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मोदी सरकार के बजट से शेयर बाजार में निराशा, दो दिन में निवेशकों के पांच लाख करोड़ डूबे

मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल का पहला आम बजट शेयर बाजार को रास नहीं आ रहा है. शुक्रवार की बड़ी गिरावट के बाद सोमवार को भी बाजार में भगदड़ का माहौल रहा.

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Mumbai : मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल का पहला आम बजट शेयर बाजार को रास नहीं आ रहा है. जान लें कि  शुक्रवार की बड़ी गिरावट के बाद सोमवार को भी बाजार में भगदड़ का माहौल रहा. दो दिन में निवेशकों के पांच लाख करोड़ से अधिक रुपये डूब गये हैं. सोमवार को कारोबार के आखिरी घंटों में सेंसेक्स 850 अंक से अधिक टूट गया. निफ्टी में 280 अंक तक की गिरावट आयी. इस दौरान सेंसेक्स 38,660 के स्तर पर पहुंचा. निफ्टी लुढ़क कर 11 हजार 500 पर आ गया.  यह इस साल इंट्रा डे की सबसे बड़ी गिरावट है.

कारोबार के दौरान सबसे अधिक गिरावट ऑटो सेक्टर  के शेयर में देखने नजर आयी.  ऑटो सेक्टर के शेयर तीन साल के लो लेवल पर हैं. मारुति और हीरो मोटोकॉर्प में पांच फीसदी से अधिक की गिरावट देखने को मिली. बजाज आटो, यस बैंक, एलएंडटी, महिंद्रा एंड महिंद्रा और ओएनजीसी सभी दो फीसदी कमजोर दिख रहे हैं. आरआईएल में एक फीसदी से अधिक की गिरावट आयी.

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आम बजट से निवेशकों की निराशा है

बजट के दिन यानी शुक्रवार के अलावा सोमवार के कारोबार में निवेशकों के पांच  लाख करोड़ से अधिक डूब गये.. शुक्रवार को बीएसई लिस्‍टेड कंपनियों की मार्केट कैप 153.58 लाख करोड़ थी जो सोमवार को सुबह में लुढ़क कर 148.43 लाख करोड़ पर आ गयी. इस लिहाज से दो दिन में पांच लाख करोड़ से अधिक की गिरावट आयी. शेयर बाजार में इतनी बड़ी गिरावट की सबसे बड़ी वजह आम बजट से निवेशकों की निराशा है. बाजार के जानकारों के अनुसार बजट में घरेलू अर्थव्यवस्था को बूस्ट देने का कोई क्लीयर रोडमैप नहीं दिखा.

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सरकार के इस कदम को बाजार की हकीकत से वाकिफ होने और वास्तविकता तक पहुंचने के रूप में देखा जा रहा है.

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निवेश को कैसे बूस्ट मिलेगा, इसको लेकर सरकार ने स्थिति साफ नहीं की है. यही वजह है कि निवेशक निराश हैं. इसके अलावा अमेरिका में जून महीने में जॉब डाटा बेहतर रहा है. जून में 2,24,000 नई नौकरियां दी गयी हैं. यह जनवरी के बाद सबसे ज्यादा है. इसका मतलब यह हुआ कि यूएस में जॉब डाटा का प्रभाव पड़ा है. रुपये में कमजोरी की वजह से भी निवेशक सतर्क नजर आ रहे हैं.

इस बीच, रुपये की शुरुआत कमजोरी के साथ हुई. डॉलर के मुकाबले रुपया 15 पैसे की गिरावट के साथ 68.57 के स्तर पर खुला. शुक्रवार डॉलर के मुकाबले रुपया 68.42 के स्तर पर बंद हुआ था. बीते सप्ताह के आखिर में आम बजट 2019-20 की घोषणाओं पर घरेलू शेयर बाजार की तत्काल प्रतिक्रिया निराशाजनक रही.

कारोबार के अंत में  सेंसेक्स 394.67 अंक की गिरावट के साथ 39513.39 के स्तर पर रहा. वहीं निफ्टी 135.60 अंक की कमजोरी के साथ 11,811.15 के स्तर पर बंद हुआ. बता दें कि वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल का पहला आम बजट 2019-20 शुक्रवार को लोकसभा में पेश किया.

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