JharkhandRanchi

असंसदीय भाषा का प्रयोग नहीं किया इसलिए माफी नहीं मांगूंगा, टूट सकता हूं झुक नहीं : सीपी सिंह

Ranchi: सीपी सिंह के राहुल गांधी को पप्पू कहे जाने पर शुक्रवार को सदन में काफी कुछ देखने को मिला. सदन की कार्यवाही दोबारा शुरू होने के बाद कांग्रेस के विधायकों ने जोरदार हंगामा किया.

कार्यवाही शुरू होते ही सभी कांग्रेसी विधायक वेल में आ गये. अध्यक्ष को बार-बार सीपी सिंह से माफी मांगने को कहा जाने लगा. प्रदीप यादव ने कहा कि सीपी सिंह इतने वरिष्ठ सदस्य हैं उन्हें इतनी हल्की बात सदन के अंदर नहीं कहनी चाहिए. उन्हें तत्काल माफी मांगनी चाहिए.

वहीं कहा कि सीपी सिंह के अलावा जिस तरीके से भानू प्रताप शाही इरफान अंसारी की तरफ आये और देख लेने जैसी बात कही वो निंदनीय है. मामले पर निंदा का प्रस्ताव आना चाहिए.

क्या कहा इरफान अंसारी ने

इधर कांग्रेस विधायकों की गुंडागर्दी नहीं चलेगी जैसे नारे से सदन में गुंजायमान थे. अध्यक्ष बार-बार विधायकों को अपनी जगह पर लौटने की बात कर रहे थे. लेकिन कोई फायदा होता नहीं दिख रहा था. सीपी सिंह मुर्दाबाद के नारे भी लगे.

देखें किसने क्या कहा

इसे भी पढ़ें – #Coronavirusoutbreakindia : बॉलीवुड सिंगर कनिका कपूर कोरोना पॉजिटिव, घर पर दी पार्टी, सांसद दुष्यंत सिंह भी पहुंचे थे

adv

किसने क्या कहा

आलमगीर आलमः मामले पर संसदीय कार्य मंत्री आलमगीर आलम ने कहा कि सीपी सिंह जब भी सदन में कुछ बोलने के लिए खड़े होते हैं, वो हमेशा राहुल गांधी के बारे में अपशब्द का इस्तेमाल करते हैं. बार-बार पप्पू शब्द का इस्तेमाल करते हैं.

उन्होंने कहा कि वो खुद बतायें कि किसी को उपनाम दिया जाना खराब बात है या नहीं. कहा कि वो दिल पर हाथ रख कर वो बतायें. बाकी सारी सच्चाई वो जानते हैं. जिस शब्द का इस्तेमाल किया गया है, वो गाली जैसी है. कैसे आप किसी को लल्लू और पप्पू बना दीजियेगा.

बन्ना गुप्ताः सीपी सिंह सदन में माफी मांगें या इन्हें निलंबित किया जाये. सीपी सिंह ने हमारी भावनाओं को आहत किया है. इनकी वजह से सदन की पूरी कार्यवाही बाधित है.

सीपी सिंहः जो मैंने सदन में कहा कि उसके बारे बस इतना ही कहना चाहता हूं कि अगर सीपी सिंह की बात से किसी को तकलीफ हुई है तो वो महाधिवक्ता के पास जा सकते हैं और उनसे सलाह ले सकते हैं. अगर मेरे शब्द असंसदीय होंगे तो मैं माफी मांगने को तैयार हूं. लेकिन अगर मेरे शब्द असंसदीय नहीं हैं तो मैं किसी भी सूरत में माफी नहीं मांग सकता. टूट सकता हूं, झुक नहीं सकता. मुझे टारगेट किया जाता है. आखिर मुझे टारगेट करने से फायदा क्या है. सदन में स्टीफन मरांडी जैसे वरिष्ठ सदस्य बोलना नहीं चाहते हैं. लेकिन अध्यक्ष महोदय की कृपा बनी रहती है तो वो बोल लेते हैं. स्टीफन मरांडी ने कहा कि मैं कुछ से कुछ बोलता हूं तो रिकॉर्डिंग निकाल कर देख लिया जाये. अब मैं चूर रहता हूं. (बन्ना गुप्ता ने बीच में कहा कि जब भी बोलते हैं जहर ही उगलते हैं) जहर उगलना मेरे संस्कार में नहीं है. फिर दोहराता हूं कि अगर मैंने असंसदीय बात कही होगी तो मैं माफी मांगूंगा वरना नहीं.

इसे भी पढ़ें – #Coronavirusoutbreakindia : महाराष्ट्र के चार शहर “लॉकडाउन”, दिल्ली में मॉल बंद

बाबूलाल मरांडीः (सदन से बाहर) जिस तरह से सत्ता पक्ष के सदस्य कर रहे थे, उससे मैं कह सकता हूं कि वो सदन को चलाना नहीं चाहते हैं. सदन को चलाना चाहते तो सत्ता पक्ष के लोग वेल में नहीं आते. हमारे विधायक अहम मुद्दों को लेकर वेल में आये. हमारे विधायक जनता का ध्यान आकर्षित करने के लिए वेल में आये. बीजेपी के विधायकों ने कभी भी सदने को चलाने में डिस्टर्ब नहीं किया. सत्ता पक्ष के विधायकों की हरकत से साफ हो गया कि वो नहीं चाहते हैं कि सदन चले.

सुदेश महतोः सदन में जिस तरीके से शब्दों का आदान-प्रदान हुआ है, उससे सदस्यों को बचना चाहिए. राज्य का यह सर्वोच्चय सदन है, इसलिए इसकी गरीमा बनाये रखना चाहिए.

नीलकंठ सिंह मुंडाः यहां सभी सदस्यों को लाखों लोगों ने चुन कर भेजा है. ऐसे में सदन के काम को रोकना ठीक नहीं है. वहीं सीपी सिंह पर माफी मांगने का दबाव तो बनाया जा रहा है. लेकिन जिन्होंने सदन में गाली दी, उनसे माफी मांगने को नहीं कहा जा रहा है. मैं पूर्व स्वास्थ्य मंत्री रामचंद्र चंद्रवंशी की कसम खाकर कहता हूं कि वेल से अपनी जगह लौटते वक्त इरफान अंसारी ने गाली दी थी.

स्टीफन मरांडीः जब भी सदन में कुछ बोलते हैं, अपनी बोली से सदन को डिस्टर्ब करते हैं. कुछ से कुछ बोल देते हैं. सीपी सिंह को खेद प्रकट करना चाहिए.

इसे भी पढ़ें – तीन करोड़ की लागत से बना अस्पताल शौचालय में तब्दील, खिड़की-दरवाजे व टाइल्स उखाड़कर ले गये चोर

advt
Advertisement

Leave a Reply

Your email address will not be published.

Related Articles

Back to top button
%d bloggers like this: