न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

बच्चे के बाप को बताया मुस्लिम विरोधी, स्कूल ने किया पढ़ाने से इनकार, धनबाद के स्कूल के खिलाफ जांच शुरु

596

Dhanbad:  धनबाद में एक मुस्लिम स्कूल ने एक नेता के बच्चे को पढ़ाने से इनकार कर दिया है. बच्चे के पिता खुद मुसलमान हैं, लेकिन वो बीजेपी से जुड़े हैं. आरोप है कि स्कूल प्रबंधन बीजेपी को मुस्लिम विरोधी पार्टी बताकर, इस पार्टी के मुस्लिम नेता के बच्चे को पढ़ाने से इंकार कर रहा है. अभिभावक ने इसकी शिकायत जिला शिक्षा अधीक्षक से कर स्कूल प्रबंधन पर कार्रवाई की मांग की है.

mi banner add

इसे भी पढ़ें-गोमिया विधायक बबीता देवी को भतीजा हुआ लापता, मामले की मजिस्ट्रेट जांच शुरु

‘नर्सरी के बच्चे के मन पर इन बातों क्या प्रभाव पड़ेगा’
सैय्यद महताब आलम धनबाद के पांडरपाला में रहते हैं. उन्होने कहा कि नर्सरी में पढ़ने वाला बच्चा हिंदू-मुसलमान क्या जाने. अगर स्कूल प्रबंधन बच्चे के सामने मजहब के आधार पर भेदभाव करेंगा तो बच्चे के मन पर क्या असर होगा? सैय्यद महताब आलम ने आजाद नगर स्थित मदर हलीमा पब्लिक स्कूल प्रबंधन पर यह गंभीर आरोप लगाया है.

‘बीजेपी से जुड़ना गुनाह तो नहीं’
सैय्यद महताब का कहना है कि उन्होंने अपने बच्चे का नामांकन उक्त स्कूल में नर्सरी कक्षा में कराया था. नामांकन के बाद से वह नियमित रूप स्कूल जा रहा था, लेकिन जब स्कूल प्रबंधन को इस बात की भनक लगी कि वह बीजेपी के नेता हैं, तो स्कूल प्रबंधन अब बच्चे को पढ़ाने से इनकार कर रहा है.  महताब आलम ने जिला शिक्षा अधीक्षक से स्कूल प्रबंधन पर कार्रवाई करने की मांग की है.

Related Posts

गिरिडीह  :  शिवम स्टील कंपनी समूह में आयकर विभाग की छापेमारी खत्म,  निदेशक भाईयों ने 150 करोड़ की  टैक्स चोरी को स्वीकारा!

डेढ़ करोड़ नकद के साथ एक करोड़ के जेवरात आयकर विभाग ने किये सील, दर्जन भर से अधिक बैंक पासबुक, आउटसेल बुक रजिस्टरों के साथ कई दस्तावेज जब्त

इसे भी पढ़ें- स्विस बैंकों में कालेधन की 50 प्रतिशत वृद्धि : बिगड़ी बैंकिंग व्यवस्था के लिए अभी और बुरे दिन देखने बाकी है

स्कूल प्रबंधन ने किया आरोपों से इनकार
दूसरी ओर स्कूल की प्राचार्या नाजनीन खान ने आरोपों को ख़ारिज करते हुए कहा कि ऐसी कोई बात नहीं है। उनके बच्चे का नामांकन सत्र 2017-18 में किया गया था. वर्ष 2018-19 के सत्र में नामांकन के लिए कहा गया है लेकिन उन्होंने नामांकन नहीं कराया है. लेकिन जब स्कूल की प्राचार्या से पूछा गया कि क्या अगर वे बच्चे का दोबारा नामांकन कराते हैं, तो वे उसे स्कूल में पढ़ने देंगी ? इस पर प्राचार्या ने कुछ भी कहने से इनकार कर दिया. जिला शिक्षा अधीक्षक ने पूरे मामले की जांच के बाद कार्रवाई करने की बात कही है.

न्यूज विंग एंड्रॉएड ऐप डाउनलोड करने के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पेज लाइक कर फॉलो भी कर सकते हैं

हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता...

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

You might also like
%d bloggers like this: