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धनबाद : CIMFR समापन समारोह को राज्यपाल रमेश बैस ने किया संबोधित, Petrol-Diesel की बढ़ती कीमतों पर कही ये बात

Dhanbad : केंद्रीय खनन एवं ईंधन अनुसंधान संस्थान ( CIMFR) के प्लैटिनम जुबली समापन समारोह में बतौर मुख्य अतिथि झारखंड के राज्यपाल रमेश बैस पहुंचे. जहां उन्होंने वैज्ञानिकों को संबोधित करते हुए कहा- पेट्रोल-डीजल की कीमतें लगातार बढ़ रही है. लोग इलेक्ट्रिक वाहन की ओर जा रहे हैं. ऐसे वक्त में नए आविष्कार बड़ा बदलाव ला सकते हैं.

उन्होंने वैज्ञानिकों से कहा कि कोयले का प्रचुर भंडार होने के बावजूद कोयला आयात करना पड़ रहा है. विज्ञानी इस क्षेत्र में और शोध करें ताकि आयात करने की जरूरत ना पड़े और करोड़ों का राजस्व विदेशों को न जाए.

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उन्होंने कहा कि हम जो शर्ट पहनते हैं उसके कॉलर का पेटेंट भी विदेश के पास है. ऐसा नहीं है कि हमारे देश के विज्ञानी नये शोध और आविष्कार नहीं कर रहे हैं. पर उन आविष्कारों को पेटेंट या मान्यता नहीं मिल पा रही है. नये रिसर्च करें और उसे मान्यता दिलाने की भी कोशिश करें.

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राज्यपाल रमेश बैस ने कहा कि वैज्ञानिकों को नए विकल्प और आविष्कार पर काम करने की जरूरत है. नए विकल्पों को लेकर उम्मीद जताते हुए उल्लेख करते हुए कहा कि कई बार अखबारों के माध्यम से यह पता चलता है कि एक सामान्य से मिस्त्री ने पानी से चलने वाले गाड़ी का आविष्कार कर दिया है. अगर एक सामान्य मिस्त्री ऐसा कर सकता है तो क्या वैज्ञानिक ऐसा नहीं कर सकते ?

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राज्यपाल ने अपने जीवनी के कुछ अंश सामने रखा और कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई के कार्यकाल में मैं जब मंत्री था तो मेरे पास खनन का भी प्रभार था. उस दौरान मैंने देश दुनिया के कई खनन क्षेत्रों का दौरा किया था. पर इस क्षेत्र ( धनबाद कोयलांचल) में पहली बार आया हूं.

समारोह को नीति आयोग के सदस्य पदमश्री डॉ. वीके सारस्वत, सांसद पशुपतिनाथ सिंह, सिंफर रिसर्च काउंसिल के अध्यक्ष प्रोफेसर एस द्वारकादास सिंफर, निदेशक डॉ. प्रदीप कुमार सिंह ने भी संबोधित किया.

इसके साथ ही सिंफर की मदद से चेन्नई में विकसित संयंत्र का भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए ऑनलाइन उद्घाटन हुआ. विज्ञानियों ने घरेलू कचरा के तरल पदार्थ से पोटाश निष्कासन के लिए पायलट संयंत्र तैयार किया है. इसकी स्थापना चेन्नई में हुई है. इस संयंत्र की सफलता के बाद देश के दूसरे शहरों में भी इसे विकसित किया जा सकता है.

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