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हर्ष सिंह ने क्या बताया पता नहीं, शोर है कि उसने सब उगल दिया!

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Dhanbad: झरिया के विधायक संजीव सिंह के करीबी रंजय सिंह की हत्या का मास्टर माइंड बताया गया धनबाद नगर निगम के पूर्व डिप्टी मेयर नीरज सिंह और वर्तमान डिप्टी मेयर एकलव्य सिंह का मौसेरा भाई हर्ष सिंह दो दिन के रिमांड के बाद बुधवार को वापस धनबाद जेल भेज दिया गया. हर्ष के धनबाद के सीजेएम कोर्ट में सरेंडर करने से लेकर उसको रिमांड पर लेने तक बे-सिर-पैर की बातें सुर्खियां बनीं. खबर यह भी आयी कि हर्ष ने पुलिस के सामने सब उगल दिया. उसने एकलव्य सिंह के सामने रंजय की हत्या के लिए शूटर चंदन शर्मा को हथियार देने की बात कही. उनके वकील ने हर्ष पर थर्ड डिग्री के इस्तेमाल का आरोप लगाया. हर्ष से रिमांड अवधि के दौरान मुलाकात करने की कोशिश की. आखिर यह सब क्यों? क्या कोई ओवर एक्ट था या कानूनी प्रावधानों का समुचित लाभ लेने की कोशिश? क्या सचमुच पुलिस और रघुकुल के बीच कोई दोस्ताना नहीं या दोस्ती को दुश्मनी बताने की कोशिश की गयी? पुलिस ने रिमांड अवधि के दौरान हर्ष सिंह का हेल्थ चेकअप अनिवार्य रूप से मंगलवार को कराया. डाक्टर सांभवी ने उसे फिट बताया. हेल्थ चेकअप से ही अफवाह फैली कि पुलिस समय से पहले हर्ष को जेल भेज रही है.

इधर, धनबाद कोर्ट में हर्ष के सरेंडर के दौरान हंगामा करने के मामले की एसएसपी किशोर कौशल ने जांच के आदेश दिए हैं. मामले में डिप्टी मेयर एकलव्य सिंह लपेटे में आ सकते हैं. इस बीच हर्ष के पुलिस प्रायोजित सरेंडर पर न्यूज विंग के साथ एक अन्य अखबार में भी विस्तृत खबर छपी. कई सवाल उठाए गये. ऐसे में एक बड़ा सवाल है कि अगर रंजय की हत्या में पूर्व डिप्टी मेयर नीरज सिंह की भूमिका नहीं थी तो क्या गलतफहमी में उनकी चार लोगों के साथ हत्या की गयी?

30 नवंबर को किया था सरेंडर

झरिया विधायक संजीव सिंह के करीबी रंजन सिंह हत्याकांड में मुख्य साजिशकर्ता के रूप में नाम सामने आने के बाद फरार चल रहे डिप्टी मेयर एकलव्य सिंह के मौसेरे भाई हर्ष सिंह ने 30 नवंबर को कोर्ट में सरेंडर कर दिया. हर्ष सिंह को 2 दिन की पुलिस रिमांड पर दे दिया गया. पुलिस ने पूछताछ के बाद बुधवार शाम को मेडिकल जांच करवा कर उसे फिर से कोर्ट में प्रस्तुत किया, जहां से जेल भेज दिया गया.

रंजय की हत्या और उसके बाद

बता दें कि 29 जनवरी 2017 को सरायढेला, चाणक्यनगर के पास झरिया विधायक संजीव सिंह के खास-म-खास रंजय सिंह की गोली मार कर हत्या कर दी गई थी. इसके बाद पुलिस जांच काफी धीमी गति से चल रही थी. इसके दो माह बाद ही 21 मार्च 2017 को पूर्व डिप्टी मेयर नीरज सिंह की हत्या के बाद इस केस की छानबीन में भी तेजी आयी. मामले में आरा से नंद कुमार उर्फ मामा को गिरफ्तार किया गया. मामा ने स्वीकारोक्ति बयान में खुलासा किया था कि हत्याकांड को हर्ष सिंह के इशारे पर ही अंजाम दिया गया. मामा ने बताया था कि 4 जनवरी 2017 को संजीव सिंह के काफिले को रास्ता नहीं देने के कारण रंजय और हर्ष में तनातनी हुई थी. इस बीच रंजय ने पिस्तौल तान कर हर्ष को धमकाया था. इसके परिणाम स्वरूप रंजय की हत्या की साजिश रची गई. मामा ने अपने बयान में स्वीकार किया था कि रघुकुल में ही हर्ष सिंह ने पिस्टल उपलब्ध कराई थी. मामा के स्वीकारोक्ति बयान के बाद 20 अगस्त 2018 को सरायढेला पुलिस ने कोर्ट से हर्ष का गिरफ्तारी वारंट लिया था. इसके बाद से ही हर्ष सिंह लगातार फरार चल रहा था. बता दें कि हर्ष बिहार के आरा जिले के बेरथ गांव का रहने वाला है. पुलिस ने हर्ष की तलाश में गांव में भी दबिश दी थी. पूर्व में पुलिस ने फरार हर्ष के धैया स्थित आवास पर कुर्की का इश्तेहार भी चिपकाया था.

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