न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

डायमंड किंग सावजी भाई ढोलकिया ने कर्मचारियों को तोहफे में 600 कारें बांटी

सूरत के डायमंड किंग सावजी भाई ढोलकिया ने गुरुवार को अपने कर्मचारियों को मालामाल कर दिया.

40

Surat : सूरत के डायमंड किंग सावजी भाई ढोलकिया ने गुरुवार को अपने कर्मचारियों को मालामाल कर दिया. बीते कई सालों स कर्मचारियों को उनकी जरूरत के हिसाब तोहफे दे चुके सावजी भाई ने इस बार कर्मचारियों को मकान, कार, एफडी और ज्‍वैलरी दीवाली के उपलक्ष्य में दी. इस अवसर पर  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कार्यक्रम में शामिल हुए. इस क्रम में पीएम मोदी ने गुरुवार को दिल्ली से वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए हीरा तराशने और निर्यात करने वाले सूरत के बड़े फर्म हरि कृष्ण एक्सपोर्ट के कर्मचारियों को संबोधित किया.

पीएम मोदी ने प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत ऋण आवंटन का जिक्र करते हुए कहा कि देश में वर्तमान समय में रोजगार और व्यावसाय के अभूतपूर्व अवसर उपलब्ध हैं. सावजी ढोलकिया की इस कंपनी ने दीवाली बोनस के तौर पर अपने कर्मचारियों में 600 कारें बांटी हैं.

इसे भी पढ़ें : मुजफ्फरपुर बालिका गृह कांडः सुप्रीम कोर्ट ने बिहार सरकार और सीबीआई से मांगा जवाब

मुद्रा योजना के तहत देश भर में 14 करोड़ ऋण

मेादी ने कहा कि मुद्रा योजना के तहत देश भर में करीब 14 करोड़ ऋण दिये गये हैं. इसमें से 40 लाख ऋण महज गुजरात के युवाओं को मिले हैं. पिछले चार वर्षों में सात लाख करोड़ रुपये बतौर कर्ज इस योजना के तहत लोगों को दिया गया है. प्रधानमंत्री ने कहा, मुद्रा के तहत जिन लोगों ने ऋण लिया, उनमें से साढ़े तीन करोड़ से ज्यादा पहली बार व्यवसाय करने वाले थे, क्योंकि उन्होंने पहली बार स्व-रोजगार का रास्ता चुना था. कहा कि आज, देश में रोजगार और व्यावसाय के अभूतपूर्व अवसर उपलब्ध हैं.

न्यूज विंग एंड्रॉएड ऐप डाउनलोड करने के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पेज लाइक कर फॉलो भी कर सकते हैं.

हमें सपोर्ट करें
स्वंतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता का संकट लगातार गहराता जा रहा है. भारत के लोकतंत्र के लिए यह एक गंभीर और खतरनाक स्थिति है.इस हालात ने पत्रकारों और पाठकों के महत्व को लगातार कम किया है और कारपोरेट तथा सत्ता संस्थानों के हितों को ज्यादा मजबूत बना दिया है. मीडिया संथानों पर या तो मालिकों, किसी पार्टी या नेता या विज्ञापनदाताओं का वर्चस्व हो गया है. इस दौर में जनसरोकार के सवाल ओझल हो गए हैं और प्रायोजित या पेड या फेक न्यूज का असर गहरा गया है. कारपोरेट, विज्ञानपदाताओं और सरकारों पर बढ़ती निर्भरता के कारण मीडिया की स्वायत्त निर्णय लेने की स्वतंत्रता खत्म सी हो गयी है.न्यूजविंग इस चुनौतीपूर्ण दौर में सरोकार की पत्रकारिता पूरी स्वायत्तता के साथ कर रहा है. लेकिन इसके लिए जरूरी है कि इसमें आप सब का सक्रिय सहभाग और सहयोग हो ताकि बाजार की ताकतों के दबाव का मुकाबला किया जाए और पत्रकारिता के मूल्यों की रक्षा करते हुए जनहित के सवालों पर किसी तरह का समझौता नहीं किया जाए. हमने पिछले डेढ़ साल में बिना दबाव में आए पत्रकारिता के मूल्यों को जीवित रखा है. इसे मजबूत करने के लिए हमने तय किया है कि विज्ञापनों पर हमारी निभर्रता किसी भी हालत में 20 प्रतिशत से ज्यादा नहीं हो. इस अभियान को मजबूत करने के लिए हमें आपसे आर्थिक सहयोग की जरूरत होगी. हमें पूरा भरोसा है कि पत्रकारिता के इस प्रयोग में आप हमें खुल कर मदद करेंगे. हमें न्यूयनतम 10 रुपए और अधिकतम 5000 रुपए से आप सहयोग दें. हमारा वादा है कि हम आपके विश्वास पर खरा साबित होंगे और दबावों के इस दौर में पत्रकारिता के जनहितस्वर को बुलंद रखेंगे.

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

Open

Close
%d bloggers like this: