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रघुकुल के इशारे पर काम कर रही है धनबाद पुलिस !

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Dhanbad : झरिया के विधायक के करीबी रंजय सिंह हत्या के मामले में जिस तरह हर्ष सिंह ने पुलिस की मौजूदगी में सीजेएम की अदालत में शुक्रवार दोपहर को चार लोगों के साथ सरेंडर किया और जेल भेजा गया, यह चर्चा का विषय बनस हुआ है. वहीं कई सवाल खड़े करते हैं. क्या पुलिस रघुकुल के इशारे पर काम कर रही है? क्या पूर्व डिप्टी मेयर नीरज सिंह हत्याकांड के शूटरों को रघुकुल के इशारे पर धनबाद जेल से दूसरे जेल में शिफ्ट किया गया? इस सवाल का जवाब लोग जेल प्रशासन को भेजे गये पुलिस के पत्र से तलाश रहे हैं.

सूत्रों के मुताबिक पुलिस ने नीरज हत्याकांड के शूटरों को धनबाद जेल से बाहर भेजने के लिए पत्र लिखा. पत्र में लिखा गया कि विधि-व्यवस्था को देखते हुए इन शूटरों को बाहर भेजना जरूरी है. तत्काल इन शूटरों को बाहर भेज दिया जाए. बाद में इनको वापस भी लाया जा सकता है.

पुलिस हर्ष के समर्थकों की तुलना में कमजोर पड़ गयी

पुलिस के जेल प्रशासन को लिखे पत्र से ऐसा आभास होता है कि हर्ष सिंह के सरेंडर की पुलिस ने पहले से तैयारी कर रखी थी. पुलिस के पदाधिकारियों की मिलीभगत से ही पुलिस के कई वाहनों के साथ एक बड़े काफिले को लेकर हर्ष सिंह सरेंडर करने कोर्ट पहुंचे थे. सरायढेला से कोर्ट पहुंचे काफिले को सैकड़ों लोगों ने देखा. इसे देख लोगों को लगा कि कोई बड़े मंत्री या अधिकारी आये हैं.

इस काफिले की तस्वीर रास्ते में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद है, पुलिस चाहे तो पता कर सकती है कि वास्तविक बात क्या है. इस बीच सीजेएम कोर्ट में हंगामे की तस्वीर से ऐसा लगता है कि वहां पुलिस हर्ष के समर्थकों की तुलना में कमजोर पड़ गयी. मामले की जांच का एसएसपी ने निर्देश दिया है.

अब जांच क्या होगी, यह देखने की बात है. क्या यह जांच होगी कि पुलिस की मिलीभगत से पूर्व नियोजित योजना के तहत हर्ष सिंह ने न्यायालय में आत्मसमर्पण किया. अगर ऐसा नहीं था तो हर्ष जब सीजेएम के अदालत कक्ष की ओर भाग रहा था और रास्ते में गिर गया तो पर्याप्त मौका रहते हुए भी पुलिस ने उसे क्यों नहीं गिरफ्तार किया. एक वीडियो से ऐसा लगता है कि पुलिस ने हर्ष के सरेंडर से पहले उसकी गिरफ्तारी की सिर्फ औपचारिकता निभायी. लक्ष्य किसी तरह हर्ष को अदालत कक्ष में पहुंचा देना था.

आखिर ऐसा क्यों किया गया

विधायक संजीव सिंह के करीबी रंजय सिंह की हत्या 20 जनवरी 2017 को धनबाद नगर निगम के पूर्व डिप्टी मेयर नीरज सिंह और उनके अनुज वर्तमान डिप्टी मेयर एकलव्य सिंह के रघुकुल स्थित आवास से कुछ ही कदम के फासले पर शूटरों ने गोली मार की. रंजय की हत्या की प्रतिक्रिया में ही नीरज सिंह सहित चार लोगों की हत्या हुई. पुलिस का इस मामले में दर्ज आरोप पत्र के मुताबिक नीरज सिंह की हत्या का षड्यंत्र उनके चचेरे भाई झरिया के भाजपा विधायक संजीव सिंह ने रचा.

संजीव ने रंजय की हत्या के बाद कहा था कि उनको कमजोर करने के लिए विरोधियों ने रंजय की हत्या की. संजीव का विरोधी रघुकुल में रहनेवाला नीरज सिंह का मामा नंद किशोर सिंह था न ही उसका मौसेरा भाई हर्ष सिंह. संजीव के खिलाफ नीरज सिंह ने झरिया विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ा था. सभी जानते हैं कि संजीव का रंजय दाहिना हाथ था. ऐसे में मामले में पुलिस का नीरज सिंह और उनके परिवार के किसी सदस्य का नाम अब तक रंजय सिंह हत्याकांड में शामिल नहीं करना पहेली की तरह लग रहा है.

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रंजय की पत्नी ने क्या कहा

न्यूज विंग से बात करते हुए शनिवार को रंजय सिंह की पत्नी रूमी सिंह ने कहा कि पुलिस उनके पति के हत्यारों को बचाने में लगी है. शुरू से इस मामले में पुलिस का रवैया ठीक नहीं है. मामले में हर्ष सिंह का सरेंडर कराना भी पुलिस के नाटक का हिस्सा है. उन्हें सरायढेला पुलिस पर भरोसा नहीं है.

एक तो पुलिस मामले में काफी दिनों तक चुप्पी साधे रही. अब अनुसंधान और अभियुक्तों की गिरफ्तारी के नाम पर नाटक किया जा रहा. पुलिस असली अभियुक्तों तक नहीं जा रही है. शूटरों को रघुकुल में ही हथियार दिए गये फिर भी पुलिस ने अब तक इस मामले में रघुकुल के किसी सदस्य से कड़ाई से पूछताछ नहीं की है.

कौन है हर्ष सिंह

सूर्यदेव सिंह के छोटे भाई राजन सिंह की पत्नी की छोटी बहन से संजय सिंह की शादी करायी गयी थी. संजय सिंह लोयाबाद के मुखिया सिद्धेश्वर सिंह के बेटे थे. मुखिया जी की हत्या हुई थी. वह सत्यदेव सिंह के साथ थे. माफिया गुटों में समझौते के बाद आपसी रिश्ते को ठीक करने के लिए संजय की शादी परिवार में करायी गयी. बाद में संजय सुरेश सिंह के साथ कारोबार करने लगे. सुरेश सिंह का तब सिंह मैंशन से छत्तीस का रिश्ता था जब संजय की रहस्यमय परिस्थितियों में हत्या हुई थी.

धनबाद के एसपी (अब एसएसपी) आवास के सामने चलती कार में संजय को गोली मारने की बात कही गयी. कार में सुरेश सिंह भी बैठे थे. हर्ष सिंह संजय सिंह के पुत्र हैं. पहले तो इस मामले को लेकर घर की औरतों में फुसफुसाहट थी और मामले पर यदा कदा बहस होती थी पर बाद में संजय सिंह की पत्नी की दखल राजन सिंह के परिवार में बढ़ी और झगड़ा बढ़ता गया.

हर्ष को भेजा दो दिनों के रिमांड पर

रंजय सिंह हत्याकांड के आरोपी हर्ष सिंह को सरायढेला पुलिस ने दो दिनों के रिमांड पर लिया है. पुलिस की याचिका पर सीजेएम ने यह आदेश शनिवार को दिया.

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