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धनबाद: 19 साल की उम्र में अगवा हुई लड़की 37 साल की उम्र में अचानक घर लौटी, अब आरोपित मांग रहे इंसाफ

Dhanbad : लोदना ओपी क्षेत्र में रहने वाली एक लड़की वर्ष 2003 में मां रक्षा काली पूजा मेला के दौरान अचानक लापता हो गई थी. उस समय उसकी उम्र लगभग 19 वर्ष थी. शनिवार को लगभग 37 वर्ष की उम्र में वह अचानक घर लौट आई.

लड़की के गायब होने के मामले में पिता ने उस समय लोदना ओपी में अपहरण किए जाने की शिकायत की थी. पुलिस ने मामला दर्ज कर कार्रवाई करते हुए कई आरोपितों को जेल भेजा था. युवती के घर वापस लौटने पर आरोपितों के स्वजन काफी आक्रोशित हैं. उन्होंने कहा कि लड़की के अपहरण के झूठे आरोप में हमारे पिता को जेल जाना पड़ा. इस कारण हम काफी प्रताड़ित हुए. पुलिस से मामले में उचित कार्रवाई की मांग की.

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गौरतलब हो कि वर्ष 2003 में लोदना के मंदिर में रक्षा काली पूजा के दौरान रात में लड़की अपने परिवार के साथ पूजा करने पहुंची थी. इसी बीच मंदिर के मुख्य गेट के पास से लड़की अचानक गायब हो गई. स्वजनों ने काफी खोजबीन की. उसका पता नहीं चला. लड़की के पिता ने लोदना ओपी में पुत्री के अपहरण की शिकायत की. क्षेत्र के रामेश्वर मल्लाह उर्फ बासकीत, उनके पुत्र मनोज निषाद, राजू निषाद और दीपक चौहान पर गलत नीयत से अपहरण करने का आरोप लगाया था. पुलिस ने रामेश्वर, मनोज, राजू को गिरफ्तार कर जेल भेजा था.

जानकारी पाकर लोदना ओपी के अधिकारी दयाशंकर पाठक व चंद्रभूषण प्रसाद मौके पर पहुंच कर लड़की से जानकारी ली. लड़की ने पुलिस को बताया कि हम पूजा मेला के दौरान अपने परिवार से बिछड़ गए थे. अंधेरा में हमको कुछ समझ में नहीं आया. हम चलते-चलते खड़गपुर पहुंच गए. वहीं एक मंदिर में इतने साल रहे. लड़की की इस बात से लोग हैरत में पड़ गए. लोगों का कहना है कि लड़की स्नातक में उस समय पढ़ रही थी. एक निजी स्कूल में पढ़ाने का काम भी करती थी. ऐसे में उसका कहीं चले जाना और फिर अपने घर वापस नहीं लौटना, भरोसा लायक नहीं है. वहीं युवती की मां ने कहा कि अभी घर में कोई पुरूष सदस्य नहीं है. दोनों पुत्र बाहर में नौकरी कर रहे हैं. उनके आने के बाद ही कुछ कहा जाएगा. क्षेत्र के लोग जानकारी लेने के लिए लड़की के आवास पहुंचे. हालांकि लड़की ने मिलने से इन्कार कर दिया.

आरोपित के परिजनों ने पुलिस से लगाई न्याय की गुहार

रामेश्वर की पत्नी भानु देवी ने कहा कि अपहरण के झूठे आरोप में पति सात माह व पुत्र मनोज चार माह जेल में रहा. मुझे काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा. जेल से आने के बाद पति की बीसीसीएल की नौकरी चली गई. बाद में सदमा से उनका निधन हो गया. राजू ने कहा कि तीन माह जेल में गुजारा. अब जब लड़की वापस लौटी है तो हमलोग को पुलिस व न्यायालय से इंसाफ मिलना चाहिए. मृतक रामेश्वर के पुत्र सनोज ने इस संबंध में वरीय पुलिस अधिकारी से शिकायत करने की बात कही. वहीं लोदना ओपी प्रभारी सुशील कुमार सिंह ने कहा कि मामला 18 वर्ष पहले का है. इस मामले की शिकायत करने वाले लड़की के पिता का देहांत हो गया. केस भी खत्म हो गया. हमारी जानकारी में कुछ नही है. इस संबंध में वरीय अधिकारियों को अवगत करा दिया गया है.

Nayika

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