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ढुल्लू महतो प्रकरण : जेएमएम ने कहा, महिला कार्यकर्ताओं के साथ गलत व्यवहार भाजपा की रही है परंपरा

बाघमारा विधायक मामले पर जेएमएम ने भाजपा नेताओं पर साधा निशाना

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Ranchi : भाजपा के बाघमारा विधायक ढुल्लू महतो पर लगाये महिला कार्यकर्ता के आरोप पर जेएमएम ने भाजपा के चरित्र पर ही सवाल खड़ा किया है. पार्टी महासचिव और केंद्रीय प्रवक्ता सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा है कि भाजपा की यह परंपरा बन गयी है कि अपने महिला कार्यकर्ताओं के साथ गलत व्यवहार करें. न केवल झारखंड बल्कि यूपी सहित अन्य राज्यों में भाजपा विधायकों ने महिलाओं के साथ गलत व्यवहार कर अपनी गंदी राजनीति का परिचय दिया है.

प्लस टू शिक्षक रिजल्ट में राज्य के बाहरी छात्रों की नियुक्ति पर उन्होंने कहा कि ऐसा कर सरकार ने राज्य के शिक्षित बेरोजगार युवाओं के साथ गलत किया है. उपर से मुख्यमंत्री का यह विवादस्पद बयान कि “राज्य के युवा शिक्षित और योग्य नहीं है”  बताता है कि भाजपा सरकार राज्य में बेरोजगारों को रोजगार ही नहीं देना चाहती है.

24 घंटे  के बाद भी  किसी भाजपा नेता का नहीं आया बयान

सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा कि बाघमारा विधायक पर लगाये आरोप को बीते हुए 24 घंटे हो चूके हैं, लेकिन अभी तक भाजपा के किसी बड़े नेता या विधायक ने इस पर किसी तरह का कोई बयान नहीं दिया है, जो की निंदनीय है. पहले भाजपा के जिस विधायक पर पुलिस-प्रशासन की नजर होती थीं, अब उसी विधायक की नजर दूसरे पर बन गयी है. रघुवर सरकार में पहले से ही महिलाओं पर अत्याचार, बलात्कार जैसी घटनाएं बढ़ी हैं. वहीं अब जब भाजपा विधायक ही महिला के साथ गलत करने लगे, तो इससे साबित होता है कि राज्य की कोई महिला अब सुरक्षित नहीं है. जेएमएम मांग करता है कि मामले को संझान में लेकर सरकार तत्काल ही महिला कार्यकर्ता के साथ न्याय करें. जब तक उसे न्याय नहीं मिलता, तब तक प्रशासन उसकी सुरक्षा का पुख्ता व्यवस्था करें.

भाजपा शासित अन्य राज्यों में नियुक्ति आसान नहीं

पीजीटी प्लस टू रिजल्ट पर जेएमएम नेता ने कहा कि उक्त परीक्षा में यूपी, बिहार सहित पड़ोसी राज्य के युवाओं को बड़े पैमाने पर लिया गया. जबकि राज्य के बेरोजगारों को मुख्यमंत्री ने यह कह कर रोजगार विहीन किया, कि वे शिक्षित और योग्य नहीं हैं. शिक्षा मंत्री नीरा यादव ने भी कहा कि सामान्य कोटे में उनकी सरकार बाहरी छात्रों की नियुक्ति नहीं रोक सकती.

झारखंड के पड़ोसी राज्यों में भाजपा सत्ता में है, लेकिन सभी जानते है कि भाजपा शासित उस राज्य में सामान्य कोटी में छात्रों की नियुक्ति आसान नहीं होती. स्थानीयकरण की नीति पर बात करते हुए पार्टी महासचिव ने कहा कि इस पर सरकार कहती है कि, रोजगार पाने के लिए वहीं लोग स्थानीय है, जो यहां 1985 से रहते आये है. जबकि जेएमएम की मांग रही है कि जिसके पास खातियान हो,  वहीं राज्य का स्थानीय नागरिक है. अगर ऐसा नहीं होता है, तो सरकार का यह नियम राज्य के बाहरी छात्रों को फर्जी तरीके से कागजात बनाने का एक मौका उपलब्ध कराता है.

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