West Bengal

अव्यवस्था : प बंगाल में 600 से अधिक नर्सों ने छोड़ी नौकरी, तेजी से बढ़ रहे हैं संक्रमण जोन

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Kolkata :  पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा कोरोना संकट से मुकाबले के लिए अग्रिम पंक्ति में खड़ी नर्सों और अन्य स्वास्थ्य कर्मियों को पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था उपलब्ध नहीं कराए जाने की वजह से 600 से अधिक नर्सों ने नौकरी छोड़ दी है. इससे राज्य भर के अस्पतालों में स्वास्थ्य व्यवस्था चरमरा गई है.

न केवल निजी बल्कि सरकारी अस्पतालों की नर्सों ने भी नौकरी से इस्तीफा देकर अपने गृह राज्य लौटने को प्राथमिकता दी है.

अधिकतर नर्सें मणिपुर और अन्य पूर्वोत्तर राज्यों की रहने वाली हैं. पिछले सप्ताह से ही नर्सों के नौकरी छोड़ने का सिलसिला शुरू हुआ. राज्य स्वास्थ्य विभाग के सूत्रों ने इस बात की पुष्टि की है कि सोमवार शाम तक 600 से अधिक नर्सों ने नौकरी छोड़ दी है और बंगाल से वापस लौट गई हैं.

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संबंधित अस्पतालों के प्रबंधन को दिए गए इस्तीफा पत्र में नर्सों ने सुरक्षा व्यवस्था उपलब्ध नहीं कराने का दावा किया है.

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राज्य सरकार ने इस मामले का संज्ञान लिया है और नर्सों का पलायन रोकने के लिए पहल की जा रही है. जिन राज्यों से नर्स यहां आकर नौकरी करती हैं, वहां के संबंधित अधिकारियों से बातचीत की जा रही है और उन्हें पर्याप्त सुरक्षा उपलब्ध कराने की बात कहकर उन्हें वापस लौटाने की कोशिशें तेज कर दी गई है.

दरअसल आरोप लग रहे हैं कि पश्चिम बंगाल सरकार बार-बार मांग के बावजूद डॉक्टरों और अन्य स्वास्थ्य कर्मियों को पर्याप्त प्रोटेक्टिव सूट, मास्क, ग्लब्स, हैंड सैनेटाइजर आदि उपलब्ध नहीं करा रही है, इससे डर के साए में रह रहे स्वास्थ्य कर्मी नौकरी छोड़ने को बाध्य हुए हैं.

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कई लैब टैक्नीशियनों ने भी नौकरी छोड़ दी हैं. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने एक दिन पहले ही इस मामले का जिक्र करते हुए कहा था कि जो नर्सें अथवा स्वास्थ्य कर्मी सेवानिवृत्त हो चुके हैं, उन्हें भी काम पर रखने के बारे में विचार किया जा रहा है.

प्रदेश भाजपा ने इस मामले के समाधान के लिए राज्य सरकार को कहा है कि नर्सों के प्रतिनिधियों से बात की जाए.

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तेजी से बढ़ रहे हैं संक्रमण जोन

कोरोना संकट के बीच पश्चिम बंगाल में संक्रमण (कंटेनमेंट) जोन की संख्या तेजी से बढ़ती जा रही है. राज्य स्वास्थ्य विभाग के सूत्रों के अनुसार सोमवार शाम तक पूरे बंगाल में संक्रमण जोन की संख्या 612 है.

इनमें से अकेले कोलकाता में 339 संक्रमण जोन हैं, जबकि उत्तर 24 परगना में 114 और हावड़ा जिले में 76 हैं. आश्चर्यजनक है कि पश्चिम बंगाल के पूर्व मेदिनीपुर, हुगली तथा दक्षिण 24 परगना भी संक्रमण जोन में है लेकिन बंगाल सरकार ने यहां की सूची जारी नहीं की है.

इसे लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं. केंद्र सरकार ने राज्यों को निर्देश दिया है कि शाम सात बजे के बाद सुबह सात बजे तक पूरे राज्य में कर्फ्यू लागू होनी चाहिए.

यानी चार से अधिक लोगों के एकत्रित होने पर पाबंदी होनी चाहिए. लेकिन ममता बनर्जी की सरकार ने ऐसा करने से इनकार कर दिया है. एक दिन पहले ही मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा कि पूरे देश में पहले से ही लॉकडाउन है. ऐसे में अलग से कर्फ्यू लगाने का कोई औचित्य नहीं बनता है.

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