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#Dhanbad: डॉक्टर की लापरवाही से गर्भवती की मौत के मामले में एफआइआर के बाद भी कार्रवाई नहीं

Dhanbad : बोकारो जिले के दुग्धा मंदिर कॉलोनी के रहने वाले बबलू सिंह पत्नी सोनी देवी को सात जून 2019 को धनसार स्थित चक्रवर्ती नर्सिंग होम लाये थे. पत्नी गर्भवती थी.

यहां पर डॉक्टर डी चक्रवर्ती ने सोनी देवी को DNC कराने की सलाह दी. डॉक्टर की सलाह पर सोनी देवी की DNC करायी गयी. इसके बाद डॉक्टर ने उसे घर ले जाने को कह दिया.

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लेकिन आठ जून को ही उसके पेट में दर्द शुरू हो गया. परिजन उसे उठाकर फिर चक्रवर्ती नर्सिंग होम ले आये. अब डॉक्टर ने अल्ट्रासाउंड करवाया. अल्ट्रासाउंड में पत्नी की बच्चादानी में छेद पाया गया.

लेकिन डॉक्टर ने इसकी जानकारी परिजनों को नहीं दी. बबलू सिंह बताते हैं कि डॉक्टर ने उन्हें मुगालते में रखकर आठ से 11 जून तक पत्नी को भर्ती रखा.

इसके बाद उसकी स्थिति बिगड़ने लगी तो उसे बीजीएच रेफर कर दिया गया. पत्नी की गंभीर हालत के कारण बीजीएच ने भर्ती करने से इंकार कर दिया और उसे मेडिका ले जाने की सलाह दी.

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रांची के मेडिका में 11 से 24 जून तक उसका इलाज चला लेकिन उसकी हालत में सुधार नहीं हुआ और 24 जून को ही उसकी मौत हो गयी.

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मुगालते में रखकर रुपये ऐंठते रहे डॉक्टर

बबलू सिंह ने बताया कि डॉ डी चक्रवर्ती ने उन्हें मुगालते में रखकर उनसे सिर्फ रुपये ऐंठने का काम किया. पत्नी के इलाज में उसके नौ लाख रुपये खर्च हो गये. इसके बावजूद उसकी जान नहीं बच पायी.

पत्नी के इलाज के कारण घर की आर्थिक स्थिति बिगड़ गयी और दो बच्चे, जो सात साल और पांच साल के हैं, अनाथ हो गये.

मामले की शिकायत उन्होंने उपायुक्त और मुख्यमंत्री के जनसंवाद में भी की लेकिन कोई लाभ अब तक नहीं मिल सका है. उन्होंने इस संबंध में बैंक मोड़ थाना में FIR भी करवायी है.

इसके बावजूद डॉक्टर के खिलाफ अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गयी है.

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न्याय के लिए कार्यालयों का चक्कर लगा रहा है बबलू

अब न्याय की आस में बबलू डीसी ऑफिस और सिविल सर्जन कार्यालय का चक्कर लगा रहा है.

उपायुक्त अमित कुमार ने सिविल सर्जन गोपाल दास को एक टीम बनाकर जांच करने का आदेश दिया लेकिन छः महीने बाद भी अब तक रिपोर्ट नहीं दी गयी है.

बबलू का कहना है कि अधिकारियों की मिलीभगत से जांच नहीं हो पा रही है और हमें न्याय नहीं मिल रहा है.

हमने किया है सही इलाज : डॉ डी चक्रवर्ती

इस संबंध में डॉक्टर डी चक्रवर्ती का कहना है कि हमने सही इलाज किया है. अल्ट्रासाउंड भी करवाया और बेहतर इलाज के लिए बीजीएच रेफर कर दिया. इसमें मेरी कोई गलती नहीं है.

जबकि सिविल सर्जन गोपाल दास का कहना है कि डॉक्टर और एडीएम की टीम जांच कर रही है. जांच रिपोर्ट आने के बाद अगर डॉक्टर दोषी पाये जायेंगे तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जायेगी.

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