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कांग्रेस के लिए अकेले पार पाना मुश्किल, महागठबंधन ही सहारा! 

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Ranchi : आगामी विधानसभा चुनाव के कुछ माह ही शेष बचे हैं, लेकिन कांग्रेस पार्टी में अंतर्कलह खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है. नये प्रदेश अध्य़क्ष रामेश्वर उरांव को लेकर लोहरदगा विधायक सुखदेव भगत की बयानबाजी से पार्टी कार्यकर्ताओं में नाराजगी चरम पर है.

विधानसभा चुनाव में पार्टी की कमजोर होती स्थिति को देख अब महागठबंधन ही एक सहारा दिख रहा है. हालांकि इस दिशा में कांग्रेस की तरफ से कोई विशेष पहल नहीं हुई है. पूर्व प्रदेश अध्य़क्ष अजय कुमार के निर्णय से अलग रामेश्वर उरांव पहले ही कह चुके हैं कि महागठबंधन का नेता कौन होगा, इसका फैसला घटक दलों के साथ बैठक कर होगा.

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प्रदेश अध्य़क्ष के बयान पर जेएमएम नेताओं ने नाराजगी भी जता दी है. लेकिन यह तय है कि अगर महागठबंधन नहीं बनता है, तो इसका खमियाजा देश की पुरानी पार्टी कांग्रेस को ही भुगतना होगा. 2014 के विधानसभा चुनाव और 2014 के लोकसभा चुनाव के आंकड़े भी इस बात की पुष्टि करते हैं.

सीएलपी नेता ने चुनाव लड़ने की कही थी बात

महागठबंधन बनने के एवज में कांग्रेस पार्टी कितनी सीटों पर चुनाव लड़ेगी, इसका संकेत पार्टी विधायक दल के नेता आलमगीर आलम ने पहले ही दे दिया है. लोकसभा चुनाव के बाद नेता प्रतिपक्ष हेमंत सोरेन के आवास पर हुई एक बैठक के बाद उन्होंने कहा था कि पार्टी कम से कम 25 सीटों पर चुनाव लड़ेगी. इसमें सीटिंग सीट के अलावा वैसी सीटें भी शामिल हैं, जिनमें पार्टी उम्मीदवार 2014 के लोकसभा चुनाव में दूसरे स्थान पर रहे थे. अगर स्थिति को देखें, तो 2014 के चुनाव के बाद से पार्टी के पास कुल 9 विधायक (पाकुड़, जरमुंडी, जामताड़ा, बरही, बड़कागांव, पांकी, लोहरदगा, कोलेबिरा और जगरनाथपुर सीट) हैं. वहीं 9 सीटों पर पार्टी दूसरे स्थान पर थी. इसमें रामगढ़, बेरमो, धनबाद, झरिया, जमशेदपुर ईस्ट, जमशेदपुर वेस्ट, खिजरी, कांके और डाल्टनगंज सीटें शामिल हैं.

सीटिंग सीटों पर 3 को छोड़ बाकी में पिछड़ी कांग्रेस

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2019 के लोकसभा चुनाव में मिले महागठंबधन के वोट शेयरिंग को देखें, तो कांग्रेस पार्टी के वर्तमान में जितने  विधायक हैं, उसमें केवल 3 विधानसभा को छोड़ बाकी सीटों पर कांग्रेस पिछड़ी थी. वर्तमान विधानसभा में लोकसभा चुनाव के दौरान जेएमएम प्रत्याशी के पास पाकुड़, जामताड़ा और जेवीएम प्रत्याशी के पास जरमुंडी सीट थी. बाकी 6 सीटों बरही बड़कगांव, पांकी, लोहरदगा, कोलेबिरा, जगन्नाथपुर सीट कांग्रेस प्रत्याशी के पास थी. आंकड़ों को देखें, तो बीजेपी प्रत्याशी की तुलना में केवल जामताड़ा (+16,000 वोटों),  कोलेबिरा (+25,000 वोटों) और जगरनाथपुर में (+13,000 वोटों) से ही कांग्रेस ने बढ़त बनायी थी. अन्य 6 सीटों पाकुड़ (- 25,000 वोट),  जरमुंडी (-50,000 वोटों), बरही (-90,000 वोट), बड़कागांव (– 96,000 वोट), पांकी (-90,000 वोट) और लोहरदगा में (-12,000 वोटों) बीजेपी प्रत्याशी ने बढ़त बनायी थी.

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दूसरे स्थान पर रही सभी सीटों पर पिछड़े प्रत्याशी

  • अगर 2014 में दूसरे स्थान पर रहनेवाले कांग्रेस की विधानसभा सीटों की स्थिति को देखें, तो 2019 के लोकसभा चुनाव में इन सभी सीटों पर महागठबंधऩ प्रत्याशी (कांग्रेस भी शामिल है) बीजेपी प्रत्याशी को मिले वोट से पिछड़ गये थे. यानी इन सभी सीटों पर बीजेपी प्रत्याशी को ही अधिक वोट मिले थे.
  • 2014 के चुनाव में रामगढ़ विधानसभा सीट पर कांग्रेस प्रत्याशी को आजसू के चन्द्र प्रकाश चौधरी ने 53818 वोटों से हराया था. 2019 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने कांग्रेस से करीब 1 लाख वोटों की बढ़त ली थी.
  • बेरमो से कांग्रेस प्रत्याशी को बीजेपी के योगेश्वर महतो ने 12,613 वोटों से मात दी. 2019 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने जेएमएम प्रत्याशी से 42,000 वोटों की बढ़त ली थी.
  • धनबाद सीट पर कांग्रेस प्रत्याशी को बीजेपी के राज सिन्हा ने 52,997 वोटों से हराया था. वहीं 2019 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने कांग्रेस से करीब 75,000 वोटों की बढ़त ली थी.
  • झरिया सीट पर कांग्रेस प्रत्याशी को बीजेपी के संजीव सिंह ने 3,692 वोटों से हराया था. 2019 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने कांग्रेस से 45,000 वोटों की बढ़त ली थी.
  • जमशेदपुर ईस्ट सीट पर कांग्रेस प्रत्याशी को बीजेपी के रघुवर दास ने 70,157 वोटों से हराया था. वहीं 2019 के लोकसभा चुनाव में यहां पर बीजेपी ने जेएमएम प्रत्याशी से 1.2 लाख वोटों की बढ़त ली थी.
  • जमशेदपुर वेस्ट पर कांग्रेस प्रत्याशी को बीजेपी के सरयू राय ने 10,517 से वोटों से हराया था. वहीं 2019 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने जेएमएम प्रत्याशी से 60,000 वोटों की बढ़त ली थी.
  • खिजरी सीट पर कांग्रेस प्रत्याशी को बीजेपी के रामकुमार पाहन ने 64,912 वोटों से हराया था. 2019 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने कांग्रेस से 19,000 वोटों की बढ़त ली थी.
  • कांके सीट पर कांग्रेस प्रत्याशी को बीजेपी के डॉ० जीतू चरण राम ने 59,804 वोटों के अंतर से हराया था. 2019 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने कांग्रेस प्रत्याशी से 60,000 वोटों की बढ़त ली थी.
  • डालटेनगंज सीट पर कांग्रेस प्रत्याशी को जेवीएम (प्रजातांत्रिक) के आलोक कुमार चौरसिया (वर्तमान में बीजेपी में शामिल) ने 4,347 वोटों से मात दी. 2019 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने आरजेडी प्रत्याशी से करीब 1 लाख वोटों की बढ़त ली थी.

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