न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

कांग्रेस में घमासान : डॉ अजय का खेमा कर रहा प्रेस कॉन्फ्रेंस, तो विरोध वाले बैठे धरने पर

समीक्षा बैठक करने की जगह आपस में ही छीटाकशी में लगे है कांग्रेस कार्यकर्ता

174

RANCHI : चुनाव में करारी हार के बाद किसी भी राजनीतिक दल के लिए जरूरी होता है कि वे हार की समीक्षा कर अपनी कमियों को दूर करने की कोशिश करें. लोकसभा में हार के बाद झारखंड प्रदेश कांग्रेस को करना तो यही चाहिए था, लेकिन हो रहा है इसका ठीक उलटा. आपसी छींटाकशी कर कई कार्यकर्ता जहां प्रदेश अध्यक्ष रहे डॉ अजय कुमार पर हार का सारा ठीकरा फोड़ उन्हें पद से हटाने की मांग कर रहे है. तो वहीं कई कार्यकर्ता उनके समर्थन में खड़े हो गये हैं.

बुधवार को यही स्थिति देखी गयी, जब पार्टी मुख्यालय के पहले तल्ले पर अध्यक्ष के पक्ष में वर्तमान रांची महानगर अध्यक्ष संजय पांडेय ने एक प्रेस कांफ्रेस कर उन्हें पद पर बने रहने की मांग की. इस दौरान उनके साथ करीब 10 जिला अध्यक्ष भी समर्थन में मंच पर बैठे थे.

वहीं दूसरी तरफ ग्राउंड फ्लोर पर कांग्रेस प्रत्याशी सुबोधकांत के करीबी माने जाने वाले पूर्व महानगर अध्यक्ष सुरेंद्र सिंह अपने कई सहयोगियों के साथ अध्यक्ष पद छोड़े जाने को लेकर धऱने पर ही बैठ गये. प्रेस कांफ्रेस के दौरान संजय पांडेय ने विरोध करने वाले पर निजी स्वार्थ की भावना से काम करने और बातों ही बातों में रांची सीट से कांग्रेस उम्मीदवार रहे सुबोधकांत सहाय पर भी पार्टी के हित में काम नहीं करने का संकेत दिया.

इसे भी पढ़ें – लालू का मेडिकल बुलेटिन हर दिन जारी करने की मांग, रिम्स निदेशक ने जतायी सहमति

ऐसा कर राहुल गांधी का विरोध कर रहा विरोधी गुट

प्रेस कांफ्रेस कर रहे महानगर अध्यक्ष संजय पांडेय ने बताया कि प्रदेश अध्यक्ष डॉ अजय कुमार के नेतृत्व में पार्टी कार्यकर्ताओं को पूरा भरोसा है. उनके नेतृत्व में पार्टी कार्यकर्ता आगामी विधानसभा चुनाव में भारी जीत दर्ज करेगी. वही धऱने पर बैठे कार्यकर्ताओं को लेकर संजय पांडेय ने कहा कि उनका ऐसा करना गलत है. अगर उन्हें कोई शिकायत है, तो पार्टी नेतृत्व के समक्ष रखनी चाहिए. चूंकि डॉ अजय को कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने अध्यक्ष नियुक्त किया है. ऐसे में धरने पर बैठे कार्यकर्ता अप्रत्यक्ष रूप से राहुल गांधी का विरोध कर रहे हैं.

इसे भी पढ़ें – 47.8 प्रतिशत कुपोषण वाले झारखंड में डेढ़ माह से नौनिहालों का अंडा बंद

सस्ती लोकप्रियता हासिल करने के लिए बैठे हैं धरने पर

विरोधी गुट पर तीखा प्रहार करते हुए संजय पांडेय ने उनके इस कार्य को सस्ती लोकप्रियता हासिल करने वाला कदम बताया. उन्होंने कहा कि अगर आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी रख इतिहास को खंगाला जाये, तो देखा जा सकता है कि उस गुट के पूर्व महानगर अध्यक्ष सुरेंद्र सिंह के नेतृत्व में पार्टी की क्या दुर्गति थी. लेकिन अगर आज की स्थिति को देखा जाये, तो डॉ अजय कुमार के राज्य के सभी जिलों, पंचायतों, प्रखंडों का दौरा कर पार्टी को मजबूती देने का काम किया है.

सुबोधकांत सहाय पर भी किया प्रहार

इस दौरान चुनावी कैंपेनिंग में हुई कमी से पार्टी को होने वाले नुकसान के सवाल पर संजय पांडेय ने सुबोधकांत सहाय को भी निशाने में लिया. उन्होंने कहा कि वे चुनाव कैम्पेनिंग कमिटी के चेयरपर्सन थे. शायद पार्टी की इस स्थिति के लिए वे भी कम जिम्मेवार नहीं थे. अपने चुनाव में वे इतने व्यस्त हो गये थे कि उन्होंने नहीं मालूम चला कि कैम्पेन कैसे करना है. इसके लिए कम्युनिकेशन गैप भी एक प्रमुख कारण बना.

इसे भी पढ़ें – डीजीपी डीके पांडेय ने पत्नी के नाम पर खरीदी 51 डिसमिल जीएम लैंड!

गैर झारखंडी बता प्रदेश अध्यक्ष के इस्तीफे को बताया नौटंकी

वहीं डॉ अजय कुमार के विरोध पर धरने पर बैठे कार्यकर्ताओं का नेतृत्व करने वाले पूर्व महानगर अध्यक्ष सुरेंद्र सिंह ने न्यूज विंग को बताया कि विगत लोकसभा चुनाव में पार्टी की स्थिति खराब हुई है, उसका कारण प्रदेश अध्यक्ष है. उन्होंने पार्टी को रसातल पर पहुंचा दिया है. आज तक उन्होंने जेपीसीसी कमिटी का गठन नहीं किया है. डॉ अजय को झारखंड के भौगोलिक दशा की कोई जानकारी नहीं है. वे बाहरी (कर्नाटक के) व्यक्ति हैं. ऐसे में गैर झारखंडी को हटाकर वे झारखंड के किसी व्यक्ति को प्रदेश अध्यक्ष  पद देने की मांग कर रहे है.

इस दौरान उन्होंने प्रेस कांफ्रेस कर रहे संजय पांडेय को भी निशाना में लिया. कहा कि उन्हें यह बैठक करने का कोई अधिकार नहीं है. जब एक तरफ अध्यक्ष खुद इस्तीफा देने की नौटंकी कर रहे हैं,  तो दूसरी तरफ उनके पक्ष में ऐसी प्रेस कांफ्रेस करने की क्या जरूरत है.

 

हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता...

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

You might also like
क्या आपको लगता है हम स्वतंत्र और निष्पक्ष पत्रकारिता कर रहे हैं. अगर हां, तो इसे बचाने के लिए हमें आर्थिक मदद करें.
आप अखबारों को हर दिन 5 रूपये देते हैं. टीवी न्यूज के पैसे देते हैं. हमें हर दिन 1 रूपये और महीने में 30 रूपये देकर हमारी मदद करें.
मदद करने के लिए यहां क्लिक करें.-

you're currently offline

%d bloggers like this: