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डालसा की कार्यशाला में ट्रैफिक, एमवी एक्ट तथा एमएसीटी एक्ट के प्रावधानों पर की गयी चर्चा

Ranchi : झारखंड लीगल सर्विसेज अथॉरिटी के निर्देश पर जिला विधिक सेवा प्राधिकार, रांची के द्वारा शुक्रवार को 40 कोटर्स बिल्डिंग के कांफ्रेंस हॉल में एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया.

इस एक दिवसीय कार्यशाला में ट्रैफिक यातायात नियम, एमवी एक्ट तथा एमएसीटी के संबंध में विस्तार से चर्चा की गयी. इस एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान क्षेत्र में कार्य कर रहे पीएलवी से ट्रैफिक से संबंधित सवाल पूछे गये एवं उनकी विस्तार से जानकारी दी गयी तथा उन्हें प्रशिक्षित भी किया गया, जिससे कि उनके कार्य को और अधिक प्रभावी बनाया जा सके.

कार्यशाला के दौरान पीएलवी को विभिन्न कानूनों की जानकारी दी गयी. इसके अतिरिक्त सरकार द्वारा जन सामान्य को मिलनेवाली लाभकारी योजनओं को जन समान्य को कैसे उपलब्ध कराना है? इसके बारे में भी बताया गया.

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इस अवसर पर उपस्थित ट्रैफिक एसपी अजीत पीटर डुंगडुंग ने ट्रैफिक नियमों के बारे में उपस्थित लोगों को बताया. उन्होंने कहा कि ट्रैफिक नियमों का पालन कर हम जुर्माना देने से बच सकते हैं और यातायात के नियमों का पालन करने से हम दुर्घटना से बच सकते हैं. उन्होंने एमवी एक्ट के विभिन्न प्रावधानों की विस्तृत चर्चा की तथा रोड सेफ्टी पर लोगों को जागरूक किया.

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मनीष, पीओ एमएसीटी, रांची ने उपस्थित पीएलवी एवं पैनल अधिवक्ताओं को एमएसीटी एक्ट के बारे में विस्तार से बताया. उन्होंने बताया कि दुर्घटना के दौरान किस तरह से पीड़ित व्यक्ति या महिला को मुआवजा मिल सकता है तथा उन्होंने यह भी बताया कि मुआवजा पाने के लिए इनश्योरेंस कंपनी को भी वादी बनाया जा सकता है.

वैषाली श्रीवास्तव, एसीजीएम, रांची ने उपस्थित लोगों को यह बताया कि अगर किसी गलती से आपका चालान कट जाता है, तो आप लोक अदालत, मासिक लोक अदालत या राष्ट्रीय लोक अदालत में आकर अपने चालान का निबटारा कर सकते हैं.

राँची यूनिवर्सिटी के लॉ फैकल्टी के निदेषक सतीष ने बताया कि पहले मोटर दुर्घटना में मृतक के परिजन या पीड़ित को मुआवजा नहीं मिलता था, लेकिन अब कानून बनने के बाद पीड़ितों को मुआवजा एमएसीटी एक्ट के तहत दिया जाता है.

उन्होंने यह भी कहा कि अगर हमलोगों का ध्यान विचलित होगा तो दुर्घटना घटेगी. इस तरह की दुर्घटनाओं को कभी भी शून्य नहीं किया जा सकता बल्कि कम किया जा सकता है.

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