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धनबाद: विधायक ढुल्लू महतो को झटका, धर्मजीत सिंह ने टाइगर फोर्स से रिश्ता तोड़ा

Dhanbad : बाघमारा विधायक ढुल्लू महतो के बेहद करीबी सह भाजपा प्रदेश कार्य समिति सदस्य धर्मजीत सिंह ने टाइगर फोर्स से सभी नाता तोड़ लिया है. धर्मजीत अब केवल भाजपा की राजनीति करेंगे. उन्होंने कहा कि भाजपा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य में शामिल कर भाजपा ने जो उन पर विश्वास जताया है उस विश्वास पर अब खरा उतरने का समय है. भाजपा की नीति को लेकर वे जनता की सेवा करना चाहते हैं. भाजपा संगठन को मजबूत बनाने और पार्टी के आदर्श पर अपना जीवन न्योछावर करेंगे. मालूम हो कि धर्मजीत युवा भाजपा नेता के तौर पर पहचान रखते हैं. धनबाद जिला के सभी छह विधानसभा में पहचान है. लोगों की सेवा के बदौलत पहचान बनाई है.

भाजपा प्रदेश कार्य समिति सदस्य धर्मजीत सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि उनकी भाजपा संगठन के प्रति निष्ठा है. टाइगर फोर्स संगठन में रहकर उन्हें भाजपा से जुड़े काम करने में भारी दिक्कतें आ रही थी. भाजपा संगठन के दायित्वों को पूर्ण निर्वहन हेतू उन्होंने टाइगर फोर्स से नाता तोड़ना बेहतर समझा. और टाइगर फोर्स के जिलाध्यक्ष पद से इस्तीफा देते हुए संगठन की प्राथमिक सदस्यता भी छोड़ दिया है. उन्होंने बताया कि इस्तीफा खुद विधायक ढुल्लू महतो को सौंपा.

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धर्मजीत ने विधायक ढुल्लू महतो से अपने नजदीकी को लेकर कहा कि विधायक जी को मेरे फैसले से अचरज के साथ दुख हुआ लेकिन भाजपा संगठन के प्रति मेरी निष्ठा और भविष्य की उज्ज्वल कामना को लेकर मैंने फैसला लिया है. धर्मजीत ने कहा कि उन्होंने विधायक ढुल्लू महतो से कहा कि लंबे समय तक टाइगर फोर्स की कमान संभाला है. अब, भाजपा संगठन के प्रति निष्ठा दिखाएंगे.

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यहां बता दें कि कोयला खदानों में मजदूरों के शोषण के खिलाफ जिस टाइगर फ़ोर्स का ढुल्लू महतो ने वर्ष 2000 में गठन किया था, आज यह संगठन अपने उद्देश्य के विपरीत चल पड़ा है. इस संगठन का मूल उद्देश्य कोयला क्षेत्र से माफिया राज को खत्म करना था. स्थानीय लोगों को हक और अधिकार दिलाने से लेकर कोयला कंपनियों में युवाओं को रोजगार मुहैया कराना था. लेकिन आज इस संगठन पर उद्योग- धंधों में धांधली तथा कोयला चोरी कराने का आरोप लग रहा है. कहा जाता है कि टाइगर फोर्स संगठन कोयला कंपनियों से रंगदारी वसूलने से लेकर उन्हें डराने- धमकाने का काम करते है.

आरोप यह भी है कि संगठन के लोग ग्रामीणों की जमीन पर कब्जा करने, डीओ धारकों से पैसा वसूलने का काम भी करते है. कहा तो यह भी जाता है कि टाइगर फ़ोर्स के जवान हथियार के बल पर बाघमारा क्षेत्र में आतंक फैलाने का काम करते हैं.

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धर्मजीत के हटने से ढुल्लू विचलित

दरअसल, ढुल्लू महतो के लिए टाइगर फोर्स संगठन हथियार के रूप में काम करता है. बाघमारा में ढुल्लू को तीन बार विधायकी दिलाने में भी इस संगठन की अहम भूमिका रही है. ढुल्लू के बढ़ते कद के पीछे टाइगर फोर्स का बड़ा हाथ है. धर्मजीत सिंह पिछले एक दशक से टाइगर फोर्स जिलाध्यक्ष पद पर कमान संभाल रखा था. धर्मजीत ने टाइगर फोर्स को बढ़ाने में बड़ा योगदान दिया है. धर्मजीत के नेतृत्व में अभी तक लाखों युवा इस संगठन से जुड़ चुके हैं.

आज यह संगठन धनबाद जिले के अलावा बोकारो, गिरिडीह, हजारीबाग, रामगढ़, जामताड़ा, गोड्डा आदि जिलों में सक्रिय है. धर्मजीत के टाइगर फोर्स से हट जाने के बाद विधायक ढुल्लू महतो इतने विचलित हुए कि आनन-फानन में सोमवार को सिंदरी विधायक इन्द्रजीत महतो के घर पहुंचे. विधायक की पत्नी व पूर्व जिला परिषद सदस्य तारा देवी से विधायक के स्वास्थ्य संबंधी जानकारी ली. जल्द से जल्द स्वास्थ्य होने की कामना की.

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मालूम हो कि विधायक इन्द्रजीत महतो कोरोना की दूसरी लहर के दौरान बीमार हो गए थे, उनका ईलाज एक साल से हैदराबाद में हो रहा है. विधायक ढुल्लू महतो के सिंदरी विधायक के घर पहुंचने के राजनीतिक मायने भी हैं. कहा जा रहा है कि धर्मजीत सिंदरी विधानसभा क्षेत्र से भाजपा की टिकट पर चुनाव लड़ना चाहते हैं. विधायक की अनुपस्थिति का लाभ उठाकर जनता के दिल में अपने लिए जगह बनाना चाहते हैं.

धर्मजीत के इस मंसूबे को ग्रहण लगाने के लिए विधायक ढुल्लू ने सिंदरी विधायक की पत्नी से औपचारिक मुलाकात की है. धर्मजीत के बढ़ते कदम को रोकने के लिए इन्द्रजीत महतो की पत्नी का साथ ढुल्लू देंगे. धर्मजीत के प्रति नाराजगी का यह ढुल्लू का पहला कदम है. हलांकि, फिलहाल धर्मजीत और ढुल्लू के बीच खटास होते रिश्ते को लेकर चहुंओर चुप्पी है. धर्मजीत के टाइगर फोर्स संगठन से हट जाने की बात को पूरी तरह से दबा दिया गया है.

ताकि संगठन पर इसका असर नहीं पड़े. भविष्य में देखना दिलचस्प होगा कि धर्मजीत और टाइगर ढुल्लू का रिश्ता किस करवट अंगड़ाई लेता है.

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