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जान जोखिम में डालकर चलते हाइवा से कोयले की चोरी करते हैं 10 से 12 साल के बच्‍चे

झरिया में दिन दहाड़े होनेवाली कोयला चोरी का दंग कर देने वाला वीडियो

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Dhanbad : यह है दबंगयी, ऐसी दबंगयी जिसे देखकर सोंचने को मजबूर होंगे कि कोयलाचोरी रोकने में पुलिस प्रशासन लगा है कि इसमें सहयोग दे रहा है. सुबह से लेकर रात तक और रात से लेकर सुबह तक चौबीसो घंटा कतरास मोड़ से केंदुआ सड़क पर रोज होने वाली हजारों टन कोयला चोरी हैरान करने वाली है. इसे लेकर वर्चस्व की लड़ाई में बम गोली चलने की वारदात होती रही है. इसके बाद भी कोयलाचोरी का कारोबार बेधड़क चल रहा है. यह रास्ता सुनसान नहीं है दिन रात इस होकर लोग आते जाते रहते हैं. यदा..कदा पुलिस की पेट्रोलिंग गाड़ियां भी इस सड़क से गुजरती रही है. इसके बाद भी धंधे पर कोई असर नहीं पड़ता है.

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रास्‍ते में ही है जनता मजदूर संघ का कार्यालय

‌राजापुर साइडिंग से बीएआर रेलवे साइडिंग तक अनवरत हाइवा से कोयला ढुलाई चलती रहती है. जब तक हाइवा झरिया-धनबाद मेन सड़क पर रहता है तब तक कोयला चोरी नहीं होती है. हाइवा जैसे ही कतरास मोड़ से केंदुआ सड़क पर मुड़ता है चोर सक्रिय हो जाते हैं. दस से बारह साल के बच्चे हाथ में एक राड लेकर सड़क किनारे खड़े रहते हैं.

कोई हाइवा आते देखकर बच्चे सक्रिय हो जाते हैं. राड ऊपर से टेढ़ा होता है. उसे बच्चे रफ्तार में भागते हाइवा के डाला से फंसा कर उसके सहारे चढ़ जाते हैं. हाइवा पर चढ़ते ही बच्चे ऊपर ढंके तिरपाल को फूर्ति से हटाते हैं और कोयला सड़क किनारे फेंकने लगते हैं. सड़क पर कोयला बटोरने के लिए बहुत सी औरतें रहती है. इस मार्ग से दिन रात दो सौ से अधिक हाइवा गुजरता है. इन हाइवा से कोयला चुराकर बच्चे सिंह नगर पुल के पास उतर जाते है. बता दें कि इसी रास्ते पर झरिया के विधायक संजीव सिंह और उनकी यूनियन जनता मजदूर संघ का कार्यालय है.

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‌रोज हजारों टन कोयले की होती है चोरी

‌इस मार्ग पर हाइवा से रोज हजारों टन कोयले की चोरी हो रही है. इस कोयला चोरी को लेकर क्षेत्र के रंगदार आये दिन लड़ते भिड़ते रहे हैं. पुलिस के पास मामला पहुंचने पर कुछ कार्रवाई भी होती है. पुलिस यदा..कदा कुछ धंधेबाजों को पकड़ती है पर अनवरत होनेवाली चोरी नहीं रोकती. पुलिस का गश्ती वाहन इधर आते ही चोरी करनेवाले किनारे हो लेते हैं. औरतें दिन में एक दो बार कोयला गिराने की जगह पर झाड़ू बहारू भी कर देती हैं. धंधा जिस तरह अनवरत हो रहा है इसे देखकर स्पष्ट होता है कि इसमें पुलिस प्रशासन, स्थानीय रंगदार सहित कोयला सप्लाइ करनेवालों की मिली भगत है. चोरी कराने वाले इसमें शामिल महिला और बच्चों को बदले में प्रति टन के हिसाब से मेहनताना देते हैं.

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