Dhanbad

धनबाद: अतिक्रमण मुक्त के सवाल पर सिंदरी के दुकानदारों ने दिखाई एकजुटता

Dhanbad: हम दुकानदार हैं, जहां चाहें वहां अपनी दुकान लगा सकते हैं और बढ़ा सकते हैं. चाहे सरकारी बिल्डिंग हो या गैरसरकारी इमारतें या फिर सड़क हो अथवा फुटपाथ, अतिक्रमण तो होगा ही. अगर, दुकान हटाएंगे तो मुआवजा मिले साथ ही दुकान बना कर प्रशासन बसाऐ. दुकानदारों के इस दलील के आगे तमाम प्रशासनिक महकमा नतमस्तक है. नतीजा सड़क से फुटपाथ तक दुकानों की लंबी दूरी तक कतार आपको दिख जाएगा. सरकारी बिल्डिंग हो या समाजिक और राजनीतिक संस्था का द्वार, सभी जगह रोजीरोटी के नाम पर अतिक्रमण नया ट्रेड बनकर उभरा है. धनबाद के सिंदरी में शहरपुरा बाजार के चारो ओर की सड़कें अतिक्रमण का मार झेल रहा है. मुख्य बाजार और सड़क के बीच की करीब 40 फीट जगह को अतिक्रमण कर एक कतार से दुकानें खोल ली गई है. वहीं फुटपाथ कब्जा कर सड़क तक दुकान बना लिया गया है. इसके कारण शहरपुरा बाजार आने जाने वाले ग्राहकों को दिक्कत तो है ही सड़क पर जाम की स्थिति से आवागमन में परेशानी लोगों को झेलना पड़ता है. बाजार के चारो ओर बने मुख्य नालियों को भी अतिक्रमण कर दुकानें बना ली गई है. सड़क और फुटपाथों के साथ शहरपुरा बाजार समेत एफसीआई की जमीन को अतिक्रमण करने के खिलाफ एफसीआई प्रबंधन ने कड़ा रुख अख्तियार किया है. और अतिक्रमण मुक्त अभियान चलाने को लेकर गत 18 अगस्त को सभी दुकानदारों एवं अतिक्रमणकारियों को नोटिस जारी किया है. एफसीआई ने एक महीने की मोहलत देते हुए अतिक्रमण हटाने का निर्देश जारी किया है. एफसीआई के इस अतिक्रमण मुक्त अभियान के सवाल पर सिंदरी के दुकानदारों ने एकजुटता दिखाई है. फैसला लिया है कि सड़क से एक मीटर की दूरी छोड़कर दुकानें लगाएंगे.

आज शुक्रवार को सिंदरी चेम्बर ऑफ कॉमर्स के सचिव सह जिला चेम्बर ऑफ कॉमर्स के उपाध्यक्ष दीपक कुमार दीपू के नेतृत्व में झुगी-झोपड़ी और फुटपाथी दुकानदारों के साथ शहरपुरा बाजार के मुख्य दुकानदारों ने शहरपुरा के शिव मंदिर प्रांगण में दूसरी बार बैठक की. जिसमे एफसीआईएल प्रबंधन से अतिक्रमण हटाने के अभियान को लेकर गुरुवार को हुई वार्ता का विवरण दिया गया. मीटिंग में कहा गया कि सभी दुकानदारों को सड़क से दो मीटर पीछे जाना होगा. जहांं जगह कम होगा, वहांं एक मीटर जाना होगा. जिसे सभी फूटपाथी दुकानदारों ने एक सुर में हामी भरी.

झोपड़ी मार्केट में नोटिस के बाबजूद बन रहा तीन मंजिला इमारत

साथ ही जो आवंटित दुकान भी रोड का अतिक्रमण किए है वो भी अपने एलोटेड जगह पर चले जाएं, इस बाबत भी ऐलान किया गया. श्री दीपू ने एक कमिटी गठन करने को कहा जिसमें सभी क्षेत्रों के दुकानदारों को रखने की बात कही गई ताकि भविष्य में जरूरत पड़ने पर एकजुटता बनाया जा सके. श्री दीपू ने सभी दुकानदारों को आश्वस्त किया कि अगर सभी दुकानदारों ने साथ दिया तो एफसीआइएल से आवंटन का मार्ग भी निकलेगा. कहा कि दुकानदारों को ऐसा उदाहरण पेश करना चाहिए ताकि उनके डिमांड पर प्रबंधन का रुख सकारात्मक हो और भविष्य में आवंटन का मार्ग प्रशस्त हो.

सभी दुकानदारों ने एक सुर में कहा कि हमसभी एक मीटर और ज्यादा वर्तमान स्थिति से पीछे चले जायंगे. मीटिंग में दिलीप रिटोलिया, पवन शर्मा, कृष्णा यादव ,महेंद्र गुप्ता,संजय प्रशाद, दिलीप कुमार, अंजीत प्रसाद, नागेन्द्र प्रसाद , राजेन्द्र प्रसाद,जे पी सिंह, बुधन राम सहदेव गुप्ता, उदय प्रसाद, राजू प्रमाणिक, आनंद कुमार, दामोदर गुप्ता, शम्भू, मनोज सिंह, सुनील, मुर्तुजय प्रसाद,बिनय कुमार राजू, संदीप कुमार अनिल ठाकुर,उपेन्द्र गुप्ता,अशोक शर्मा, किशोर कुमार,महेंद्र गुप्ता, मिलन मंडल,नन्द लाल, संतोष,भगत मंडल, अमित ,अनिल सिंह, राकेश कुमार,अजय साव, संजीत अरुण दिलीप दास ,राजू प्रमाणिक ,पंच देव गुप्ता ,रिजवान खान ,राज बीर प्रवीर,मंटू, शंभु, इंद्रमोहन सिंह, फुटकर झोपड़ी के दुकानदार भी उपस्थित थे.

बताते चलें कि सिंदरी टाउन के करीब 65 सौ एकड़ जमीन पर एफसीआई का मालिकाना अधिकार है. साल 2002 में एफसीआई खाद कारखाना बंद होने के बाद एफसीआई के वीएसएस इंप्लाइज को लीज पर आवास आवंटन की गई. वहीं करीब तीन हजार से अधिक आवासों को कब्जा कर लिया गया. वहीं सैकड़ों एकड़ बड़े बड़े खाली पड़े मैदान और स्थानों को कब्जा कर छोटे छोटे बस्ती बस गए. साल 2018 में हर्ल के खाद कारखाना प्रोजेक्ट धरातल पर उतरने के बाद सिंदरी शहर के सभी चौक चौराहे और शहरपुरा बाजार की सड़कों का तेजी से अतिक्रमण हुआ. वहीं झोपड़ी मार्केट नाम से बिख्यात बाजार तीन मंजिला इमारत में तेजी से तब्दील हो गया. एफसीआई प्रबंधन की चुप्पी और फर्टिलाइजर मिनिस्ट्री की लापरवाही से एफसीआई की हजारों करोड़ की संपदा आज कब्जा धारियों के हाथ है. हद तो यह है कि कब्जा वाले इलाके में सड़क, स्ट्रीट लाइट, नालियों की सुविधा, साफ सफाई मुहैया निगम कराता है जबकि, लीज धारियों को टैक्स पेयर के इलाके में सभी बुनियादी सुविधाएं नदारद है.

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