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दो दशक में पहली बार घट सकता है टैक्स कलेक्शन, मोदी सरकार ने 13.5 लाख करोड़ का लक्ष्य रखा है

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New Delhi : इस खबर को आगे पढ़ने से पहले ये जान लेना जरूरी है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 31 मार्च 2020 को समाप्त हो रहे वित्तीय वर्ष के लिए प्रत्यक्ष कर संग्रह का लक्ष्य 13.5 लाख करोड़ रुपये तय किया था.

लेकिन आर्थिक मंदी का सामना कर रही भारत की अर्थव्यवस्था को टैक्स कलेक्शन में कमी से जुड़ी कठनाइयों का भी सामना करना पड़ सकता है. जानकारों का कहना है कि पिछले दो दशक में पहली बार केंद्र सरकार को प्रत्यक्ष कर से होने वाली आय में कमी आ सकती है.

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आधे दर्जन से अधिक विशेषज्ञों ने दी है जानकारी

इस स्थिति का आकलन करते हुए केंद्र सरकार के आधे दर्जन से भी अधिक सीनियर अफसरों ने यह जानकारी दी है. यह इस मामले में अहम है कि यह स्थिति दो दशक में पहली बार देखने को मिल रही है.

देश की इकोनॉमी को मंदी से बाहर निकालने के लिए विदेशी निवेश को बढ़ावा को लेकर मोदी सरकार ने कुछ दिन पहले ही कॉर्पोरेट टैक्स में कटौती की घोषणा की है.

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तय लक्ष्य पिछले वित्त वर्ष से 17 फीसदी अधिक

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 31 मार्च, 2020 को समाप्त होने वाले वित्त वर्ष में प्रत्यक्ष कर संग्रह का लक्ष्य 13.5 लाख करोड़ रुपये निर्धारित किया था. यह राशि पिछले वित्त वर्ष की तुलना में 17 फीसदी अधिक है.

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आर्थिक मंदी के कारण ग्राहकों की मांग में भारी कमी आने से कई बड़ी कंपनियां और उनकी आय प्रभावित हुई हैं. इसी का असर है कि उन्हें निवेश और रोजगार में लगातार छंटनी के लिए विवश होना पड़ा है.

इस स्थिति का सीधा असर मोदी सरकार की आमदनी और कर संग्रह पर पड़ा है. इस कर के रूप में मिलने वाली सरकार की राशि में कमी आयी है. इन्हीं कारणों से चालू वित्तीय वर्ष के लिए आर्थिक विकास दर के अनुमान को भी घटाकर पांच फीसदी किया गया है.

23 जनवरी तक 7.3 लाख करोड़ ही जुटा पायी सरकार

आर्थिक मामलों के जानकार एक सीनियर अफसर ने कहा है कि 23 जनवरी तक केंद्र सरकार प्रत्यक्ष कर के रूप में केवल 7.3 लाख करोड़ रुपये ही जुटा पाई है. जो पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में वसूली गयी  टैक्स की रकम की तुलना में 5.5% कम है.

इस मामले को और साफ करते हुए कम से कम आठ सीनियर अफसरों ने जानकारी दी है कि सभी प्रयासों के बावजूद इस वित्त वर्ष में प्रत्यक्ष कर संग्रहण पिछले वित्त वर्ष के 11.5 लाख करोड़ से भी कम रहने का अनुमान है.

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