DhanbadJharkhand

धनबाद : पलक झपकते हटा दिए गए सरायढेला थानेदार, कोयलांचल से लेकर राजधानी रांची तक चर्चा 

Dhanbad : नीरज हत्याकांड ही नहीं रंजय हत्याकांड, बैंक लूटकांड सहित कई चर्चित कांडो का उद्भेदन कर सूबे में चर्चित हुए इंस्पेक्टर निरंजन तिवारी को थाना प्रभारी के पद से हटा दिया गया है. निरंजन तिवारी को साइबर थाना भेज दिया गया है. वहीं, साइबर थाना के प्रभारी कन्हैया राम को सरायढेला थाना प्रभारी बनाया गया है.

चर्चा खास इसलिए है क्योंकि निरंजन तिवारी को थाना प्रभारी के पद से इसलिए हटाया गया क्योंकि उन्होंने अपने एक वरीय अधिकारी के गैर विभागीय आदेश का समय पर पालन नहीं किया. और यह आदेश उनके लिए महंगा पड़ गया.

हटाये जाने को लेकर कई तरह की चर्चाएं

कोयलांचल में जब सरायढेला थाना प्रभारी सह इंस्पेक्टर निरंजन तिवारी का तबादला साइबर थाना में होने की बात सामने आते ही कई तरह की चर्चाएं भी सामने आने लगी. कई लोगों को यह लगा कि भाजपा विधायक के प्रभाव से तिवारी को हटाया गया है.

इस बीच एक और चर्चा फिजां में फैल गयी. वह यह कि निरंजन तिवारी को अपने क्षेत्र के स्कूल में एक बच्चे का एडमिशन नहीं करा पाना महंगा पड़ गया. साथ ही किसी सीनियर के द्वारा कहे गए अपशब्द को नहीं पचा पाना भी इनके स्वास्थ्य के खिलाफ चला गया.

हालांकि इस चर्चा में किसी का नाम नहीं आ रहा है, लोग इशारे में चर्चा कर रहे हैं. सूत्रों कि माने तो मामला रांची मुख्यालय तक के संज्ञान में चला गया है. सरकारी विभागों में तबादला आम प्रक्रिया मानी जाती है. लेकिन इस तबादले को लेकर कई तरह की चर्चाएं हो रही हैं.

कई मामलों का किया खुलासा

निरंजन तिवारी कांग्रेसी नेता सह पूर्व डिप्टी मेयर नीरज सिंह हत्याकांड की जांच को लेकर खूब चर्चा में आये थे. वर्ष 2017 में नीरज सिंह और उसके तीन सहयोगियों की खुले आम गोली मारकर हत्या कर दी गयी थी.

तत्कालीन वरीय पुलिस अधीक्षक मनोज रत्न चौथे ने इंस्पेक्टर निरंजन तिवारी को इस मामले के अनुसंधान की जिम्मेवारी सौंपी थी. पूरे प्रदेश की नजर नीरज हत्याकांड की जांच पर थी. क्योंकि एक तो नीरज सिंह कांग्रेस नेता के साथ पूर्व डिप्टी मेयर रह चुके थे और दूसरा कोयलांचल के चर्चित भाजपा विधायक संजीव सिंह पर नीरज सिंह की हत्या का आरोप लगा था.नीरज हत्याकांड के सभी शूटर जेल पहुंच चुके हैं.

इसके पहले रंजय सिंह की हत्या हुई थी. रंजय हत्याकांड में शामिल शूटर और साजिशकर्ता भी जेल की सलाखों के पीछे हैं. जिसका उद्भेदन निरंजन तिवारी ने किया था. ये दो मामले ही नहीं इसके अलावा कई विशेष मामलों का खुलासा निरंजन तिवारी ने किया. फिर भी इन्हें थानेदार पद से क्यों हटा दिया गया यह चर्चा का विषय बना हुआ है.

Related Articles

Back to top button
%d bloggers like this: