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धनबाद: मैथिली दिवस सह जानकी जन्मोत्सव पर सिंदरी जगत जननी माता जानकी मंदिर में हुई विशेष पूजा-अर्चना

Dhanbad: बैसाख शुक्ल पक्ष नवमी तिथि को माता सीता पृथ्वी पर प्रकट हुई थी. इस दिन को जानकी नवमी या सीता नवमी कहा जाता है. इस दिन मिथिलांचल क्षेत्र के मैथिल मैथिली दिवस मनाते हैं. मिथिलांचल के लोग विश्व के किसी भाग में क्यों न हो इसदिन माता जानकी की पूजा अर्चना कर मैथिली दिवस निश्चित तौर पर मनाते हैं.
आज मंगलवार को जानकी नवमी के पावन अवसर पर विद्यापति परिषद परिसर स्थित जगत जननी माता जानकी मंदिर का छठा स्थापना दिवस और मैथिली दिवस धूमधाम से मनाया गया.

कार्यक्रम सुबह 8:30 बजे से ही जानकी मंदिर में पूजा अर्चना से प्रारंभ हुई. इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि सांसद धनबाद पशुपतिनाथ सिंह तथा विशिष्ट अतिथि हर्ल ग्रुप महाप्रबंधक कामेश्वर झा तथा सिन्दरी अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी अभिषेक कुमार उपस्थित रहे. पूजा संपन्न कराने का कार्य डॉ भास्कर झा तथा अमरनाथ झा ने किया. मुख्य अतिथि ने माता जानकी की पूजा अर्चना की. विशिष्ट अतिथियों ने भी माता जानकी की पूजा अर्चना की तथा प्रसाद ग्रहण किया.

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इसके पश्चात मिथिला धर्मध्वज फहराया गया. इसके बाद सांसद ने परिषद के अंदर नवनिर्मित जानकी निलय भवन का उद्घाटन किया. जानकी निलय का उद्देश्य मिथिला संस्कृति तथा कला को विस्तार प्रदान करना है.

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मालूम हो कि जगत जननी सीतामाता मंदिर सिंदरी में लगभग तीन वर्ष से कोई विशेष पूजा नहीं हो पा रही थी. विद्यापति परिषद समिति सिंदरी में उत्पन्न विवाद के कारण पूजा ठप था. मैथिल समाज के लोग इस विवाद से काफी दुखी हैं. मामला धनबाद डीसी से लेकर निबंधन कार्यालय झारखंड सरकार तक पहुंच चुका है. प्रशासन चाहे तो यहां कमेटी विवाद दूर हो सकता है. लेकिन प्रशासनिक शिथिलता के कारण विवाद जस का तस बना हुआ है.

यहां बता दें कि वर्ष 2015 में विद्यापति परिषद सिंदरी में सीतामाता मंदिर का निर्माण कार्य शुरू हुआ था. 15 मई 2016 को जगत जननी माता जानकी मंदिर अस्तित्व में आया. माता सीता की प्रतिमा स्थापित की गई. जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया जाता रहा. सांसद, विधायक के अलावा राज्य और राज्य के बाहर से मैथिली समाज के लोग पहुंचते रहे हैं.

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तीन वर्षों से मंदिर का नहीं हुआ था रंग-रोगन

झारखंड में यह इकलौता मंदिर है. माता सीता की प्रतिमा दान करने वाले डेको निदेशक एएन झा, निर्माण कार्य में अहम योगदान देने वाले जीवकांत मिश्रा, परिषद के सदस्य नीरज मिश्रा, आरएस ठाकुर, कमलेश मिश्र, मनोज मिश्र, शंकर कुमार झा ने दुख जताते हुए कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि विवाद का समापन नहीं हुआ है.

जानकी मंदिर के विकास कार्य बाधित है. तीन वर्षों से मंदिर का रंग-रोगन तक नहीं हुआ जो इसबार किया गया है. चैत्र नवरात्र में मां की पूजा-पाठ भी नहीं हुई. दो वर्ष से वस्त्र तक नहीं बदले गए. समाज के लिए पीड़ादायक है.

बताते चलें कि चैत्र नवरात्र, शारदीय नवरात्र, दिपावली, लक्ष्मी पूजा, वैशाख शुक्लनवमी, स्थापना दिवस पर माता सीता की भव्य पूजा-अर्चना होती है. कार्यक्रम सफल बनाने में केके ठाकुर, अजीत कुमार मिश्रा, चंद्रशेखर झा, हेमंत कुमार ठाकुर, विनोद झा, दिलीप झा, संतोष ठाकुर, रूपक ठाकुर, संतोष झा, संगीत ठाकुर, लक्ष्मी राउत तथा अनिल मालाकार एवं परिषद के सभी सदस्यगण की भूमिका अहम रही.

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