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धनबाद विधायक राज सिन्हा ने आवासीय कार्यालय पर दिया धरना पर, हजारीबाग में भी धान खरीद के भुगतान की मांग को लेकर वर्चुअल धरना

Dhanbad: धनबाद विधायक राज सिन्हा अपने आवासीय कार्यालय में झारखंड सरकार के खिलाफ एक दिवसीय धरना दिया, और राज्य सरकार को किसान विरोधी बताया.

राज सिन्हा ने कहा कि भारत सरकार जहां किसानों के खाते में हजारों करोड़ की राशि वितरित कर रही है, वहीं राज्य सरकार किसानों से धान क्रय पर अभी तक राशि का भुगतान नहीं कर रही है.

न ही इस वर्ष किसानों से धान ही सही तरीके से क्रय किया गया. धान में मास्टर बता कर झारखंड के वित्त मंत्री रामेश्वर उरांव के द्वारा खरीद पर रोक लगा दी गयी.

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बरही के पूर्व विधायक का मामला इसका ताजा उदाहरण है पूर्व विधायक ने धान क्रय का पैसा अपनी पत्नी के इलाज के लिए मांगा था उन्हें भी नहीं मिला. भाजपा राज्य भर में धरना के माध्यम से निक्कमी सरकार के नीति का विरोध करती है.

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Hazaribagh : बरही के भाजपाइयों ने धान खरीद के भुगतान की मांग को लेकर एक दिनी वर्चुअल धरना दिया. धरना देने वालों में भाजपा जिला उपाध्यक्ष रमेश ठाकुर, पूर्व जिला परिषद सदस्य अर्जुन साहू, भाजपा नेता रंजीत चंद्रवंशी, भाजयुमो जिला आईटी सेल प्रभारी शिवम आनंद, भाजपा युवा मोर्चा पूर्वी मंडल अध्यक्ष रितेश केसरी आदि शामिल हैं.

मौके पर भाजपा जिला उपाध्यक्ष रमेश ठाकुर ने कहा कि झारखंड सरकार किसानों के साथ अन्याय कर रही है. अभी तक किसानों के खाते में पैसा नहीं आना इस सरकार की नाकामी दिख रही है.

वहीं अर्जुन साहू ने कहा कि वर्तमान की सरकार किसानों के साथ धोखा किया है. रंजीत चन्द्रवंशी ने किसानों के धान खरीद का भुगतान अब तक नहीं होने को लेकर हेमन्त सरकार पर हमला बोला है.

उन्होंने महामहिम राज्यपाल महोदया को ऑनलाइन आवेदन देते हुए कहा कि एक ओर कोरोना संक्रमण ने किसानों के रोजी रोटी पर आफत खड़ा कर दिया है, दूसरी ओर धान खरीद पर अब तक भुगतान नहीं होना किसानों के ऊपर दोहरा मार है.

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उन्होंने कहा कि किसानों द्वारा धान बेचे हुए महीनों बीत गए हैं किंतु हेमन्त सरकार ने अब तक किसानों के प्रति उदासीन रवैया ही अपनाया है. धान बुवाई का समय आ रहा है, गर्मी के अंत तक धान बुवाई शुरू हो जाती है.

सरकार के लेटलतीफ रवैया से किसान मजबूर और हताश हैं. कहा कि कोरोना संक्रमण को देखते हुए केंद्र सरकार ने पुनः 80 करोड़ आम जनमानस के लिए खाद्य आपूर्ति का निर्देश दिया है. झारखंड के 13 लाख से ज्यादा किसानों को पीएम किसान सम्मान निधि योजना के तहत 286 करोड़ से ज्यादा पैसे उनके खाते में ट्रांसफर किया गया.

इस योजना के तहत प्रत्येक किसान को छः हजार रुपिया सलाना मिलता है. उन्होंने कहा कि हेमंत सरकार ने पूर्व के रघुवर दास की सरकार की योजनाओं को भी बंद कर किसानों के हक पर कुठाराघात किया है.

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