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40% स्टाफ के भरोसे चल रहा गव्य विकास निदेशालय, पद 282 लेकिन काम कर रहे मात्र 99

Ranchi: गव्य विकास निदेशालय मैनपावर की कमी का लगातार सामना कर रहा है. हर साल रिटायर्ड होते पदाधिकारियों, कर्मियों के बीच बढ़ते वर्क लोड का असर कामकाज पर पड़ता दिखता है. 2011 के बाद से फोर्थ ग्रेड के एक भी स्टाफ की नियुक्ति यहां नहीं की गयी है.

कुल स्वीकृत 282 पदों में से यहां अभी मात्र 99 लोग ही काम कर रहे हैं. यानी तकरीबन 40 फीसदी स्टाफ के साथ ही निदेशालय को चलाया जा रहा है. मैनपावर की कमी से निदेशालय की उपलब्धियां लगातार प्रभावित हो रही हैं.

योजनाओं को धरातल पर लाने और काम करने पर इसका असर पड़ रहा है. विभागीय पदाधिकारियों और कर्मचारियों से संबंधित फाइलों की मूवमेंट भी प्रभावित होने लगी हैं.

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निदेशक स्तर के पद भी हैं खाली

निदेशालय में निदेशक का पद छोड़कर कई महत्वपूर्ण पद खाली हैं. अंडर सेक्रेटरी (1 पद, खाली), संयुक्त निदेशक (2 पद, खाली), उप निदेशक (5 पद, खाली) और सहायक निदेशक, डेयरी (कुल 32, खाली 23) जैसे पदों पर पदाधिकारियों की कमी बनी हुई है. सेक्शन अफसर के 5 पदों में से सभी पद रिक्त हैं. असिस्टेंट सेक्शन अफसर के के 10 पदों में से मात्र 1 व्यक्ति ही कार्यरत है.

डेयरी टेक्निकल अफसर के 78 पदों में से 44 पद खाली पड़े हैं. सांख्यिकी सुपरवाईजर के दोनों पद खाली हैं. हेड क्लर्क के 26 पदों पर एक भी स्टाफ नहीं है. यूडीसी (स्वीकृत 28, खाली 15), एलडीसी के 4 पद, कंप्यूटर ओपरेटर के 3, ड्राइवर के 17 ट्रेजरी मैसेंजर के 1 और चपरासी के 28 पदों पर कर्मचारियों की कमी है.

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गव्य तकनीकी पदाधिकारी और ड्राइवर के पदों पर होगी नियुक्ति

वर्ष 2011 में गव्य तकनीकी पदाधिकारी के 35 पदों पर नियुक्ति प्रक्रिया शुरू हुई थी. इस दौरान मात्र 7 पदों पर ही नियुक्ति हो सकी थी. एससी, एसटी, बैकलॉग कैटेगरी में बड़ी संख्या में योग्य कैंडिडेट की कमी के कारण 28 पद उस दौरान खाली ही रह गये थे. 2018 से लेकर अब तक 3 बार विभाग को मैनपावर के संकट के बारे में लिखा जा चुका है.

वर्तमान में 44 गव्य तकनीकी पदाधिकारी और ड्राइवर के 17 पदों पर नियुक्ति का प्रयास पशुपालन विभाग की ओर से किया जा रहा है. कामकाज में सहयोग के लिए 10 गव्य तकनीकी पदाधिकारियों को जिला गव्य विकास पदाधिकारी के पद पर प्रोन्नति देने की प्रक्रिया भी शुरू की गयी है.

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