न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

धनबादः टेलीस्कोपिक राइफल से दागी गोली, कमर में खोंसे है माउजर…

अहम सवालः दहशत फैलानेवाले इस वायरल वीडियो पर पुलिस क्या करती है

2,059

Dhanbad: धनबाद के युवक का एक वीडियो वायरल हो रहा है. वह कमर में माउजर खोंसे हुए है और टेलीस्कोपिक राइफल से हवा में गोलियां दाग रहा है. कानून उस युवक को टेलीस्कोपिक राइफल से गोलियां दागने की इजाजत नहीं देता. ऊंची दीवारों से घिरे घर के आंगन में वह टेलीस्कोपिक राइफल से हवा में गोलियां दागता है. कोई उसका वीडियो बना रहा है. हवा में युवक जैसे ही राइफल से गोलियां दागता है, धोती कुर्ता पहने एक 50-55 साल के डील-डॉल वाला व्यक्ति एक तरफ से युवक के पास आता है.

इसे भी पढ़ें – झारखंड स्टेट स्पोर्ट्स प्रमोशन सोसाइटी में नहीं है सब कुछ ठीक-ठाक

शहर के मुख्य इलाके का ही है वीडियो

यह वाकया संभवतः दीपावली के दिन का है. वीडियो में अगल-बगल के घरों में विद्युत लट्टुओं की सजावट दिख रही है. अगल-बगल के घर की बनावट सरकारी क्वार्टरों की तरह दिख रही है. तस्वीर शहर के ही मुख्य इलाके की प्रतीत हो रही है. यह वीडियो इंस्ट्राग्राम पर लोड किया गया है. पोस्ट करनेवाले के नाम की जगह मशहूर फिल्म शोले के किरदार गब्बर सिंह के डायलाग का अंश है…कुछ नहीं पता. इसके नीचे इन कोल कैपिटल धनबाद लिखा है.

इसे भी पढ़ें – चंद्रबाबू नायडू के भाजपा विरोधी मोर्चे से जुड़े डीएमके के स्टालिन

पुलिस-प्रशासन को खुली चुनौती

palamu_12

यह वीडियो कुछ ही सेकेंड का है, पर धनबाद के प्रशासन के लिए खुली चुनौती है. अगर, युवक लाइसेंसी राइफल से ही हवा में गोलियां चला रहा तो क्या कानून उसे ऐसा करने की इजाजत देता है? युवक राइफल से फायरिंग करते हुए कमर में माऊजर खोसे हुए है, क्या यह भी लाइसेंसी है? वह कौन है जिसे प्रशासन ने टेलीस्कोपिक राइफल और माऊजर का लाइसेंस एक साथ दिया है? ऐसा कौन अत्याधिक असुरक्षित व्यक्ति है? अगर इन आग्नेयास्त्रों का लाइसेंस भी है तो स्पष्ट है कि यह गोलियां दाग रहे युवक के नाम से नहीं ही होगा. फिर, गोलियां दागते हुए वीडियो सोशल मीडिया पर अपलोड करना प्रशासन को खुली चुनौती है. यह सोशल मीडिया के मार्फत धनबाद में दहशत फैलाने की कोशिश है. वीडियो देखकर कोई भी कह सकता है कि जिस व्यक्ति ने इसे सोशल मीडिया पर अपलोड किया है, उसे पुलिस प्रशासन और कानून की जरा भी परवाह नहीं. पुलिस ने अगर इस तरह के वीडियो सोशल मीडिया पर अपलोड करने पर सार्थक कार्रवाई नहीं की तो इस बात की आशंका है कि सोशल मीडिया इस तरह समाज और शहर में दहशत फैलाने का माध्यम बन जाएगा.

इसे भी पढ़ें – मोमेंटम झारखंड का हवाला देकर प्राइवेट यूनिवर्सिटी नहीं बना रही अपना कैंपस

धनबाद में बंदूक-गोली का खेल पुराना है

धनबाद में बंदूक गोली का खेल नया नहीं. यहां नाजायज आग्नेयास्त्रों से ही आये दिन हत्याएं होती हैं. पुलिस ने यहां असामाजिक तत्वों के पास मौजूद आग्नेयास्त्रों के जखीरे को खत्म करने की कभी कोशिश नहीं की. मालूम हो कि धनबाद के पूर्व डिप्टी मेयर नीरज सिंह की हत्या आधुनिक आग्नेयास्त्र से की गयी. गैंग्स आफ वासेपुर की कई लड़ाइयों में एके-47 का उपयोग किया गया. यहां आग्नेयास्त्रों के कई सप्लायर दशकों पहले चिह्नित किये गये हैं. ताज्जुब है कि इन सप्लायरों का पुलिस के वरीय अधिकारियों से मधुर संबंध रहा है. पुलिस पर आरोप भी लगता रहा है क उन्हें गलत तरीके से लाभ पहुंचाया गया है. ऐसे में धनबाद से बारूद की गंध कैसे खत्म होगी? इस सवाल का जवाब तलाशना ही होगा, नहीं तो धनबाद की कानून व्यवस्था की स्थिति बिगड़ने से रोका नहीं जा सकता. सोशल मीडिया पर गोलियां दागते डाला गया ताजा वीडियो यहां की बिगड़ी कानून व्यवस्था की स्थिति को ही परिलक्षित करता है.

इसे भी पढ़ें – झारखंड के 40 हजार स्कूलों में अब मोबाइल एप से होगी निगरानी

न्यूज विंग एंड्रॉएड ऐप डाउनलोड करने के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पेज लाइक कर फॉलो भी कर सकते हैं.

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

%d bloggers like this: