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धनबादः विधायक संजीव सिंह के करीबी रंजय की हत्या मामले में हर्ष सिंह सहित पांच का सरेंडर

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Dhanbad: सरायढेला के किसी स्थान से पुलिस ने दस से अधिक वाहनों के काफिले में हर्ष सिंह सहित पांच लोगों को कोर्ट पहुंचाया. सभी ने सीजेएम की अदालत में सरेंडर किया. जहां से सभी को जेल भेज दिया गया. सरायढेला थानेदार निरंजन तिवारी ने कहा कि पुलिस अभियुक्तों को रिमांड पर लेने की कार्रवाई कर रही है. हर्ष सिंह सहित सभी झरिया के भाजपा विधायक संजीव सिंह के करीबी रंजय सिंह की हत्या के मामले के अभियुक्त हैं.

बता दें कि शुक्रवार दोपहर करीब डेढ़ बजे सरायढेला की तरफ से दस से अधिक वाहनों का काफिला निकला. इसमें पुलिस के कई वाहन थे. काफिले के अंत में कैदियों को ले जानेवाली बस थी. इस काफिले में ही अभियुक्त सीजेएम कोर्ट तक पहुंचे. कोर्ट में सरायढेला थानेदार निरंजन तिवारी भी सदलबल पहुंचे थे. पर हर्ष सिंह दौड़ कर अदालत में दाखिल हो गये और सरेंडर कर दिया. उनके साथ लोदना के राजू खान, झरिया के विनय यादव, भूली के लक्ष्मण और भुटानी सिंह ने भी सरेंडर किया. सभी को जेल भेज दिया गया.

पुलिस ने चिपकाया था कुर्की जब्ती का इश्तेहार

हर्ष सिंह कई महीनों से फरार चल रहे थे. वह पूर्व डिप्टी मेयर नीरज सिंह और वर्तमान डिप्टी मेयर एकलव्य सिंह के मौसेरे भाई हैं. बता दें कि 29 जनवरी 2017 को सरायढेला, चाणक्य नगर के पास झरिया विधायक संजीव सिंह के खासमखास माने जानेवाले रंजय सिंह की गोली मार कर हत्या कर दी गई थी. इस मामले के मुख्य आरोपी नंद कुमार उर्फ मामा को पुलिस ने आरा से गिरफ्तार किया गया था. बता दें कि मामा की गिरफ्तारी के लिए एक बार पुलिस उनके गांव पहुंची थी, तो उनके साथ मारपीट की गयी थी. मामा ने स्वीकारोक्ति बयान में खुलासा किया था कि हत्याकांड को हर्ष सिंह के इशारे पर ही अंजाम दिया गया. बयान में मामा ने बताया था कि 4 जनवरी 2017 को संजीव सिंह के काफिले को रास्ता नहीं देने के कारण रंजय और हर्ष में तनातनी हुई थी. इस बीच रंजय ने पिस्तौल तान कर हर्ष को धमकाया था. इसके परिणाम स्वरूप रंजय की हत्या की साजिश रची गई थी. मामा ने अपने बयान में स्वीकार किया था कि रघुकुल में ही हर्ष सिंह ने पिस्टल उपलब्ध कराई थी. मामा के स्वीकारोक्ति बयान के बाद 20 अगस्त 2018 को सरायढेला पुलिस ने कोर्ट से हर्ष के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट लिया था. इसके बाद से ही हर्ष सिंह लगातार फरार चल रहा था. बीच में हर्ष को हाइकोर्ट से गिरफ्तारी से कुछ दिनों के लिए राहत मिली थी. दोबारा राहत की याचिका को हाइकोर्ट ने खारिज कर दिया था. बता दें कि हर्ष बिहार के आरा जिले के बेरथ गांव का रहनेवाला है. पुलिस ने हर्ष की तलाश में गांव में भी दबिश दी थी. पूर्व में पुलिस ने फरार हर्ष के धैया स्थित आवास पर कुर्की का इश्तेहार भी चिपकाया था. हर्ष सिंह के सरेंडर कर जेल जाने के दौरान मौसेरे भाई वर्तमान डिप्टी मेयर एकलव्य सिंह और कांग्रेस नेता अभिषेक सिंह उर्फ गुड्डू सिंह सहित दर्जनों समर्थक मौजूद थे.

रंजय हत्याकांड में पुलिस की सुस्ती पर उठे थे सवाल

रंजय की हत्या की प्रतिक्रिया में ही पूर्व डिप्टी मेयर सहित चार लोगों की हत्या की बात पुलिस ने प्राप्त साक्ष्य और गवाह से स्थापित करने की कोशिश की है. नीरज सहित चार की हत्या विधायक संजीव के आवास कुंती निवास के करीब हुई थी. रंजय की हत्या संजीव सिंह के चचेरे भाई पूर्व डिप्टी मेयर नीरज सिंह और उनके छोटे भाई वर्तमान डिप्टी मेयर एकलव्य सिंह के आवास रघुकुल के पास हुई थी. इस मामले में पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की. इसके बाद ही नीरज सिंह सहित चार लोगों की हत्या हुई. जबकि, नीरज सहित चार की हत्या में पुलिस ने विधायक संजीव सिंह सहित सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया.

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