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अवैध अस्पताल चला रहे धर्मदेव पर 50 हजार रुपये जुर्माना

क्लीनिकल इस्टैब्लिशमेंट एक्ट 2010 के तहत निबंधित नहीं था अस्पातल

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Ranchi: रानी सेवा सदन में स्वास्थ्य चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा अस्पताल के दस्तावेजों की जांच की गयी. जिसमें यह बात सामने आयी कि यह अस्पताल क्लीनिकल इस्टैब्लिशमेंट एक्ट 2010 के तहत निबंधित ही नहीं है. जिसके बाद कार्रवाई करते हुए अस्पताल को गैर निबंधित मानते हुए उसके संचालक धर्मदेव विश्वकर्मा को 50 हजार रुपये का जुर्माना किया गया.

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झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ होगी कार्रवाई: स्वास्थ्य सचिव

मामले की जानकारी ‘न्यूज विंग’ टीम ने जब स्वास्थ्य विभाग की प्रधान सचिव निधि खरे को दी गयी तो उन्होंने कहा कि यह गैर कानूनी है. बगैर समुचित नियमों का पालन करते हुए कोई भी अस्पताल या क्लिनिक नहीं चला सकता. उन्होंने कहा कि फर्जी डिप्लोमा एवं डिग्री लेकर चिकित्सा का व्यवसाय करने वाले लोगों पर कठोर कार्रवाई की जायेगी. श्रीमति खरे ने कहा कि धर्मदेव विश्वकर्मा समेत सभी झोलाछाप डॉक्टरों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई होगी.

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राज्य भर में फर्जी डिग्री के आधार पर हजारों चिकित्सक अपना दुकानदारी चला रहे हैं. राज्य में झोलाछाप चिकित्सकों की फौज तैयार हो गई है. ग्रामीण क्षेत्र में ये ज्यादा सक्रीय है. बीमार लोगों को अपने अंदाज के आधार पर ये चिकित्सक इलाज करते हैं. इससे मरीजों की बीमारी ठीक तो नहीं होती, बल्कि वे कई प्रकार की बीमारी से ग्रसित हो जाते हैं. बाद में बीमार व्यक्ति व उनके परिवार की परेशानी बढ़ जाती है.

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