच्चस्तरीय बैठक करने का निर्देश भी बैठक में दिया गया. जिसमें केंद्रीय कोयला सचिव, झारखंड भूमि एवं राजस्व विभाग के प्रधान सचिव, सीसीएल क्षेत्र के सभी डीसी, कोल इंडिया के अध्यक्ष सहित सीसीएल के सीएमडी भी शामिल रहेंगे.

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